फिल्म के तौर पर ‘सौतन’ राजेश खन्ना के जीवन में उस समय आई जब उन्हें इसकी सबसे ज्यादा दरकार थी। और, ‘सौतन’ की कामयाबी से ही राजेश खन्ना ने ये भी साबित किया कि काका अभी चुका नहीं है। निर्देशक सावन कुमार टाक की फिल्म ‘सौतन’ रिलीज हुई 3 जून 1983 को और यही हमारी आज के बाइस्कोप की फिल्म है। इसी दिन अभिनेता से निर्देशक बने अमजद खान की शत्रुघ्न सिन्हा और परवीन बाबी स्टारर फिल्म ‘चोर पुलिस’ भी रिलीज हुई। अगर परवीन बाबी ‘सौतन’ न छोड़ती तो इस फिल्म की हीरोइन भी वह ही होतीं। साल 1983 वो साल है जिसे हिंदी सिनेमा में फिल्म ‘कुली’ के लिए याद किया जाता है। अगर ये फिल्म बस महीने भर की देरी से रिलीज होती तो साल 1983 हमेशा के लिए राजेश खन्ना की सेकेंड इनिंग्स के बेहतरीन साल के लिए फिल्म इतिहास में दर्ज हो जाता। लेकिन, फिर भी राजेश खन्ना की फिल्मों ने उनके चाहने वालों का खूब मनोरंजन किया। इसी साल की शुरूआथ में फिल्म ‘अवतार’ ने लोगों को बताया कि संस्कार की गरिमा क्या होती है और कैसे परिवार की मुखिया अपनी बिगड़ी संतानों को राह दिखा सकता है।
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राजेश खन्ना का अनोखा स्टाइल
फिल्म ‘सौतन’ में राजेश खन्ना का जो आभा मंडल है उसका असर उस साल छोटे बड़े, बूढ़े बच्चे सब पर दिखा। अनिल कपूर ने तो खैर सफेद पैंट और रंगीन शर्ट या स्वेटर का प्रचलन बहुत बाद में शुरू किया, फिल्म ‘सौतन’ में सफेद जूता, सफेद पतलून, सफेद जैकेट और लाल कमीज का जो रुतबा राजेश खन्ना ने दिखाया उससे पूरी एक पीढ़ी प्रभावित रही है। फिल्म ‘सौतन’ के निर्माता निर्देशक और गीतकार सावन कुमार टाक और संगीतकार उषा खन्ना ने भी अलग होने से पहले सात जन्मों तक जीने मरने की कस्में अपने फेरों के समय खाई थीं। दोनों के अपने अपने हुनर का सबसे बड़ा कमाल है फिल्म ‘सौतन’।
उषा खन्ना की शोहरत का आसमान
उषा खन्ना के बारे में भी आपको थोड़ा सा बताते चलें। उनके पिता ने कभी जावेद अनवर के नाम से नरगिस की मां जद्दन बाई के लिए सिर्फ तीन गजलें लिखकर इतना पैसा कमा लिया था कि जितना उन्हें ग्वालियर रियासत में नौकरी करके साल भर भी न मिलता था। बस, पिता मनोहर खन्ना का सिनेमा से हुआ ये रिश्ता उषा को बंबई ले आया। फिल्म ‘सौतन’ के गानों से पहले उषा खन्ना ने सिनेमा में कोई 25 साल बिता लिए थे। शम्मी कपूर की फिल्म ‘दिल देके देखो’ से शुरू हुए सफर का फिल्म ‘सौतन’ एक ऐसी मंजिल रही जहां पहुंचने के बाद उषा खन्ना को बच्चा बच्चा जान गया। फिल्म में टीना मुनीम और राजेश खन्ना पर फिल्माया गया ये गाना प्यार में डूबे हर लड़के को छेड़ने का उसकी प्रेमिका का बहाना जो बन गया था।
जब डिंपल पहुंच गईं जासूसी करने
राजेश खन्ना और टीना मुनीम के बीच फिल्म ‘सौतन’ में परदे पर जो कुछ दिखा, वह दरअसल उन दोनों की जिंदगी में भी हो रहा था। हिंदी सिनेमा में ये रवायत रही है कि असल जिंदगी के प्रेमियों की जब भी रुपहले परदे पर जोड़ी बनी, तो उसने कमाल कर दिया। टीना मुनीम और राजेश खन्ना के रिश्तों के चर्चे तब हर जुबान पर ही नहीं बल्कि हर मैगजीन के कवर पर भी हुआ करते थे। एक रोज एक फोटो छपी जिसमें टीना मुनीम बिल्कुल दुल्हन के लिबास में और राजेश खन्ना सिल्क का कुर्ता पहने दिखे। देश में हंगामा हो गया कि राजेश खन्ना और टीना मुनीम की शादी हो चुकी है। हालांकि, फिल्म की रिलीज से ठीक पहले हुआ ये बवाल फिल्म की पीआर टीम का पब्लिसिटी स्टंट निकला लेकिन फिल्म की मॉरीशस में हुई शूटिंग के दौरान मौजूद रहीं राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाड़िया को ये एहसास हो गया था कि राजेश खन्ना अब सौ फीसदी उनके नहीं रहे। फिल्म ‘सौतन’ से ही उनके वैवाहिक जीवन में क्लेश बढ़ा और दोनो के रास्ते उसके बाद अलग अलग हो गए। टीना मुनीम की जोड़ी इससे पहले संजय दत्त के साथ खूब बनी थी लेकिन संजू बाबा की आदतों के चलते टीना मुनीम ने उन्हें छोड़ दिया।
परवीन बाबी आउट, टीना मुनीम इन
टीना मुनीम और राजेश खन्ना कुल 11 फिल्मों में एक साथ नजर आए हैं और दोनों का रिश्ता निजी जीवन में भी काफी लंबा चला। राजेश खन्ना तब टीना मुनीम को अपने दर्दों का मरहम बताते थे और ये भी कहते थे कि उनका रिश्ता इतना गहरा है कि दोनों एक टूथब्रश तक इस्तेमाल कर लेते हैं। टीना मुनीम तब गृहस्थी बसाने के लिए खुद को तैयार कर रही थीं और राजेश खन्ना के लिए ये सिर्फ एक पड़ाव था, सफर से तो वह कब का भटक चुके थे। उनकी मंजिल दूसरी शादी कभी रही ही नहीं। सावन कुमार टाक ने टीना को फिल्म ‘सौतन’ में राजेश खन्ना के कहने पर ही लिया। उनसे पहले ये रोल परवीन बाबी करने वाली थी लेकिन अपनी बीमारी के चलते परवीन ने इंडस्ट्री को ही टाटा कर दिया था। और, टीना मुनीम के हां करने भर की देरी थी कि सावन कुमार ने अपनी पहले से बन रही फिल्म ‘लैला’ की शूटिंग रोक दी और राजेश खन्ना की सलाह पर फिल्म ‘सौतन’ का देश के बाहर का शेड्यूल बना डाला। ये सावन की पहली फिल्म थी जो उन्होंने देश के बाहर शूट की।