ये भारत-चीन के बाजार को ध्यान में रख कर बनी फिल्म है। जैकी चान इससे पहले अपनी फिल्म 'द मिथ' (2005) में मल्लिका शेरावत को जगह दे चुके हैं। अब उन्हें भारतीय बाजार का आकार बड़ा नजर आया है। इस नई फिल्म की हीरोइनें (दिशा पटनी/अमायरा दस्तू) और विलेन (सोनू सूद) भारतीय हैं। कहानी आधी चीन और आधी भारत में है। टाइटल में भी हिंदी-चीनी का मिक्स है- योगा और कुंग फू। लेकिन ये तमाम फिफ्टी-फिफ्टी मिक्स करने के बावजूद उन मसालों का ढंग से इस्तेमाल नहीं हुआ है जो भारतीय दर्शकों के जायके में हैं। अतः कुछ रोचक दृश्यों के अलावा फिल्म अंततः बेमजा साबित होती है। आप पाते हैं कि कहानी के अंदाज-ए-बयां का संकट बॉलीवुड में ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी है। फिल्म में जैकी चैन का थोड़ा कुंग फू तो दिखता है परंतु योगा सिर्फ बातों में है।
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जैकी चैन के साथ बब्बर शेर की सवारी
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'कुंग फू योगा'
फिल्म में चीन का एक पुरातत्ववेत्ता जैक (जैकी चैन) और उसकी टीम ऐतिहासिक भारत-चीन सीमा पर स्थित मगध राज्य के एक विशाल सोने के खजाने का पता लगाने में जुटी है। उनकी मदद के लिए भारत से दो राजकुमारियां पहुंचती हैं। खजाने पर मगध राज्य से ही जुड़े एक परिवार के प्रिंस रैंडल (सोनू) की भी नजरें हैं। जैक और राजकुमारियों का कहना है कि ये खजाना सरकार का है जबकि रैंडल का दावा है कि वह उसकी संपत्ति है।
इस खोजबीन में कार चेजिंग का लंबा सीन है जिसमें जैकी चैन के साथ बब्बर शेर की सवारी है बस यही कुछ रोचक बना है। जबकि एक अन्य दृश्य में बर्फ के नीचे गहरी गुफा के सीन कुछ आकर्षक हैं। बाकी फिल्म कुछ ऐसा पेश नहीं करती, जो दर्शकों बांध सके।
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छोटे बच्चे इस फिल्म का कुछ लुत्फ ले सकते हैं
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'कुंग फू योगा'
सोनू सूद को इस फिल्म से कहीं बेहतर रोल बॉलीवुड फिल्मों में मिल रहे हैं। वह इस फिल्म में निराश करते हैं। न उनका रोल प्रभावी ढंग से लिखा गया है और न खलनायकी में यहां दम है। अचानक होने वाला रैंडल का हृदय परिवर्तन तो हास्यस्पद है। अंत आते-आते फिल्म अतार्किक हो जाती है। रोचक बात यह कि रैंडल कहता है हम आधुनिक भारत में रह रहे हैं जबकि यहां जैकी और उनकी टीम भारत को राजा-राजाकुमारियों, सांप-सपेरों, जादूगरों, साधुओं और हाथियों का देश दिखाती है।
क्या यह इंटरनेशनल सिनेमा है, जिसमें 2017 का भारत है। जैकी चैन के फैन्स और छोटे बच्चे ही इस फिल्म का कुछ लुत्फ ले सकते हैं। बाकी लोगों को इसे देखने के बाद एंटरटेन होने के अन्य साधन ढूंढने पड़ेंगे।
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