बीते दिनों लॉकडाउन के चलते मुंबई में सभी धारावाहिकों और फिल्मों की शूटिंग पर रोक लगा दी गई थी। जिसके चलते टीवी चैनलों के सामने बड़ी मुसीबत पैदा हो गई थी। चैनलों को समझ नहीं आ रहा था कि दर्शकों को क्या दिखाया जाए। दूरदर्शन ने उस दौरान रामानंद सागर की रामायण को 33 साल बाद फिर से दिखाने का फैसला किया। और इसके बाद रामायण ने जो टीआरपी के रिकॉर्ड तोड़े उसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। हर जगह बस रामायण और उससे जुड़े कलाकारों की चर्चा हो होने लगी। तभी याद आया वो शख्स जिसने रावण का ऐसा किरदार निभाया जिसकी बराबरी आज तक कोई नहीं कर सका।
'रामायण' में केवट का रोल मांगने पहुंचे थे अरविंद त्रिवेदी, अमरीश पुरी की जगह खुद बन गए 'रावण'
रामानंद सागर के धारावाहिक रामायण में अरविंद त्रिवेदी ने रावण की अद्भुत भूमिका निभाई। उनका जन्म 8 नवंबर 1938 को हुआ था। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इस रोल के लिए पहले दिवंगत अभिनेता अमरीश पुरी को लिया जाना था लेकिन हालत कुछ ऐसे बने कि रोल त्रिवेदी के हाथों में चला गया और उसके बाद उन्होंने इस किरदार को निभाकर इतिहास रच दिया।
दरअसल रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल सहित धारावाहिक से जुड़े बाकी लोगों ने रावण की भूमिका के लिए अमरीश पुरी को पसंद किया था। उधर, अरविंद त्रिवेदी को जैसे ही पता चला कि रामानंद सागर की 'रामायण' की कास्टिंग हो रही है तो वो गुजरात से मुंबई ऑडिशन देने पहुंच गए।
अरविंद त्रिवेदी इस धारावाहिक में केवट का किरदार निभाना चाहते थे। ऑडिशन के दौरान रामानंद सागर ने उन्हें स्क्रिप्ट पढ़ने को कहा। जब त्रिवेदी ने स्क्रिप्ट पढ़ी तो थोड़ी देर के लिए सन्नाटा पसर गया। जब अरविंद स्क्रिप्ट वापस देकर जाने लगे तो रामानंद सागर बोल पड़े कि उन्हें अपना लंकेश मिल गया। उनकी इस बात को सुनकर अरविंद हैरान रह गए थे।
अरविंद ने बताया था कि रामानंद सागर उनकी बॉडी लैंग्वेज देखकर समझ गए थे कि वह रावण के रोल के लिए परफेक्ट हैं। इस किरदार के लिए उन्हें एक ऐसा शख्स चाहिए था जो ना केवल बुद्धिमान बल्कि बलवान भी हो। उन्हें यह सभी खूबियां अरविंद में नजर आईं, जिसके बाद उन्होंने इस रोल के लिए अरविंद को साइन कर लिया।
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