Budget 2023: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (finance minister nirmala sitharaman) ने 2023-24 के लिए बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कई बड़े एलान किए। इसके साथ ही उन्होंने लैब में बनने वाले हीरों पर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के हीरों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार आईआईटी को ग्रांट देगी। इसका कारण यह है कि अब प्राकृतिक हीरों के बाद लैब में निर्माण होने वाले हीरों का बाजार बढ़ रहा है। इस उद्योग को बढ़ाने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करना जरूरी है। इनके लिए मैन्यूफैक्चरिंग लैब का निर्माण किया जाएगा।
Budget 2023: जानिए लैब में कैसे बनते हैं हीरे, ऐसे हीरों के लिए बजट में वित्त मंत्री ने किया बड़ा एलान
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जानिए लैब में कैसे बनते हैं हीरे
लैब में बने आर्टिफिशियल हीरे भी देखने में बिल्कुल असली हीरे की तरह होते हैं। जब कार्बन के कई अणुओं को जोड़ा जाता है, तो हीरा बनता है। इसको बनाने के लिए लैब में उच्च तापमान और दबाव पैदा करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस प्रकार कोयला हीरा में बदल जाता है या बदला जाता है, उसी तरह हीरों को इंसान और जानवरों के शरीर के ऊतकों से भी बनाया जा सकता है।
दरअसल हीरा कार्बन के अणुओं का एक समूह है जो आपस में जुड़े होते हैं। उदाहरण के तौर जिस प्रकार किसी डब्बे में किसी सामान को ठूंस-ठूंसकर भरते हैं, उसी तरह जब कार्बन के अणुओं को बहुत अधिक दबाव और तापमान पर इकट्ठा किया जाता है तो हीरे का निर्माण होता है। लैब में बनने वाले हीरों के लिए इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है।
वाष्पीकरण तरीका
रासायनिक वाष्प निक्षेप का इस्तेमाल करके भी हीरे बनाए जाते हैं। इस प्रक्रिया के तहत कार्बन के अणुओं को भाप बनया जाता है। ऐसा करने से वह गैस की तरह बन जाते हैं। इसके बाद नली का इस्तेमाल कर भाप को जमा करते हैं और उसमें कुछ रासायन मिला दिया जाता है। इसके बाद उनको आपस में मजबूती से जुड़ने दिया जाता है। इस प्रकार कार्बन के अणु हीरे जैसे बन जाते हैं। फिर एक्सपर्ट उसे काटकर और पॉलिश कर हीरे जैसी चमक लाते हैं।
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