{"_id":"6a53588ad2f7d600e50d5201","slug":"ind-vs-eng-t20-series-2026-five-reasons-behind-india-defeat-from-batting-order-changes-to-pace-bowling-failure-2026-07-12","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Explainer: बल्लेबाजी क्रम से लगातार छेड़छाड़, तेज गेंदबाज नाकाम; इन पांच कारणों के चलते भारतीय टीम को मिली हार","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Explainer: बल्लेबाजी क्रम से लगातार छेड़छाड़, तेज गेंदबाज नाकाम; इन पांच कारणों के चलते भारतीय टीम को मिली हार
Sun, 12 Jul 2026 02:35 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 12 Jul 2026 02:35 PM IST
सार
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टी20 टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। भारत को आयरलैंड के बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी हार का सामना करना पड़ा है जिससे श्रेयस की कप्तानी और गौतम गंभीर की कोचिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आइए जानते हैं इस कारण के पांच मुख्य कारण क्या है और भविष्य को लेकर बीसीसीआई क्या कार्रवाई कर सकता है...
विज्ञापन
श्रेयस अय्यर
- फोटो : IANS
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयरलैंड के बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी भारतीय टीम को एक जीत तक नसीब नहीं हो सकी। पांचवें टी20 में इंग्लैंड ने 56 रनों से जीत दर्ज करने के साथ ही मेजबान टीम ने सीरीज को 4-0 से अपने नाम कर लिया। टी20 विश्व कप की चैंपियन भारतीय टीम ने कप्तानी में बदलाव किया था और सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपी थी। लेकिन श्रेयस कप्तान के तौर पर अब तक विफल रहे हैं और शुरुआती सात मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाए हैं।
श्रेयस अय्यर
- फोटो : IANS
1600 दिन की बादशाहत खत्म
- इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में मिली हार के साथ ही भारतीय टीम की फरवरी 2022 से चली आ रही टी20 क्रिकेट की नंबर-1 बादशाहत भी समाप्त हो गई। इंग्लैंड ने सीरीज 4-0 से अपने नाम करते हुए आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया, जबकि भारत दूसरे स्थान पर खिसक गया।
- इस हार का असर सिर्फ मैच या सीरीज तक सीमित नहीं रहा। आयरलैंड के खिलाफ 0-2 और इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 की हार के बाद भारत आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष स्थान गंवा बैठा।
- भारतीय टीम करीब 1600 दिनों तक दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम रही, लेकिन अब यह स्थान इंग्लैंड ने अपने नाम कर लिया।
- इंग्लिश टीम ने शानदार प्रदर्शन के दम पर न सिर्फ सीरीज में क्लीन स्वीप किया, बल्कि टी20 क्रिकेट में नई नंबर-1 टीम बनने का गौरव भी हासिल कर लिया।
वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : IANS
वैभव को बाहर करने का फैसला नहीं आया काम
इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 मैच में भारतीय क्रिकेट टीम ने एक ऐसा हैरान करने वाला फैसला लिया था। इस मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ तीन मैच खिलाने के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया। उनकी जगह अनुभवी खिलाड़ी संजू सैमसन की एकादश में वापसी हुई, जिन्हें पहले सूर्यवंशी के लिए ही टीम से ड्रॉप किया गया था। सूर्यवंशी ने ब्रिटेन दौरे के भारत दौरे पर सात में से तीन मैच खेले और इंग्लैंड के खिलाफ अपनी तीन छोटी पारियों में कुल 42 रन बनाए। तेज स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करने के बावजूद, वैभव अपनी तीन पारियों में इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की गेंदों से मिलने वाले अतिरिक्त उछाल का सामना नहीं कर पाए। सैमसन को वैभव की जगह पांचवें टी20 मैच में मौका दिया गया, लेकिन उनका बल्ला इस मैच में भी नहीं चला। सैमसन 14 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 27 रन बनाकर आउट हुए।
इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 मैच में भारतीय क्रिकेट टीम ने एक ऐसा हैरान करने वाला फैसला लिया था। इस मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ तीन मैच खिलाने के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया। उनकी जगह अनुभवी खिलाड़ी संजू सैमसन की एकादश में वापसी हुई, जिन्हें पहले सूर्यवंशी के लिए ही टीम से ड्रॉप किया गया था। सूर्यवंशी ने ब्रिटेन दौरे के भारत दौरे पर सात में से तीन मैच खेले और इंग्लैंड के खिलाफ अपनी तीन छोटी पारियों में कुल 42 रन बनाए। तेज स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करने के बावजूद, वैभव अपनी तीन पारियों में इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की गेंदों से मिलने वाले अतिरिक्त उछाल का सामना नहीं कर पाए। सैमसन को वैभव की जगह पांचवें टी20 मैच में मौका दिया गया, लेकिन उनका बल्ला इस मैच में भी नहीं चला। सैमसन 14 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 27 रन बनाकर आउट हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रेयस अय्यर
- फोटो : IANS
भारत ने ब्रिटेन दौरे पर टीम में कई बदलाव किए, लेकिन ये कारगार साबित नहीं हुए। आइए जानते हैं वो कौन से पांच कारण हैं जिसकी वजह से भारतीय टीम का हार का सामना करना पड़ा...
1. शीर्ष क्रम की नाकामी: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम का शीर्ष क्रम बुरी तरह से फेल रहा। अभिषेक शर्मा ने शुरुआती दो टी20 में रन बनाए, लेकिन अगले तीन मुकाबलों में उनका बल्ला खामोश रहा। संजू सैमसन रनों के लिए संघर्ष करते नजर आए, तो वैभव सूर्यवंशी इस सीरीज में मिले तीन मौकों को भुनाने में पूरी तरह से नाकाम रहे। शीर्ष क्रम की नाकामी का असर मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर साफतौर पर नजर आया।
2. खोखला नजर आया मध्य क्रम: टीम इंडिया का मध्य क्रम इस टी20 सीरीज में पूरी तरह से खोखला नजर आया। ईशान किशन सीरीज के आखिरी टी20 मैच को छोड़कर बाकी चार मुकाबलों में रनों के लिए जूझते दिखाई दिए। यही हाल तिलक वर्मा का रहा। खुद कप्तान श्रेयस अय्यर भी अपने नाम के अनुरूप निरंतरता के साथ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके।
3. लगातार बल्लेबाजी क्रम से छेड़छाड़ पड़ी भारी: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम को बल्लेबाजी क्रम से लगातार छेड़छाड़ करना महंगा पड़ा। तिलक वर्मा और शिवम दुबे के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया गया। तीसरे टी20 में तो तिलक और शिवम से ऊपर बल्लेबाजी के लिए अक्षर पटेल तक को भेजा गया। अक्षर पटेल की भी एक स्थान पक्का नजर नहीं आया।
4. तेज गेंदबाज रहे विफल: इंग्लैंड की मददगार परिस्थितियों में भारतीय तेज गेंदबाज बुरी तरह से फ्लॉप रहे। भारत के मुख्य तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पांच मुकाबलों में सिर्फ चार विकेट ही निकाल सके और उनकी इकोनॉमी 9.47 की रही। ऐसा ही कुछ हाल हर्षित राणा का भी रहा, जिन्होंने 10 की इकोनॉमी से रन देने के बाद महज तीन विकेट निकाले। प्रसिद्ध कृष्णा सिर्फ एक ही विकेट चटका सके और उनकी इकोनॉमी भी 9 के ऊपर की रही। युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने भी 10.72 की इकोनॉमी से रन खर्च किए। इंग्लैंड में भारत को जसप्रीत बुमराह की कमी साफतौर पर खली। प्रिंस यादव के लिए तो टी20 अंतरराष्ट्रीय में करियर की शुरुआत ही बेहद निराशाजनक रही है। वह अंबाती रायुडू के बाद दूसरे ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने शुरुआती चारों टी20 मैच गंवाए हैं। प्रिंस को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में डेब्यू का मौका मिला था।
