फरवरी! लोग जिसे मोहब्बत का महीना कहते हैं। फरवरी की 14 तारीख! लोग जिसे मोहब्बत का दिन कहते हैं। वर्षों पहले इसी दिन एक खूबसूरत लड़की का जन्म हुआ था, जिसके चांद से मुखड़े को एक बार देखकर लोग देखते ही रह जाते। उसकी खूबसूरती पर न जाने कितने लोग फिदा हुए और कितनों को प्यार हुआ! मगर, वह ताउम्र प्यार को तरसती रही। उस लड़की को जमाना अभिनेत्री मधुबाला के नाम से जानता है। उन्हें 'वीनस ऑफ इंडियन सिनेमा' के रूप में भी याद किया जाता है। बता दें कि आज मधुबाला की बर्थ एनिवर्सरी है। आइए जानते हैं उनके बारे में...
Madhubala: मोहब्बत के दिन हुआ जन्म, फिर भी प्यार के लिए तरसती रहीं मधुबाला, दिल का मर्ज बना जिंदगी का दुश्मन
Madhubala Birth Anniversary: दिवंगत अभिनेत्री मधुबाला की आज 14 फरवरी को जयंती है। मधुबाला ने सिर्फ 36 साल का जीवन जीया। मगर, इतनी कम जिंदगी में वे सिनेमा की दुनिया में बहुत बड़ा योगदान दे गईं।
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पहली फिल्म के लिए मिली 150 रुपये पगार
मधुबाला ने महज 36 वर्ष का जीवन जीया। मगर, इतने कम वर्षों में ही उन्होंने ऐसा काम किया कि आज तक कोई उन्हें टक्कर देने वाला नहीं है। मधुबाला का जन्म 14 फरवरी 1933 को दिल्ली में अताउल्लाह खान और आयशा बेगम के घर में हुआ था। मधुबाला 11 भाई-बहनों में पांचवें नंबर पर थीं। उनकी खूबसूरती के चर्चे सब जगह थे। घर की जिम्मेदारी उठाने के लिए अदाकारा ने कम उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था। वर्ष 1942 में मधुबाला ने महज 9 साल की उम्र में फिल्म 'वसंत' में काम किया और यही से ये उनके फिल्मी करियर की शुरुआत हुई। इस फिल्म के लिए उन्हें सिर्फ 150 रुपये सैलरी मिली थी।
'बेबी मुमताज' कैसे बनीं मधुबाला?
नौ साल की उम्र में उन्हें 'बेबी मुमताज' नाम दिया गया। मुमताज का वास्तविक नाम मुमताज जहां देहलवी था। उस जमाने की फेमस अदाकारा देविका रानी ने मुमताज को अपना नाम बदलकर मधुबाला रखने की सलाह दी थी। मधुबाला ने फिल्म 'नील कमल' से बतौर लीड अभिनेत्री डेब्यू किया। मधुबाला ने 'फागुन', 'हावड़ा ब्रिज', 'काला पानी' और 'चलती का नाम गाड़ी' जैसी फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। वहीं कालजयी फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में उनका किरदार अमर हो गया।
मर्लिन मुनरो से की गई तुलना
मधुबाला का फिल्मी करियर जितना सफल रहा था, उतनी ही परेशानियां उन्हें अपनी निजी जिंदगी में झेलनी पड़ी थीं। उनकी जिंदगी में इतने दर्द थे कि उन्हें 'द ब्यूटी विद ट्रेजेडी' का तमगा दिया गया। इसके अलावा मधुबाला की बेपनाह सुंदरता की वजह से उन्हें 'वीनस ऑफ इंडियन सिनेमा' के नाम से भी जाना गया। मधुबाला हिंदी सिनेमा की एकमात्र ऐसी अभिनेत्री थीं जिनकी खूबसूरती की तुलना हॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री मर्लिन मुनरो से की जाती है। मधुबाला के दिल में एक छेद था और इसका पता उन्हें 1950 के दशक के मध्य में फिल्म 'मुगल ए आजम' की शूटिंग के दौरान लग गया था, लेकिन अपने बड़े परिवार की जिम्मेदारियों के तले दबे होने के कारण और अपने करियर की बुलंदी पर होने की वजह से मधुबाला ने इस गंभीर बीमारी को गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में धीरे-धीरे ये बीमारी और बड़ी हो गई। आखिरकार 23 फरवरी 1969 को महज 36 साल की उम्र में मधुबाला इस दुनिया को छोड़ गईं।
सलीम संग अधूरी रह गई अनारकली की मोहब्बत
मधुबाला और दिलीप कुमार के प्यार के किस्से सारी दुनिया जानती है। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म 'तराना' के सेट पर हुई। फिर मुगल-ए-आजम की मेकिंग के दौरान दोनों की नजदीकियां बढ़ीं। फिल्म में अनारकली और सलीम के किरदार में दोनों डूब गए। इस फिल्म की शूटिंग करीब नौ साल तक चली थी। फिल्म की शूटिंग के साथ शुरू हुआ इनके प्यार का रिश्ता फिल्म खत्म होते-होते टूट गया और एक बुरे मोड़ पर आकर खत्म हुआ। कहा जाता है कि मधुबाला अपने इस ब्रेकअप से बुरी तरह टूट गईं। ब्रेकअप का दर्द, ऊपर से दिल के मर्ज ने उन्हें बुरी तरह तोड़कर रख दिया।