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माउंट त्रिशूल हादसा: दल में शामिल थे एवरेस्ट फतह करने वाले पर्वतारोही, फिर हिमस्खलन होने से रेस्क्यू में आ रही परेशानी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 04 Oct 2021 07:33 PM IST
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Uttarakhand News: Avalanche again on Mount Trishul and army team face difficulties in rescue operation
माउंट त्रिशूल पर जान गंवाने वाले जवान - फोटो : अमर उजाला

नौसेना के वाइस एडमिरल सूरज बैरी ने बताया कि माउंट त्रिशूल पर्वतारोहण के दौरान जान गंवाने वाले अधिकारियों के पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान दल में सभी कुशल पर्वतारोही शामिल थे। इनमें से तीन पर्वतारोही एवरेस्ट को फतह कर चुके हैं। दल के सभी अधिकारियों ने बड़े-बड़े अभियानों को सफलता पूर्वक पूरा किया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षित बचे सदस्यों को दिल्ली भेज दिया गया है। 



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वहीं, माउंट त्रिशूल के आखिरी समिट प्वाइंट पर रविवार को दोबारा हिमस्खलन हुआ। इसके चलते सोमवार को क्षेत्र में अतिरिक्त सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया गया। वाइस एडमिरल सूरज बैरी ने बताया कि रविवार को माउंट त्रिशूल पर उसी जगह हिमस्खलन हुआ है, जहां एक अधिकारी व शेपरा के लापता होने की आशंका है। रेस्क्यू टीम को दिन में और मौसम साफ होने पर ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए कहा गया है। माउंट त्रिशूल पर नौसेना के पर्वतारोही दल के हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद पहली बार नौसेना ने मीडिया के सामने आधिकारिक रूप से जानकारी साझा की।

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वाइस एडमिरल सूरज बैरी - फोटो : अमर उजाला

जोशीमठ में आयोजित पत्रकार वार्ता में नौसेना के वाइस एडमिरल सूरज बैरी ने बताया कि स्वर्णिम विजय वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय नौसेना की वेस्टर्न नेवल कमांड ने आईएनएस त्रिशूल टू माउंट त्रिशूल अभियान के लिए दल को तीन सितंबर को हरी झिंडी दिखाकर रवाना किया था।

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हिमस्खलन - फोटो : अमर उजाला

20 सदस्यीय दल को माउंट त्रिशूल को फतह करना था। दल को दो से तीन अक्तूबर के बीच त्रिशूल चोटी पर पहुंचना था। जिस दिन दल को चोटी फतह करना था उस दिन मौसम अनुकूल था। लेकिन चढ़ाई के दौरान बर्फीले तूफान में अभियान दल के पांच अधिकारी और एक शेरपा लापता हो गए।

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चारों जवानों के पार्थिव शरीर नेवी हेड क्वार्टर भेजे - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद वायु सेना और थल सेना केे रेस्क्यू अभियान में चार अधिकारियों के शवों को ढूंढ लिया गया। लापता एक अधिकारी और शेरपा की तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि दल के अन्य अधिकारियों को दिल्ली रवाना कर दिया गया है। वहां से वे वेस्टर्न कमांड के लिए रवाना होंगे।

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रेस्क्यू के लिए जाती टीमें - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने बताया कि माउंट त्रिशूल का आखिरी समिट प्वाइंट बहुत ही कठिन है। यह 65 से 80 डिग्री का है। इसी इलाके में हादसा हुआ है। पत्रकार वार्ता में थल सेना के उत्तर भारत एरिया के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल, नौ पर्वतीय ब्रिगेड के ब्रिगेडियर क्रिषाणु शाह, लेफ्टिनेंट कर्नल विवेक सहाय, वायु सेना के विंग कमांडर रजत भी उपस्थित रहे। 

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