WTC Table Update: श्रीलंका पर जीत से भारत की स्थिति सुधरी; कितना हुआ अंक प्रतिशत, अब क्या है फाइनल का समीकरण?
गॉल टेस्ट में श्रीलंका को हराकर भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाने के साथ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में अपनी स्थिति भी बेहतर कर ली है। इस जीत से भारत का अंक प्रतिशत 48.15 से बढ़कर 53.33 हो गया है। अब टीम इंडिया के आठ टेस्ट बाकी हैं और फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए हर जीत बेहद अहम होगी।
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विस्तार
श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में 165 रन की शानदार जीत ने भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 की अंक तालिका में बड़ी राहत दी है। मुकाबले से पहले पांचवें स्थान पर मौजूद टीम इंडिया ने जीत के साथ अपने खाते में 12 अंक जोड़े और अब उसके कुल 64 अंक हो गए हैं। इसके साथ ही भारत का अंक प्रतिशत (PCT) 48.15 से बढ़कर 53.33 प्रतिशत हो गया है। भारत ने इसी के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका पर 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज का दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा।
गॉल में जीत से भारत को मिली बड़ी राहत
- भारत ने गॉल टेस्ट में श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा था। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को लक्ष्य तक नहीं पहुंचने दिया और 206 रन पर समेट दिया। इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त भी हासिल कर ली है।
- गॉल टेस्ट में भारत की बल्लेबाजी की नींव देवदत्त पडिक्कल के शानदार 167 रन ने रखी। इसके बाद दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाजों ने जरूरी योगदान दिया। गेंदबाजी में स्पिनरों ने श्रीलंका पर दबाव बनाए रखा और टीम इंडिया ने मुकाबले को अपने नाम किया।
WTC अंक तालिका में कहां पहुंचा भारत?
- गॉल टेस्ट के बाद भारत 10 मैचों में पांच जीत, चार हार और एक ड्रॉ के साथ पांचवें स्थान पर है। उसके खाते में 64 अंक हैं और अंक प्रतिशत 53.33 प्रतिशत है।
- ऑस्ट्रेलिया 77.78 अंक प्रतिशत के साथ शीर्ष पर मौजूद है। दक्षिण अफ्रीका 75 अंक प्रतिशत के साथ दूसरे और न्यूजीलैंड 72.22 अंक प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है।
- बांग्लादेश 66.67 अंक प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है। श्रीलंका को गॉल में हार का नुकसान हुआ है और उसका अंक प्रतिशत 41.67 से घटकर 33.33 प्रतिशत रह गया है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की अपडेटेड अंक तालिका
| रैंक | टीम | मैच | जीत | हार | ड्रॉ | अंक | अंक
प्रतिशत |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | ऑस्ट्रेलिया | 9 | 7 | 2 | 0 | 84 | 77.78% |
| 2 | दक्षिण अफ्रीका | 4 | 3 | 1 | 0 | 36 | 75.00% |
| 3 | न्यूजीलैंड | 6 | 4 | 1 | 1 | 52 | 72.22% |
| 4 | बांग्लादेश | 5 | 3 | 1 | 1 | 40 | 66.67% |
| 5 | भारत | 10 | 5 | 4 | 1 | 64 | 53.33% |
| 6 | श्रीलंका | 5 | 1 | 2 | 2 | 20 | 33.33% |
| 7 | इंग्लैंड | 13 | 4 | 8 | 1 | 38 | 24.36% |
| 8 | पाकिस्तान | 6 | 2 | 4 | 0 | 16 | 22.22% |
| 9 | वेस्टइंडीज | 12 | 2 | 8 | 2 | 30 | 20.83% |
गॉल टेस्ट के बाद भारत के इस विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में अब आठ मुकाबले बाकी हैं। इनमें श्रीलंका के खिलाफ एक टेस्ट (कोलंबो में 23 अगस्त से), न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट (अवे) और ऑस्ट्रेलिया (घरेलू) के खिलाफ पांच टेस्ट शामिल हैं। भारत को ये सभी मुकाबले बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि टीम पहले ही चार मैच गंवा चुकी है।
फाइनल में पहुंचने के लिए क्या करना होगा?
- विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में फाइनल में पहुंचने के लिए कोई तय अंक प्रतिशत कटऑफ नहीं है। पिछले चक्रों के आंकड़ों को देखें तो 60 से 70 प्रतिशत के बीच का अंक प्रतिशत आमतौर पर टीमों को मजबूत स्थिति में रखता है, लेकिन अंतिम समीकरण अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर करता है।
- भारत की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर जरूर हुई है, लेकिन फाइनल की राह अभी भी आसान नहीं है। मौजूदा 53.33 अंक प्रतिशत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने के लिए टीम इंडिया को बाकी आठ टेस्ट में कम से कम छह मैचों में जीत दर्ज करनी होंगी।
- अगर भारत अपने बाकी आठ टेस्ट में से सात में जीत दर्ज करता है और एक मैच हार जाता है, तो उसका अंक प्रतिशत बढ़कर 68.52 प्रतिशत (148 अंक) हो जाएगा। वहीं, अगर भारत सात टेस्ट जीतता है और एक मैच ड्रॉ रहता है, तो उसका अंतिम अंक प्रतिशत 70.37 प्रतिशत (152 अंक) हो जाएगा। इस स्थिति में भारत की डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह लगभग सुरक्षित मानी जा सकती है।
- अगर भारत अपने बाकी आठ टेस्ट में से छह मैच जीतता है और 2 ड्रॉ कराता है, तो उसका अंक प्रतिशत 66.67 प्रतिशत (144 अंक) हो जाएगा। यह उसे फाइनल के लिए क्वालिफाई करने की बेहद मजबूत स्थिति में रखेगा। वहीं, अगर भारत छह टेस्ट जीतता है और दो में हार जाता है, तो उसका अंक प्रतिशत 62.96 प्रतिशत (136 अंक) रह जाएगा। ऐसे में भारत की स्थिति काफी जोखिम भरी होगी और टीम क्वालिफिकेशन की दहलीज पर पहुंच जाएगी।
- अगर भारत अपने बाकी सभी आठ टेस्ट जीत लेता है, तो उसके कुल 160 अंक हो जाएंगे और टीम का अंक प्रतिशत 74.07 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। इस स्थिति में भारत अंक तालिका में बेहद मजबूत स्थिति में होगा और फाइनल में जगह लगभग पूरी तरह उसके नियंत्रण में होगी।
- इसलिए गॉल की जीत के बाद भारत की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की उम्मीदें निश्चित तौर पर जिंदा और मजबूत हुई हैं, लेकिन शुभमन गिल की टीम के लिए अब हर टेस्ट की अहमियत काफी बढ़ गई है।
पिछले फाइनलिस्ट के अंक प्रतिशत
- 2019-21: भारत 72.2%, न्यूजीलैंड 70%
- 2021-23: ऑस्ट्रेलिया 66.7%, भारत 58.8%
- 2023-25: दक्षिण अफ्रीका 69.44%, ऑस्ट्रेलिया 67.54%
अगर भारत अपने बाकी आठ टेस्ट में से तीन मैच हार जाता है और पांच में जीत दर्ज करता है, तो उसके कुल 216 अंक में से 124 अंक होंगे और भारत का अंक प्रतिशत गिरकर 57.41 प्रतिशत रह जाएगा। ऐसे में डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ में भारत की स्थिति बेहद कमजोर हो जाएगी और टीम लगभग बाहर मानी जाएगी, क्योंकि उसे पूरी तरह दूसरी टीमों के खराब प्रदर्शन पर निर्भर रहना पड़ेगा। 58 प्रतिशत से कम अंक प्रतिशत पर आमतौर पर शीर्ष दो में जगह बनाना मुश्किल होता है। ऐसे में भारत को ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी टीमों के अपने-अपने आगामी मुकाबलों में बड़े और अप्रत्याशित उलटफेर की उम्मीद करनी होगी।
अगर भारत को अपने बाकी मैचों में अंक गंवाने ही पड़ते हैं, तो हार की तुलना में ड्रॉ काफी बेहतर विकल्प होगा। उदाहरण के लिए, दो हार से भारत का अंक प्रतिशत ठीक उतना ही रह जाएगा, जितना तीन ड्रॉ के बाद होगा, यानी 62.96 प्रतिशत।
अगर भारत दो टेस्ट हारता है और बाकी छह जीतता है:
- कुल अंक: 216 में से 136
- अंतिम अंक प्रतिशत: 62.96%
- स्थिति: मजबूत दावेदार। भारत फाइनल की दौड़ में मजबूती से बना रहेगा, लेकिन उसे दक्षिण अफ्रीका या न्यूजीलैंड जैसी टीमों से दशमलव के अंतर से आगे निकलने की जरूरत पड़ सकती है।
अगर भारत के तीन टेस्ट ड्रॉ रहते हैं और बाकी पांच जीतता है:
- कुल अंक: 216 में से 136 (5 जीत मतलब 60 अंक, 3 ड्रॉ मतलब 12 अंक, मौजूदा 64 अंक के साथ कुल 136 अंक)
- अंतिम अंक प्रतिशत: 62.96%
- स्थिति: जोखिम भरी स्थिति। भारत की फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बनी रहेंगी, लेकिन उसे ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की बाकी सीरीज के नतीजों पर नजर रखनी होगी।