पश्चिम बंगाल की राजधानी में शनिवार शाम दुर्गापूजा के एक पंडाल में भगदड़ से 13 महिलाओं समेत 19 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इनमें दो बच्चे भी हैं। 25 लोग घायल हैं, जिनमें एक गंभीर है। हादसे का शिकार चोरबागान सार्वजनिन दुर्गापूजा पंडाल की समिति और सुरक्षा एजेंसियों के करीब 10 सदस्यों को हिरासत में लिया गया है।
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बंगाल भगदड़: मां दुर्गा के चोरबागान पंडाल हादसे के 19 मृतकों में 13 महिलाएं; अस्पताल में हर तरफ दर्द और आंसू
Sun, 18 Oct 2026 05:04 AM IST
ज्योति भास्कर
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता।
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 18 Oct 2026 05:04 AM IST
सार
पश्चिम बंगाल में भगदड़ के कारण हुई 19 मौतों में महिलाओं औऱ बच्चों ने भी जान गंवाई। दिल दहलाने वाले हादसे के मृतकों में 13 महिलाएं शामिल हैं। आलम ये है कि अस्पताल में हर तरफ दर्द और आंसू दिख रहे हैं। तेज बारिश से बचने के लिए पंडाल में घुसे लोगों को अचानक पीछे से धक्का लगा। इसके बाद लोग एक के ऊपर एक गिरते गए । हादसे में 25 घायल भी हुए हैं।
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कोलकाता में भगदड़
- फोटो : पीटीआई-अमर उजाला ग्राफिक्स
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कोलकाता में भगदड़
- फोटो : पीटीआई
बेसुध लोगों को बाइक से अस्पताल तक पहुंचाया गया
अस्पताल के गलियारे में घायल बेटी और नन्हीं पोती की सलामती के लिए बिलख रहे बुजुर्ग ने कहा, पूरे इलाके में घना अंधेरा पसरा था, लाइट नहीं जल रही थी। हादसे के वक्त न कोई पुलिसकर्मी दिखा और न हालात संभालने के लिए पूजा समिति का कोई वॉलंटियर।
अस्पताल के गलियारे में घायल बेटी और नन्हीं पोती की सलामती के लिए बिलख रहे बुजुर्ग ने कहा, पूरे इलाके में घना अंधेरा पसरा था, लाइट नहीं जल रही थी। हादसे के वक्त न कोई पुलिसकर्मी दिखा और न हालात संभालने के लिए पूजा समिति का कोई वॉलंटियर।
- प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एंबुलेंस के देरी से आने के चलते बेसुध पड़े श्रद्धालुओं को मोटरसाइकिलों पर लादकर अस्पताल पहुंचाया गया।
कोलकाता में भगदड़
- फोटो : पीटीआई
परिवार उजड़े : आंखों के सामने अपनों का हाथ छूटा...न बचा पाने की बेबसी
जिस पंडाल में मां के गीत गूंज रहे थे, कुछ ही देर में वहां चीत्कार और बदहवासी थी। अपनी परवाह न कर हर शख्स अपनों को बचाने की जद्दोजहद में जुटा था, पर भगदड़ का आलम ऐसा कि भीड़ का धक्का लगता और अपनों का हाथ छूट जाता। नदिया से आए एक व्यक्ति ने बताया, मैं अपनी पत्नी और साली की बेटी को पूजा दिखाने कोलकाता लाया था। भगदड़ मची तो पत्नी को आंख के सामने ही गिरते देखा। पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, उठाने की कोशिश की, लेकिन कुछ नहीं कर सका।
जिस पंडाल में मां के गीत गूंज रहे थे, कुछ ही देर में वहां चीत्कार और बदहवासी थी। अपनी परवाह न कर हर शख्स अपनों को बचाने की जद्दोजहद में जुटा था, पर भगदड़ का आलम ऐसा कि भीड़ का धक्का लगता और अपनों का हाथ छूट जाता। नदिया से आए एक व्यक्ति ने बताया, मैं अपनी पत्नी और साली की बेटी को पूजा दिखाने कोलकाता लाया था। भगदड़ मची तो पत्नी को आंख के सामने ही गिरते देखा। पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, उठाने की कोशिश की, लेकिन कुछ नहीं कर सका।
- 7 साल की बच्ची मां का हाथ पकड़कर पूजा देखने आई थी। भगदड़ में गिरने के बाद घायल होने पर उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां ऑक्सीजन दी जा रही थी।
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कोलकाता में भगदड़
- फोटो : पीटीआई
कोलकाता में ज्यादा भीड़ वाले पंडाल बंद होंगे
हादसे के बाद पुलिस ने कोलकाता के कई प्रमुख दुर्गा पूजा आयोजकों से अपने पंडालों को कुछ समय के लिए बंद करने को कहा है। इन पंडालों में ज्यादा भीड़ आ रही थी। शहर में लगभग 3,500 दुर्गा पूजा पंडालों का आयोजन किया जा रहा है।
हादसे के बाद पुलिस ने कोलकाता के कई प्रमुख दुर्गा पूजा आयोजकों से अपने पंडालों को कुछ समय के लिए बंद करने को कहा है। इन पंडालों में ज्यादा भीड़ आ रही थी। शहर में लगभग 3,500 दुर्गा पूजा पंडालों का आयोजन किया जा रहा है।
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कोलकाता में भगदड़
- फोटो : पीटीआई
लापरवाही : रास्ता संकरा था, पंडाल में रोशनी भी कम
कोलकाता पुलिस के अनुसार, रात 7:40 बजे बारिश के दौरान पंडाल के निकास द्वार पर भारी भीड़ जुटने से अफरा-तफरी मची। लोगों ने तेज बारिश से बचने के लिए पंडाल के भीतर जाने की कोशिश की। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, भीड़ में फंसी एक लड़की गिरी, उसके बाद भीड़ उसे रौंदती चली गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि प्रवेश और निकास के रास्ते संकरे थे, रोशनी भी कम थी।
कोलकाता पुलिस के अनुसार, रात 7:40 बजे बारिश के दौरान पंडाल के निकास द्वार पर भारी भीड़ जुटने से अफरा-तफरी मची। लोगों ने तेज बारिश से बचने के लिए पंडाल के भीतर जाने की कोशिश की। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, भीड़ में फंसी एक लड़की गिरी, उसके बाद भीड़ उसे रौंदती चली गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि प्रवेश और निकास के रास्ते संकरे थे, रोशनी भी कम थी।
- एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि उसकी तीन सहेलियां साथ थीं। भीड़ में वे भी दब गईं। तीनों का पता नहीं चल रहा है।
- पंडाल के भीतर 360 डिग्री घूमकर बाहर निकलने के लिए गोलाकार ऊंचा गलियारा बनाया गया था। इसी हिस्से में भीड़ का दबाव बढ़ा। पंडाल के ढांचे का हिस्सा टूटने की आशंका भी जताई जा रही है।
- सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि आयोजकों की ओर से लाउडस्पीकर पर की गई घोषणा और सुरक्षा गार्डों के सीटी बजाने के बाद भगदड़ मची।