फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

यहां बना देश का सबसे बड़ा अशोक चक्र, छह महीने में रंग लाई 12 कारीगरों की मेहनत...ये हैं खास बातें

Wed, 26 Dec 2018 02:24 PM IST
ajay kumar निरंजन कुमार राणा, अमर उजाला, यमुनानगर (हरियाणा)
निरंजन कुमार राणा, अमर उजाला, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Wed, 26 Dec 2018 02:24 PM IST
विज्ञापन
India's largest Ashoka Chakra built in Yamunanagar of Haryana
अशोक चक्र

आठ सौ साल पहले जिस अशोक स्तंभ को फिरोजशाह तुगलक यमुनानगर से उठाकर दिल्ली ले गया था। वो आज फिर बनकर तैयार हो गया है। लेकिन इसमें एक खास बात है। ये अशोक चक्र देश का सबसे बड़ा चक्र है। इसे 12 कारीगरों ने छह महीने में तैयार किया और कई लाख लागत भी आई। क्लिक कर पढ़ें क्या है खास बातें...

India's largest Ashoka Chakra built in Yamunanagar of Haryana
अशोक चक्र

अशोक चक्र का निर्माण हरियाणा के यमुनानगर में हुआ है। यहां के टोपरा कलां गांव के लोग उसे वापस तो नहीं ला सकें, लेकिन 45 लाख की लागत से इसका धर्म चक्र बना दिया। अशोक स्तंभ में होने की वजह से धर्म चक्र को अशोक चक्र के नाम से जाना जाता है। 30 फीट ऊंचा सुनहरे रंग का यह चक्र अशोका इडिक्ट पार्क में आठ फीट ऊंचे प्लेटफार्म पर स्थापित कर दिया गया है। 

ग्राम पंचायत व दी बुद्धिस्ट फोरम ने 12 कारीगरों द्वारा छह महीने में इसे तैयार करवाया है। ग्रामीणों के जज्बे को देखते हुए हाल ही में प्रदेश के टूरिज्म डिपार्टमेंट ने अशोका इडिक्ट पार्क विकसित करने के लिए दो करोड़ रुपए की ग्रांट भी मंजूर की है।

India's largest Ashoka Chakra built in Yamunanagar of Haryana
अशोक चक्र

24 तिल्ली वाले इस धर्म चक्र का पांच जनवरी को विधिवत रूप से उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाषचंद्र, प्रदेश के टूरिज्म मंत्री रामबिलास शर्मा समेत कई बड़ी हस्तियां पहुंचेंगी।

एनआरई डॉक्टर का आइडिया
दरअसल दी बुद्धिस्ट फोरम के सदस्य डॉक्टर सत्यदीप नील गौरी फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं और वहां डेंटिस्ट हैं। उनके मन में अशोक चक्र स्थापित करने का विचार आया। इंजीनियर अनिल कुमार ने इसे बनाने की हामी भरी और कई प्रयोग के बाद इसे बनाया।

विज्ञापन
विज्ञापन
India's largest Ashoka Chakra built in Yamunanagar of Haryana
अशोक चक्र
ये है मान्यता
बौद्ध दर्शनशास्त्र के अनुसार धर्म चक्र की 24 तिल्लियों में 12 मन को काबू में करने का प्रतिनिधित्व करती हैं। 12 कर्म और आचार व्यवहार को दर्शाती हैं। यह अध्यात्म और त्याग का संदेश देती हैं। इसे नार्थ-साउथ मेग्नेटिक फील्ड ग्रेविटी के हिसाब से रखा गया है।

खासियतें
6 टन लोहा और 3 टन अन्य सामग्री।
- अब तक 45 लाख रुपए खर्च हुए।
- लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी।
- गोल्डन कलर से पेंट कर लेमिनेट किया है।
विज्ञापन
India's largest Ashoka Chakra built in Yamunanagar of Haryana
अशोक चक्र

अशोक स्तंभ ऐसे ले जाया गया दिल्ली
गांव साबापुर निवासी और गोल्ड इंडिया लेमिनेशन के फाउंडर रोशनलाल कंबोज ने बताया कि सम्राट अशोक ने 2300 साल पहले गुजरात की गिरनार की पहाड़ियों में इस स्तंभ को बनवा कर टोपरा कलां में स्थापित किया था। जिसकी लंबाई 42 फीट व चौड़ाई 2.5 फीट थी। इस पर प्राचीन ब्राह्मी लिपी और प्राकृत भाषा में लिखी गई उनकी सात राजाज्ञाएं खुदी हुई हैं। 

देश का यह एकमात्र स्तंभ है, जिस पर सात राजाज्ञाएं खुदी हुई हैं। 1453 में फिरोजशाह तुगलक जब टोपरा कलां में शिकार के लिए आए तब उसकी नजर इस स्तंभ पर पड़ी। इतिहासकार श्यामे सिराज ने लिखा है कि यमुना के रास्ते इस स्तंभ को दिल्ली ले जाने के लिए एक बड़ी नाव तैयार की गई।
 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed