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Ahmedabad Plane Crash Air India Aryan Viral Video May Prove to be Important in Investigation News in Hindi
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Air India Plane Crash: हादसे की जांच में अहम सुराग साबित हो सकता है आर्यन का वीडियो; हर पहलू की हो रही समीक्षा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 16 Jun 2025 09:00 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने रविवार को अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सिविल अस्पताल का भी दौरा किया, जहां घायलों का इलाज चल रहा है। इससे पहले गुरुवार को दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में एआई ड्रीमलाइनर में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी।
अहमदाबाद विमान हादसे से जुड़े जिस वीडियो ने पूरे देश का ध्यान खींचा था, वह हादसे की जांच में अहम सुराग साबित हो सकता है। अहमदाबाद के किशोर 12वीं के छात्र आर्यन असारी ने महज उत्सुकतावश अपनी छत पर खड़े होकर वह वीडियो बनाया था। दरअसल, वीडियो से हादसे की काफी स्पष्ट तस्वीर सामने आई है, जिससे ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि उपकरण संबंधी आपात स्थिति या फिर पॉवर बैकअप में आई समस्या जोरदार धमाके की वजह हो सकती है।
वैसे तो विमान का फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर यानी ब्लैक बॉक्स मिल चुका है और हादसे की असली वजह इससे ही पता चलेगी। लेकिन, आर्यन का वीडियो हादसे के कारणों को लेकर लगाई जा रही कई अटकलों को चुनौती देता लग रहा है। विशेषज्ञ अभी इस पर अटकलें लगा रहे हैं कि विमान में इमरजेंसी पॉवर सोर्स एपीयू (ऑक्सीलरी पावर यूनिट) या आरएटी (रैम एयर टर्बाइन) सक्रिय हुए थे या नहीं। पर, आर्यन के फोन पर रिकॉर्ड वीडियो से पता चलता है कि आरएटी नीचे था। अगर आरएटी नीचे होने की बात को सही मानें, तो यह एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश के बयान से मेल खाता लगता है। विश्वास का कहना है कि एक तेज धमाके के साथ लाइट चली गई, फिर केबिन में एक हरी लाइट चमकी। इसके बाद ही पायलट ने मेडे कॉल की थी।
एयरपोर्ट पर मौजूद एक सूत्र का यह कहना भी उपकरण संबंधी खराबी की ओर इशारा करता है कि विमान में ईंधन भरने में जरूरत से ज्यादा समय (42 मिनट) लगा था। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यह सामान्य बात है।
दोनों इंजन एकसाथ फेल होना एक बड़ा सवाल बना
वैसे, तो दोनों इंजन के एकसाथ फेल होने को दुर्लभ घटना माना जाता है, लेकिन विमान में आरएटी सक्रिय होने का मतलब है कि कोई गंभीर आपात स्थिति थी। यह विद्युत प्रणाली पूरी तरह विफल होने, हाइड्रोलिक सिस्टम गड़बड़ाने से विमान का ऊपर उठना मुश्किल होने या दोहरा इंजन फेल होने की समस्या का संकेत हो सकता है। पहले विशेषज्ञ मान रहे थे कि एक साथ दोनों इंजन फेल होने की गुंजाइश नहीं है। लेकिन अब जांचकर्ताओं के लिए एक बड़ा सवाल हो सकता है।
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एअर इंडिया विमान हादसे की तस्वीर
- फोटो : PTI
तमाम पहलुओं की जांच के बाद ही निकलेगा नतीजा
नियामक एजेंसी से जुड़े एक सूत्र ने कहा था कि धमाका निचले हैच के टूटने और आरएटी स्वचालित रूप से तैनात होने का संकेत हो सकता है। वैसे, इसके पीछे कुछ और भी कारण हो सकते हैं। लेकिन जैसाकि नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने एक दिन पहले कहा था कि जांचकर्ता हर पहलू से गंभीरता से जांच करेंगे, निश्चित तौर पर महज एक वीडियो साक्ष्य के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। हालांकि जांचकर्ताओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण सुराग जरूर साबित हो सकता है।
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एअर इंडिया विमान हादसे की तस्वीर
- फोटो : PTI
किसी एक खामी की वजह से हादसा होने की गुंजाइश कम
आमतौर पर ऐसे हादसों में एक के बाद एक कई चीजें गड़बड़ होने की संभावना होती है और इस घटना में भी कुछ ऐसा ही माना जा रहा है। हालांकि, पहले विशेषज्ञों की राय बन रही थी कि एआई-171 का लैंडिंग गियर नीचे था और शायद विमान के रनवे से उतरने के बाद भी फ्लैप वापस नहीं खींचे गए थे। कुछ लोग गियर के बजाय फ्लैप को गलत तरीके से वापस खींचने को जिम्मेदार मान रहे थे। लेकिन वीडियो को देखते हुए माना जा रहा है कि एक साथ कई गड़बड़ियां हादसे की वजह बनीं।
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एअर इंडिया विमान हादसे की तस्वीर
- फोटो : PTI
अंडरकैरिज ऊपर न उठने के साथ गड़बड़ी शुरू होने के आसार
उपलब्ध वीडियो में रोटेशन की दर (टेकऑफ के दौरान नोज व्हील को जमीन से ऊपर उठाने के लिए योक या सेंटर स्टिक पीछे खींचने की क्रिया) ठीक प्रतीत होती है लेकिन विमान के हवा में होने के बावजूद अंडरकैरिज ऊपर नहीं उठाया गया। इससे लगता है कि शायद तभी से चीजें गलत होनी शुरू हुई थीं। विमान 100 फीट ऊपर पहुंचने के बाद लैंडिंग गियर वापस ले लिया जाना चाहिए था। लैंडिंग गियर नीचे होने के बावजूद पायलटों का नोज ऊपर खींचना एक हताश कदम का संकेत देता है क्योंकि तब तक कॉकपिट में शायद अलार्म बजने लगे होंगे।
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