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Exclusive: ‘उन्होंने ही मुझे आगे बढ़ाया है’, रवि किशन ने बताई जीवन में महिलाओं की अहमियत; संघर्ष पर कही ये बात

Kiran Vinod Kumar Jain Kiran Vinod Kumar Jain
Updated Sun, 21 Jun 2026 05:39 PM IST
सार

Ravi Kishan Exclusive Interview: अभिनेता से राजनेता बने भोजपुरी स्टार रवि किशन इन दिनों अपनी फिल्म ‘मां-बहन’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में उनके साथ माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी और धरना जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं। फादर्स डे के मौके पर रवि किशन ने अपनी पिता और निजी जिंदगी के कुछ दर्दनाक पलों को भी याद किया।

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Ravi Kishan Exclusive Interview Actor Talk About His Career And Personal Life And His Late Father
रवि किशन - फोटो : अमर उजाला

अमर उजाला से हुई खास बातचीत में रवि ने सिर्फ अपनी फिल्म पर बल्कि महिलाओं और समाज से जुड़े कई मुद्दों पर भी खुलकर बात की। पढ़ें उनकी जुबानी…

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रवि किशन - फोटो : इंस्टाग्राम @ravikishann

हम औरतों को क्या ही सिखाएंगे?
फिल्म ‘मां-बहन’ में महिलाओं को लेकर दिखाए गए नजरिए पर रवि ने आगे कहा, ‘अगर ये फिल्म ग्लोबल लेवल पर चर्चित हो रही है तो इसका मतलब है कि हमारी आवाज पूरी दुनियाभर की महिलाओं तक पहुंच रही है। हमने फिल्म में कहीं कोई प्रवचन नहीं दिया और न ही महिलाओं को विद्रोही बनाने की कोशिश की। महिलाएं हमेशा से शक्ति का रूप रही हैं। वो देवी हैं, दुर्गा हैं, जननी हैं… जन्म देने वाली हैं, धरती हैं। हम उन्हें क्या सिखाएंगे? हम बस उन्हें ये एहसास करा रहे हैं कि समाज में कुछ लोग आज भी उन्हें जज करते है, लेकिन नारी बहुत बड़ी शक्ति है और हमारे यहां सदियों से उसकी पूजा होती आई है।’ 

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रवि किशन - फोटो : इंस्टाग्राम @ravikishann

बराबरी देने में हालत खराब हो जाती है
रवि किशन के मुताबिक, पुरुष मां-बहन की बात तो करता है लेकिन औरत को बराबरी देना उसे अब भी खटकता है। उन्होंने कहा, ‘हमारे समाज में पुरुष अक्सर मां-बहन को काफी इज्जत से बात करते हैं। लेकिन क्या बराबरी की बात आते ही उतने ही कंफर्टेबल रहते हैं? मैंने संसद में भी पिछले महीने यही बात बोली थी और लोगों ने सपोर्ट भी किया था। 
दरअसल, लोग भूल जाते हैं कि आज पुरुष जो भी कर पा रहा है समाज में, जो भी नाम कमा रहा है, उसके पीछे ज्यादातर मां, बहन, पत्नी, गर्लफ्रेंड या बेटी जैसी कोई महिला शक्ति होती है। वो आपकी जिंदगी का आधा बोझ उठा लेती है। वो कहती है कि तुम जाओ, अपने सपने पूरे करो, मैं पीछे सब संभाल लूंगी… माता-पिता संभाल लूंगी, घर संभाल लूंगी, परेशानियां संभाल लूंगी… लेकिन आदमी जब कुछ हासिल कर लेता है, तब अक्सर ये सब भूल जाता है।’ 

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रवि किशन अपनी पत्नी के साथ - फोटो : सोशल मीडिया

मुझे हमेशा महिलाओं ने आगे बढ़ाया है
अंत में रवि किशन ने कहा, ‘महिलाओं की ताकत को मैंने अपनी जिंदगी में भी करीब से महसूस किया है। मैं तीन बेटियों का पिता हूं। अपनी पत्नी को बहुत श्रेय देता हूं और अपनी मां का भी बहुत सम्मान करता हूं। मेरी जिंदगी में जब भी कोई महिला आई है, उसने मुझे आगे बढ़ाने का काम किया है। 
किरण राव आईं, ‘लापता लेडीज’ फिल्म मिली, माधुरी जी और तृप्ति आईं… मेरी जिंदगी में महिलाओं ने हमेशा मुझे आगे बढ़ाया है। मैं हमेशा महिलाओं के योगदान से प्रभावित रहा हूं। लेकिन गुप्ता जी जैसे किरदार को दुनिया के सामने लाना भी जरूरी था, क्योंकि मैं असल जिंदगी में ऐसे कई लोगों को जानता हूं।’ 

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रवि किशन - फोटो : इंस्टाग्राम @ravikishann

पापा चले गए तो कोई डर नहीं बचा
फादर्स डे के मौके पर रवि किशन ने अपने जीवन के संघर्षों को याद किया। वो बोले, ‘मैं बहुत कुछ खो चुका हूं। सात साल पहले मैंने अपने पापा को खोया था। दो बड़े भाई जवानी में खो दिए। मां अभी कैंसर से लड़ रही हैं। मैं जिंदगी में बहुत थपेड़े खा चुका हूं। लोग आते हैं, जिंदगी में रहते हैं और चले जाते हैं… मैंने जिंदगी को बहुत करीब से देखा है। इसलिए मुझे किसी चीज की असुरक्षा नहीं है। मैं इतना कुछ खो चुका हूं कि अब दुनिया की चीजों को लेकर डर खत्म हो चुका है।’

अब बस एक ही डर है
अंत में रवि किशन ने कहा, ‘अब अगर किसी चीज का डर है तो सिर्फ भगवान शिव से दूर हो जाने का। वो मुझसे दूर न जाएं। मैं भगवान शिव का भक्त हूं। शिव मुझसे प्यार करते हैं। बस वो मुझे कभी छोड़ें नहीं। बाकी सब कुछ मृत्यु लोक है।’

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