14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार द्वारा बालाकोट में जैश के आतंकी ठिकानों पर वायुसेना द्वारा किए गए हवाई हमले के बाद से एयर इंडिया सहित देश की अन्य विमानन कंपनियों को रोजाना घाटा हो रहा है। इस हमले के बाद से हवाई कंपनियों पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है।
बालाकोट हमले के बाद एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस को क्यों हो रहा रोज करोड़ों का नुकसान
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पाकिस्तान ने बंद किया हवाई मार्ग
बालाकोट के बाद पाकिस्तान ने अपने हवाई मार्ग को बंद कर दिया है। इससे देश में कार्यरत सभी विमानन कंपनियों को अपनी विदेश जाने वाली उड़ानों के लिए लंबा रूट लेना पड़ रहा है। इससे हवाई ईंधन की खपत में 2.5 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। अभी 15 मई तक पाकिस्तान अपने हवाई मार्ग को विदेशी उड़ानों के लिए बंद रखेगा।
700 डॉलर का खर्चा
विमानन कंपनियों को एक किलोलीटर हवाई ईंधन खरीदने के लिए 700 डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं। फिलहाल पाकिस्तान की हवाई सीमा बंद होने से करीब 400 विमानों पर असर पड़ रहा है। लंबे रूट के विमानों को कम से कम 500 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर आना पड़ रहा है। फिलहाल एक किलोलीटर हवाई ईंधन का दाम दिल्ली में 65 हजार रुपये से ज्यादा का हो गया है।
एयर इंडिया पर सबसे ज्यादा असर
इस रोक से एयर इंडिया पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। एयर इंडिया को रोजाना छह करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इस तरह 15 मई तक इसको 100 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है।
पिछले दो महीने में एयर इंडिया को हवाई सीमा बंद होने के बाद 372 करोड़ का नुकसान हो चुका है। अभी दिल्ली से यूरोप जाने वाली उड़ान पर 1.5 घंटा, दुबई एक घंटा और अमेरिका वाली उड़ान के समय में तीन घंटा अतिरिक्त समय लग रहा है।
इंडिगो, स्पाइसजेट को भी नुकसान
20 मार्च को इंडिगो ने दिल्ली-इस्तांबुल के बीच सीधी उड़ान सेवा को शुरू किया था। लेकिन पाक हवाई सीमा के बंद होने से उसको एक तरफ से हवाई ईंधन तीन हजार किलो अतिरिक्त खरीदना पड़ रहा है। स्पाइसजेट ने अपनी दिल्ली-काबुल उड़ान को स्थगित कर दिया है। वहीं दिल्ली से खाड़ी देश में जाने वाली उड़ानों पर भी असर देखने को मिल रहा है।