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IND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में डेब्यू कर सकते हैं सारांश; कौन होगा बाहर? नाम जानकर चौंक जाएंगे
Thu, 20 Aug 2026 02:12 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 20 Aug 2026 02:12 PM IST
सार
कोलंबो टेस्ट में भारत की प्लेइंग-11 में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 33 वर्षीय सारांश जैन को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिलने की मजबूत संभावना है। लेकिन सवाल यह है कि उनके लिए किस खिलाड़ी को बाहर बैठना पड़ेगा? पहले टेस्ट के प्रदर्शन के बाद एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।
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सारांश जैन
- फोटो : PTI
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विस्तार
मध्य प्रदेश के इंदौर के 33 साल के स्टार ऑलराउंडर सारांश जैन को भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में होने वाले टेस्ट में खेलने का मौका मिल सकता है। सारांश को पहले टेस्ट में खेलने का मौका नहीं मिला था, लेकिन वह अब दूसरे टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कर सकते हैं। सारांश श्रीलंका दौरे के लिए टीम का नया चेहरा बने थे। वॉशिंगटन सुंदर के अनुपलब्ध रहने के कारण सारांश को मिला था। सारांश दाएं हाथ के स्पिनर हैं और वह लोअर मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज भी हैं। बल्लेबाजी वह बाएं हाथ से करते हैं। सारांश ने फर्स्ट क्लास डेब्यू 2014 में किया था और टीम इंडिया में चयन के लिए उन्हें 12 साल इंतजार करना पड़ा।
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कुलदीप हो सकते हैं बाहर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सारांश के दूसरे टेस्ट के लिए प्लेइंग-11 में शामिल किए जाने की मजबूत संभावना है। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि उन्हें कुलदीप यादव की जगह प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है। कुलदीप गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में दोनों पारियों को मिलाकर 25 ओवर में 103 रन देकर एक विकेट ले पाए थे। उसी पिच पर मानव सुथार ने दोनों पारियों को मिलाकर 10 विकेट और रवींद्र जडेजा ने चार विकेट लिए थे। भारत ने गॉल टेस्ट 165 रन से अपने नाम किया था। इसके अलावा यह भी देखने वाली बात होगी कि गुरनूर को मौका मिलता है या फिर प्रसिद्ध ही खेलते दिखेंगे। भारत के लिए यहां से हर टेस्ट जीतना जरूरी है। एक भी हार या ड्रॉ भारत के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सारांश के दूसरे टेस्ट के लिए प्लेइंग-11 में शामिल किए जाने की मजबूत संभावना है। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि उन्हें कुलदीप यादव की जगह प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है। कुलदीप गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में दोनों पारियों को मिलाकर 25 ओवर में 103 रन देकर एक विकेट ले पाए थे। उसी पिच पर मानव सुथार ने दोनों पारियों को मिलाकर 10 विकेट और रवींद्र जडेजा ने चार विकेट लिए थे। भारत ने गॉल टेस्ट 165 रन से अपने नाम किया था। इसके अलावा यह भी देखने वाली बात होगी कि गुरनूर को मौका मिलता है या फिर प्रसिद्ध ही खेलते दिखेंगे। भारत के लिए यहां से हर टेस्ट जीतना जरूरी है। एक भी हार या ड्रॉ भारत के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है।
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सारांश के फर्स्ट क्लास करियर
सारांश का फर्स्ट क्लास करियर शानदार रहा है। उन्होंने 181 विकेट निकाले हैं और साथ ही 2223 रन भी बनाए हैं। सारांश के पिता सुबोध जैन भी दाएं हाथ के ऑफ-ब्रेक गेंदबाज थे। उन्होंने अपने खेल के दिनों में मध्य प्रदेश के लिए नौ रणजी ट्रॉफी मैच खेले थे, हालांकि उन्हें कभी अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का मौका नहीं मिला। सारांश ने अनुभवी कोच चंद्रकांत पंडित के मार्गदर्शन में अपने खेल को निखारा है। उनकी देखरेख में सारांश एक कभी-कभार टीम में शामिल होने वाले खिलाड़ी से आगे बढ़कर एक प्रमुख और मैच जिताऊ ऑलराउंडर बन गए।
भारतीय स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी और सरफराज खान।
सारांश का फर्स्ट क्लास करियर शानदार रहा है। उन्होंने 181 विकेट निकाले हैं और साथ ही 2223 रन भी बनाए हैं। सारांश के पिता सुबोध जैन भी दाएं हाथ के ऑफ-ब्रेक गेंदबाज थे। उन्होंने अपने खेल के दिनों में मध्य प्रदेश के लिए नौ रणजी ट्रॉफी मैच खेले थे, हालांकि उन्हें कभी अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का मौका नहीं मिला। सारांश ने अनुभवी कोच चंद्रकांत पंडित के मार्गदर्शन में अपने खेल को निखारा है। उनकी देखरेख में सारांश एक कभी-कभार टीम में शामिल होने वाले खिलाड़ी से आगे बढ़कर एक प्रमुख और मैच जिताऊ ऑलराउंडर बन गए।
भारतीय स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी और सरफराज खान।