{"_id":"586a3bf44f1c1b035215858f","slug":"five-reasions-why-anurag-thakur-and-ajay-shirke-removed-from-bcci-by-supream-court","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इन पांच कारणों से गई अनुराग ठाकुर की कुर्सी","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
इन पांच कारणों से गई अनुराग ठाकुर की कुर्सी
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 02 Jan 2017 07:14 PM IST
विज्ञापन
अनुराग ठाकुर के अध्यक्ष बनने के बाद बीसीसीआई ने इसके संकेत पहली कॉनक्लेव धर्मशाला में आयोजित कर दे दिए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार को लोढ़ा कमेटी मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के को बर्खास्त कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के संचालन के लिए नए अधिकारियों की तलाश के लिए फली नरीमन और वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रमण्यम को एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) नियुक्त किया है। आईए जानते है वो पांच कारण जिनकी वजह से अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के दोनों को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।
इन पांच कारणों से गई अनुराग ठाकुर की कुर्सी
anurag thakur
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने 15 दिसंबर को सुनवाई में अनुराग ठाकुर के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि अदालत ने प्रथमदृष्टया पाया है कि अनुराग ठाकुर ने अदालत को गुमराह करने की कोशिश की है। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अगर अदालत के समक्ष गलत बयानी का मामला साबित होता है तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।
इन पांच कारणों से गई अनुराग ठाकुर की कुर्सी
अनुराग ठाकुर
- फोटो : getty
आईसीसी अध्यक्ष शशांक मनोहर की ओर से कोर्ट में दाखिल हलफनामे में ही कहा गया कि ठाकुर ने बोर्ड में सीएजी प्रतिनिधि की नियुक्ति पर इसे सरकारी हस्तक्षेप मानते हुए आईसीसी को पत्र लिखने को कहा था, जबकि कोर्ट में ठाकुर ने हलफनामे के जरिए ऐसा नहीं किए जाने की बात कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन पांच कारणों से गई अनुराग ठाकुर की कुर्सी
अनुराग ठाकुर
- फोटो : getty
बीसीसीआई की आम सभा की 1 अक्टूबर को हुई विशेष बैठक में एक राज्य एक वोट, 70 वर्ष की आयु सीमा, कार्यकाल के बीच में तीन साल का ब्रेक जैसी लोढ़ा समिति की अहम सिफारिशों को BCCI ने खारिज कर दिया गया।
विज्ञापन
इन पांच कारणों से गई अनुराग ठाकुर की कुर्सी
anurag thakur
18 जुलाई को बीसीसीआई में सुधार के लिए गठित लोढ़ा समिति की अधिकांश अनुशंसाओं को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। कोर्ट ने बीसीसीआई को इन अनुशंसाओं को लागू करने के लिए 4 से 6 महीने का वक्त दिया था। किसी भी स्थिति में बोर्ड को कमेटी की अनुशंसाओं जनवरी 17 के मध्य तक पूरी तरह लागू करना था लेकिन हर बार बीसीसीआई ने मामले में ढिलाई बरती और लोढा समिति द्वारा निर्धारित समय सीमा का उल्लंघन किया।