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जिस मिस्बा हाशमी को पीएम ने सराहा, वो पांच घंटे लाल किले में रहीं कैद, सुनाई बवाल की खौफनाक कहानी

Thu, 28 Jan 2021 04:19 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यमुनानगर (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Thu, 28 Jan 2021 04:19 PM IST
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Digital Revolution Role Model Misbah Hashmi Stuck in Red Fort with her team
मिस्बा हाशमी पांच घंटे लाल किले में रहीं फंसीं। - फोटो : अमर उजाला

सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की झांकी में सीएचसी का प्रतिनिधित्व करने गणतंत्र दिवस की परेड में गईं यमुनानगर की मिस्बा हाशमी भी अपनी टीम के साथ पांच घंटे लाल किले में फंसी रहीं। लाल किले के पास जब उनकी झांकी संपन्न हुई तो वहीं पूरी टीम मौजूद थी। लेकिन तभी अचानक उत्पातियों ने लाल किले पर धावा बोल दिया। जिसके बाद मिस्बा और पूरी टीम वहीं फंस गई।

Digital Revolution Role Model Misbah Hashmi Stuck in Red Fort with her team
मिस्बा हाशमी। - फोटो : फाइल फोटो

सूचना मिलने पर सुरक्षाकर्मियों ने उनका रेस्क्यू किया। मगर तब तक सभी लोगों की सांसें अटकी रहीं और वे लोग पानी को भी तरस गए। मिस्बा हाशमी ने बताया कि डरावना मंजर देखकर सभी की सांस अटक गई। उपद्रवी सुरक्षाकर्मियों पर भी हमला करने लगे, ऐसे में कुछ सुरक्षाकर्मी उनके लिए फरिश्ते बनकर आएं और उनके साथ मौजूद करीब डेढ़ सौ युवाओं को लाल किले के अंदर ले गए। उन्होंने कहा कि सभी लोग दीवार से दुबक कर बैठ जाएं और आपस में बातचीत ना करें। 

Digital Revolution Role Model Misbah Hashmi Stuck in Red Fort with her team
मिस्बा हाशमी को सम्मानित करते हरियाणा के सीएम। - फोटो : अमर उजाला

वे अंदर पहुंचे ही थे कि बाहर से तेज आवाज आने लगी और उन्हें खुद की जान भी खतरे में नजर आने लगी। पांच घंटे उन्होंने खौफ में गुजारे। भय के मारे सभी के गले सूखे थे, उनके पास पीने का पानी तक नहीं था। मिस्बा ने बताया कि मोबाइल से उसने युवाओं की टीम को रेस्क्यू करने के लिए ट्वीट भी किया लेकिन बाहर के हालात खराब थे। उन्होंने बताया कि सभी को इस बात का डर था कि कहीं उपद्रवी अंदर आ गए तो कुछ भी अनहोनी हो सकती थी, क्योंकि टीम में काफी संख्या में लड़कियां भी शामिल थीं और उनके पास किसी तरह का हथियार, पत्थर या डंडा भी नहीं था। हालांकि एक दो सुरक्षाकर्मी उनके पास मौजूद थे। 

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Digital Revolution Role Model Misbah Hashmi Stuck in Red Fort with her team
फाइल फोटो।

सभी साथियों ने एक दूसरे का हौसला बढ़ाया। जिससे सभी की हिम्मत बढ़ती गई। शाम को करीब छह बजे शोर कुछ कम हुआ तो उनको राहत महसूस हुई। करीब साढ़े छह बजे सुरक्षाकर्मियों का एक जत्था उन्हें लेने अंदर आया। जब वह बाहर आई तो लाल किला परिसर का मंजर खौफनाक था। जगह जगह पत्थर और डंडे पड़े थे। चप्पल जूते और फटे हुए कपड़े घटना को बयां कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने सभी को बस में बैठाकर सुरक्षित जगह पर भेजा। बाद में देर रात वे सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद के पास मिलने पहुंचे। केंद्रीय मंत्री ने उनका साहस बढ़ाया। मिस्बा ने बताया कि खौफ में गुजारे पांच घंटे याद कर अभी भी वह सिहर जाती हैं।

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Digital Revolution Role Model Misbah Hashmi Stuck in Red Fort with her team
मिस्बा हाशमी ( फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री कर चुके है तारीफ
युवा आंत्रप्रन्योर मिस्बा हाशमी यमुनानगर के गांव बुडिया में सीएससी चलाती है। लंबे संघर्ष और विरोध के बावजूद उन्होंने देश में अपना एक मुकाम हासिल किया। डेढ़ साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के वीएलई को संबोधित किया था। तब प्रधानमंत्री ने मिस्बा से उनकी कामयाबी को लेकर चर्चा की और उसे देश में चल रही डिजिटल क्रांति का रोल माडल बताया था। इसके अतिरिक्त उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। 

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