5. अय्यर की खराब कप्तानी: श्रेयस अय्यर की कप्तानी इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में बेहद साधारण नजर आई। गेंदबाजों के फेरबदल के साथ-साथ फील्डिंग सेटअप में अय्यर बुरी तरह फेल नजर आए। कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी पर भी कुछ हद तक दिखाई दिया। इसके साथ ही वह हेड कोच गौतम गंभीर संग मिलकर सही टीम संयोजन उतारने में भी नाकाम रहे। अय्यर की कप्तानी पर भी लगातार सवाल खड़े होते रहे हैं। अय्यर पहले ऐसे भारतीय कप्तान हैं जिन्होंने शुरुआती सात टी20 मुकाबले गंवाए हैं। वह उन कप्तानों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने टी20 में शुरुआती सात मैचों में जीत का स्वाद नहीं चखा है। श्रेयस के अलावा ब्रेंडन टेलर एल्टन चिगुम्बुरा और तिषारा परेरा ऐसा कर चुके हैं।
1. शीर्ष क्रम की नाकामी: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम का शीर्ष क्रम बुरी तरह से फेल रहा। अभिषेक शर्मा ने शुरुआती दो टी20 में रन बनाए, लेकिन अगले तीन मुकाबलों में उनका बल्ला खामोश रहा। संजू सैमसन रनों के लिए संघर्ष करते नजर आए, तो वैभव सूर्यवंशी इस सीरीज में मिले तीन मौकों को भुनाने में पूरी तरह से नाकाम रहे। शीर्ष क्रम की नाकामी का असर मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर साफतौर पर नजर आया।
2. खोखला नजर आया मध्य क्रम: टीम इंडिया का मध्य क्रम इस टी20 सीरीज में पूरी तरह से खोखला नजर आया। ईशान किशन सीरीज के आखिरी टी20 मैच को छोड़कर बाकी चार मुकाबलों में रनों के लिए जूझते दिखाई दिए। यही हाल तिलक वर्मा का रहा। खुद कप्तान श्रेयस अय्यर भी अपने नाम के अनुरूप निरंतरता के साथ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके।
3. लगातार बल्लेबाजी क्रम से छेड़छाड़ पड़ी भारी: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम को बल्लेबाजी क्रम से लगातार छेड़छाड़ करना महंगा पड़ा। तिलक वर्मा और शिवम दुबे के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया गया। तीसरे टी20 में तो तिलक और शिवम से ऊपर बल्लेबाजी के लिए अक्षर पटेल तक को भेजा गया। अक्षर पटेल की भी एक स्थान पक्का नजर नहीं आया।
4. तेज गेंदबाज रहे विफल: इंग्लैंड की मददगार परिस्थितियों में भारतीय तेज गेंदबाज बुरी तरह से फ्लॉप रहे। भारत के मुख्य तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पांच मुकाबलों में सिर्फ चार विकेट ही निकाल सके और उनकी इकोनॉमी 9.47 की रही। ऐसा ही कुछ हाल हर्षित राणा का भी रहा, जिन्होंने 10 की इकोनॉमी से रन देने के बाद महज तीन विकेट निकाले। प्रसिद्ध कृष्णा सिर्फ एक ही विकेट चटका सके और उनकी इकोनॉमी भी 9 के ऊपर की रही। युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने भी 10.72 की इकोनॉमी से रन खर्च किए। इंग्लैंड में भारत को जसप्रीत बुमराह की कमी साफतौर पर खली। प्रिंस यादव के लिए तो टी20 अंतरराष्ट्रीय में करियर की शुरुआत ही बेहद निराशाजनक रही है। वह अंबाती रायुडू के बाद दूसरे ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने शुरुआती चारों टी20 मैच गंवाए हैं। प्रिंस को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में डेब्यू का मौका मिला था।
5. अय्यर की खराब कप्तानी: श्रेयस अय्यर की कप्तानी इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में बेहद साधारण नजर आई। गेंदबाजों के फेरबदल के साथ-साथ फील्डिंग सेटअप में अय्यर बुरी तरह फेल नजर आए। कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी पर भी कुछ हद तक दिखाई दिया। इसके साथ ही वह हेड कोच गौतम गंभीर संग मिलकर सही टीम संयोजन उतारने में भी नाकाम रहे। अय्यर की कप्तानी पर भी लगातार सवाल खड़े होते रहे हैं। अय्यर पहले ऐसे भारतीय कप्तान हैं जिन्होंने शुरुआती सात टी20 मुकाबले गंवाए हैं। वह उन कप्तानों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने टी20 में शुरुआती सात मैचों में जीत का स्वाद नहीं चखा है। श्रेयस के अलावा ब्रेंडन टेलर एल्टन चिगुम्बुरा और तिषारा परेरा ऐसा कर चुके हैं।
विज्ञापन
गौतम गंभीर
- फोटो : ANI
क्या बीसीसीआई लेगा कड़ा फैसला?
