जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने तीन महीने से सैलरी नहीं मिलने पर अब कंपनी प्रबंधन और बैंकों से गुहार लगाई है। वहीं कंपनी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन 15 अप्रैल तक बाधित रहेगा। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर के मुंबई हवाई अड्डे पर प्रदर्शन भी किया। इन कर्मचारियों की मांग थी कि इन्हें जल्द से जल्द सैलरी दी जाए, ताकि वो अपने परिवारिक जिम्मेदारियों और खर्चों को पूरा कर सकें।
जेट के कर्मचारियों की गुहारः बचाओ हमारा भविष्य, वेतन के लिए मुंबई में प्रदर्शन
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रोजाना हो रही है दिक्कत
जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने कहा कि हमें तीन महीने से लगातार बिना वेतन के काम करना पड़ रहा है, ऐसे में दिनोंदिन मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कंपनी प्रबंधन केवल आश्वासन दे रहा है कि सैलरी मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। कंपनी के पूरे देश में 16 हजार से अधिक कर्मचारी हैं।
रोजाना हो रही है दिक्कत
जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने कहा कि हमें तीन महीने से लगातार बिना वेतन के काम करना पड़ रहा है, ऐसे में दिनोंदिन मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कंपनी प्रबंधन केवल आश्वासन दे रहा है कि सैलरी मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। कंपनी के पूरे देश में 16 हजार से अधिक कर्मचारी हैं।
नहीं कर रहे हैं विरोध
कर्मचारियों का कहना था कि वो कंपनी के खिलाफ किसी तरह विरोध नहीं कर रहे हैं, केवल अपनी सैलरी के बारे में पूछना चाहते हैं, कि आखिर वो कब तक मिलेगी।
रोजाना हो रहा है 30 लाख डॉलर का नुकसान
जेट को फिलहाल रोजाना 30 लाख डॉलर का नुकसान हो रहा है। इसके साथ परिचालन से बाहर होने वाले विमानों की संख्या 79 पहुंच गयी है। शुक्रवार को जेट एयरवेज के केवल 14 विमान परिचालन में रह गए हैं।