तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की घातक गेंदबाजी की बदौलत गुजरात अपने 66 साल के रणजी इतिहास में दूसरी बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने में सफल हुई है। जहां उसका मुकाबला 41 बार की चैंपियन मुंबई से होगा। बुमराह ने अपने प्रथम श्रेणी करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए झारखंड के पहली बार फाइनल में पहुंचने के सपने को चकनाचूर कर दिया।
क्रिकेट जगत में 66 साल बाद इस टीम ने लिखा इतिहास, बुमराह बने गवाह
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पार्थिव पटेल
- फोटो : ESPN
गुजरात अपने 66 साल के रणजी इतिहास में दूसरी बार फाइनल में पहुंची है। इससे पहले गुजरात 1950-51 के रणजी सीजन में फाइनल में पहुंची थी जहां उसका मुकाबला होलकर्स टीम से हुआ था। पार्थिव पटेल की कप्तानी में खेल रही गुजरात ने इतिहास रच दिया है।
क्रिकेट जगत में 66 साल बाद इस टीम ने लिखा इतिहास, बुमराह बने गवाह
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जसप्रीत बुमराह
- फोटो : getty
बुमराह ने 29 रन देकर 6 विकेट हासिल किए। धोनी की मेंटोरशिप में खेल रही झारखंड की टीम दूसरी पारी में महज 111 रन पर ढेर हो गई। पहली पारी में झारखंड ने गुजरात के 390 रन के जवाब में 408 रन बनाकर 18 रन की लीड हासिल की थी। लेकिन दूसरी पारी में झारखंड अपना करिश्मा नहीं दोहरा सकी। दूसरी पारी में झारखंड को जीत के लिए 235 रन बनाने थे लेकिन उनकी पारी मजह 111 रन पर ढह गई।
क्रिकेट जगत में 66 साल बाद इस टीम ने लिखा इतिहास, बुमराह बने गवाह
वहीं मुंबई और तमिलनाडू के बीच खेले गए अन्य सेमीफाइन मुकाबले में मुंबई ने अपना पदार्पण मैच खेल रहे पृथ्वी शॉ की शानदार शतकीय पारी की बदौलत(120) 251 रनों के लक्ष्य को हासिल कर लिया और रिकॉर्ड 45वीं बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह पक्की कर ली।
क्रिकेट जगत में 66 साल बाद इस टीम ने लिखा इतिहास, बुमराह बने गवाह
फाइनल मुकाबला 10 जनवरी को गुजरात और मुंबई के बीच खेला जाएगा। जहां मुंबई 42 वीं बार खिताब पर कब्जा करने की कोशिश करेगी। मुंबई की ओर से डेब्युटेंट पृथ्वी शॉ ने प्रारंभिक बल्लेबाजी करते हुए 175 गेंदों पर 120 रन बनाए। जिसमें उन्होंने 13 चौके औ 1 छक्का जड़ा। जीत के बेहद करीब पहुंचने के बाद वह 241 के स्कोर पर श्रीनिवास की गेंद पर कैच दे बैठे। इसके बाद पहली पारी में शतक लगाने वाले आदित्य तारे और सिद्धेश लाड ने मुंबई को आसानी से जीत दिला दी।