गौतम गंभीर जब से भारतीय टीम के मुख्य कोच बने हैं, तभी से टीम का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा है। भारत ने गंभीर के नेतृत्व में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम किया था। लेकिन टेस्ट प्रारूप में उसका प्रदर्शन निरंतर खराब रहा है। भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घर में टेस्ट सीरीज में हार मिली थी। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी भारत ने गंवा दी थी। पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराने में सफल रही। अब तक सीमित ओवर में भारत का दबदबा नजर आ रहा था, लेकिन पहले आयरलैंड और अब इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मिली हार ने टी20 टीम में भी कमियों को उजागर करके रख दिया है। आने वाले दिनों में भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है और फिर सितंबर-अक्तूबर में एशियाई खेलों में भी उतरना है। जिस हिसाब से टीम खेल रहे हैं, उसके लिए आने वाले दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।
हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था कि हम सीरीज खत्म होने के बाद भारतीय टीम के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे। यह भी खबर है कि टीम के फील्डिंग कोच टी. दिलीप को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है और उनके कार्यकाल को विस्तार नहीं दिया जाएगा। जाहिर है कि गंभीर और श्रेयस भी बोर्ड के रडार पर होंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि लगातार दो हार के बाद क्या बीसीसीआई कोई कड़ा फैसला लेगा या इसी कोचिंग स्टाफ और टीम को वापसी के लिए थोड़ा और समय देगा।
गौतम गंभीर जब से भारतीय टीम के मुख्य कोच बने हैं, तभी से टीम का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा है। भारत ने गंभीर के नेतृत्व में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम किया था। लेकिन टेस्ट प्रारूप में उसका प्रदर्शन निरंतर खराब रहा है। भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घर में टेस्ट सीरीज में हार मिली थी। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी भारत ने गंवा दी थी। पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराने में सफल रही। अब तक सीमित ओवर में भारत का दबदबा नजर आ रहा था, लेकिन पहले आयरलैंड और अब इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मिली हार ने टी20 टीम में भी कमियों को उजागर करके रख दिया है। आने वाले दिनों में भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है और फिर सितंबर-अक्तूबर में एशियाई खेलों में भी उतरना है। जिस हिसाब से टीम खेल रहे हैं, उसके लिए आने वाले दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।
हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था कि हम सीरीज खत्म होने के बाद भारतीय टीम के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे। यह भी खबर है कि टीम के फील्डिंग कोच टी. दिलीप को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है और उनके कार्यकाल को विस्तार नहीं दिया जाएगा। जाहिर है कि गंभीर और श्रेयस भी बोर्ड के रडार पर होंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि लगातार दो हार के बाद क्या बीसीसीआई कोई कड़ा फैसला लेगा या इसी कोचिंग स्टाफ और टीम को वापसी के लिए थोड़ा और समय देगा।