फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

भारत के पांच शहरों में कागज की जगह प्लास्टिक के नोट, जानें इनकी खासियत

Tue, 11 Feb 2020 09:55 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Tue, 11 Feb 2020 09:55 AM IST
विज्ञापन
History of Plastic Notes in India world, benefits of plastic notes vs paper notes
प्लास्टिक नोट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social Media

Plastic Bank Notes in India: भारत में नोटबंदी के बाद नए नोट जारी किए गए। हालांकि वे सभी कागज के ही रहे। जबकि दूसरे देशों में दशकों पहले प्लास्टिक के नोटों का प्रचलन शुरू हो चुका है। इन नोटों की खासियत ने कई देशों को इसे अपनाने पर मजबूर किया है। इस सूची में भारत में जुड़ रहा है। अब भारत में भी कागज की जगह प्लास्टिक के नोटों की भी शुरुआत हो चुकी है। सरकार की घोषणा के अनुसार पहले पांच शहरों में इसकी शुरुआत हो रही है।

loader


कौन हैं भारत के वो पांच शहर जहां प्लास्टिक के नोट मिलेंगे? ये कितने मूल्य के होंगे? क्या होते हैं प्लास्टिक के नोट और इसकी खासियत क्या होती है? दुनिया में पहली बार किस देश ने प्लास्टिक के नोटों की शुरुआत की थी? आगे पढ़ें इन सभी सवालों के जवाब।

History of Plastic Notes in India world, benefits of plastic notes vs paper notes
प्लास्टिक नोट (फाइल फोटो) - फोटो : BBC

पहली बार किस देश ने की शुरुआत

  • दुनिया में पहली बार प्लास्टिक के नोटों की शुरुआत करने वाला देश ऑस्ट्रेलिया है। वहां आज से करीब 32 साल पहले 1988 में ही प्लास्टिक के नोटों की शुरुआत हो चुकी है। 
  • प्लास्टिक के नोट की खोज करने का श्रेय भी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया, मेलबर्न यूनिवर्सिटी और कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल काउंसिल को जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
History of Plastic Notes in India world, benefits of plastic notes vs paper notes
प्लास्टिक नोट - फोटो : Wiki

किन देशों में हैं प्लास्टिक के नोट

  • ऑस्ट्रेलिया के बाद उसके पड़ोसी देश न्यूजीलैंड ने प्लास्टिक के नोटों का चलन शुरू किया। 1999 में वहां कागज के नोटों की जगह प्लास्टिक के नोटों ने ले ली।
  • इसके अलावा कनाडा, स्कॉटलैंड, वियतनाम, रोमानिया, पापुआ न्यू गिनी, मॉरिशस, ब्रूनी, इस्रायल समेत करीब 30 देशों में प्लास्टिक के नोटों का प्रचलन है।
History of Plastic Notes in India world, benefits of plastic notes vs paper notes
प्लास्टिक नोट - फोटो : Social Media

प्लास्टिक के नोटों की खासियत

  • प्लास्टिक के नोट पॉलिमर से बनाए जाते हैं। 
  • सुरक्षा की दृष्टि से ये नोट कागज के नोटों से बेहतर हैं। इसमें पारदर्शी विंडो, वॉटरमार्क समेत कुछ ऐसे सुरक्षा फीचर होते हैं, जो आसानी से दिखते नहीं और इन्हें कॉपी करना आसान नहीं होता।
  • कागज के नोटों की तुलना में ये ज्यादा साफ और हल्के होते हैं। एक हाथ से दूसरे हाथ में जाने पर लोगों में संक्रमण का खतरा प्लास्टिक के नोटों में कम होता है, क्योंकि इनपर बैक्टीरिया आसानी से नहीं चिपकते। 
  • ये लंबे समय तक चलते हैं, जिससे नए नोटों के उत्पादन की समय सीमा बढ़ती है। परिणामस्वरूप ग्लोबल वॉर्मिंग कम करने में भी मदद मिलती है। इन्हें रिसाइकल किया जा सकता है।
  • कपड़ों के साथ गीले हो जाने पर भी इनके फटने का खतरा नहीं होता।
विज्ञापन
History of Plastic Notes in India world, benefits of plastic notes vs paper notes
RBI

भारत में कहां मिलेंगे प्लास्टिक के नोट

  • 2017 से ही इसकी चर्चा चल रही है। 2018 में तत्कालीन केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कहा था कि सरकार ने देश में पांच जगहों पर प्लास्टिक के नोटों का ट्रायल करने का फैसला किया है। इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को 10 रुपये के प्लास्टिक के नोट छापने की मंजूरी भी दे दी गई है।
  • ये पांच शहर हैं - मैसूर, कोच्चि, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर।
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

Followed