गुलजार और विशाल भारद्वाज की चमत्कारिक जोड़ी के गीत-संगीत एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाल मचाएंगे। दोनों के गाने मोटू-पतलू की एनिमेशन फिल्म में होंगे। मोटू-पतलू के कार्टून शो अब तक एक चैनल पर आते थे। फिल्म में भी मूल कहानी कार्टून शो जैसी ही होगी। वह यह कि दोनों दो दोस्त हैं, जो फुरफुरी नगर में रहते हैं। वहां वे अपनी बेवकूफियों से परेशानियों में पड़ते हैं, मगर किस्मत उन्हें सही सलामत बाहर निकाल लेती है।
बच्चों की एक और फिल्म में साथ काम करेगी विशाल-गुलजार की जोड़ी
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बच्चों की एक और फिल्म में साथ काम करेगी विशाल-गुलजार की जोड़ी
गुलजार-विशाल की अटूट जुगलबंदी
गुलजार और विशाल भारद्वाज की जोड़ी जबसे बनी, तब से लेकर अब तक अटूट रही है। दोनों जब-जब साथ आए, हर बार यादगार गीत-संगीत बाहर निकला। खुद गुलज़ार ने कहा कि अब पंचम दा के बाद उनके साथ सबसे ज़्यादा गीत बनाने वाले विशाल ही हैं। उन गीतों में माचिस की ’छोड़ आये हम वो गलियाँ’ की भूली-बिसरी यादें शामिल है और ’जंगल जंगल बात चली है’ का बचपना भी। ओमकारा की “धम धम धड़म धड़ैया रे” में गगन गुंजाती ललकार है और ’एश्ट्रे’ की नश्वरता और मौत का बोध। ’रात के ढाई बजे’ की उत्सवप्रिय निडरता से लेकर ’कश लगा’ वाले गाने में ’घर फूँक, तमाशा देख’ का मिजाज है।
बच्चों की एक और फिल्म में साथ काम करेगी विशाल-गुलजार की जोड़ी
विशाल खारिज कर देते हैं गुलजार के गाने
गुलजार ने कहा कि उन्हें जश्न के गाने बनाने में बहुत दिक्कत होती है। उस वक़्त भी हुई थी और आज भी होती है। वह शायद इसलिए कि उनकी तबियत ही उदास है तो उदास गाने ही बनते हैं! उन्होंने यह भी बताया कि विशाल मेरे गाने ख़ारिज भी कर देते हैं। कुछ जम नहीं रहा, कुछ और, कुछ और कह कहकर। और ये अपने गाने भी ख़ारिज करते रहते हैं। बोरी भर नहीं तो कम से कम तकिया भर गाने तो मेरे इनके यहाँ पड़े मिल ही जाएंगे।
बच्चों की एक और फिल्म में साथ काम करेगी विशाल-गुलजार की जोड़ी
बच्चों पर ध्यान ही नहीं मनोरंजन जगत का
गुलजार इस बात से दुखी हैं कि मनोरंजन जगत बच्चों की उपेक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोगली के बाद लम्बा समय बीता। अब मुझे बच्चों के लिए लिखने का मौका मिला है। मुझे यह पसंद है। मैं चाहता हूं कि ऐसे और भी मौके होने चाहिए। इतना लम्बा अंतराल यह सिद्ध करता है कि हम बच्चों की उपेक्षा कर रहे हैं। ‘मोटू पतलू’ के गानों में रफ्तार पर मेरा फोकस होगा।
बच्चों की एक और फिल्म में साथ काम करेगी विशाल-गुलजार की जोड़ी
इंडस्ट्री के सबसे बड़े बच्चे हैं गुलजार
विशाल भारद्वाज कहते हैं, मैं उनके बारे में क्या कहूं? मुरीद हूं उनका। मोटू-पतलू के गानों के साथ वे ही न्याय कर सकते थे। वे हमारे बीच सबसे बड़े बच्चे हैं। माचिस में चप्पा चप्पा के दौरान वे मुझे डमी लिरिक्स देते थे और मैं उन्हें ही लिरिक्स यानी गीत में बदल देता था। उन्होंने कहा कि गाने की शुरुआत तो कुछ ऐसी होनी चाहिए, जैसे ’चप्पा चप्पा चरखा चले’ और मैंने कहा कि बस आप तो यही दे दीजिए। यूँ ही उनका सिर्फ कहा “गोरी, चटख़ोरी जो कटोरी से खिलाती थी” को मैंने गीत के बोल में बदल दिया।