संसद की एक समिति ने यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया पर कार्यक्रम करने वाले रणवीर अल्लाहबादिया की अपमानजनक टिप्पणी के मामले में बड़ा कदम उठाया है। समिति ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से तीखे शब्दों का उपयोग किए जाने का हवाला देते हुए इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जवाब मांगा है। समिति ने मंत्रालय से कहा कि वह ऐसे मामलों से निपटने में मौजूदा कानूनों के असर और ऑनलाइन मंचों को कानूनी जांच के दायरे में लाने के लिए आवश्यक किसी भी संशोधन पर एक नोट प्रस्तुत करे।
Ranveer Allahbadia Row: रणवीर अल्लाहबादिया विवाद के बीच संसदीय समिति का बड़ा कदम, आईटी मंत्रालय से मांगा जवाब
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 20 Feb 2025 07:53 AM IST
सार
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति ने यूट्यूबर के मुद्दे पर मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि मंत्रालय यह बताए कि क्या ऐसे मंचों को कानूनी जांच के दायरे में लाने के लिए मौजूदा कानूनों या आईटी अधिनियम, 2000 में संशोधन करने की आवश्यकता है।
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