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Cyclone Sitrang: कितना खतरनाक है चक्रवाती तूफान 'सितरंग', जानें कहां-कहां पड़ेगा इसका असर?

Sun, 23 Oct 2022 01:59 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sun, 23 Oct 2022 01:59 PM IST
सार

आज हम आपको इस तूफान से जुड़ी सारी जरूरी जानकारी देंगे। बताएंगे कि ये चक्रवाती तूफान सितरंग क्या है और कितना खतरनाक है? इसका कितना असर होगा? कहां-कहां लोग प्रभावित होंगे? आपके शहर का मौसम कैसा रहेगा? आइए जानते हैं...

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Cyclone Sitrang: How dangerous is cyclonic storm 'Sitrang', know where it will affect?
चक्रवात तूफान - फोटो : अमर उजाला
बंगाल की खाड़ी में तैयार हुआ चक्रवाती तूफान 'सितरंग' तेजी से भारत की तरफ बढ़ रहा है। 25 अक्तूबर को इसके पश्चिम बंगाल के तट से टकराने की आशंका है। इसकी वजह से कई इलाकों में दीपावली के दौरान भारी बारिश होने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 


ऐसे में आज हम आपको इस तूफान से जुड़ी सारी जरूरी जानकारी देंगे। बताएंगे कि ये चक्रवाती तूफान सितरंग क्या है और कितना खतरनाक है? इसका कितना असर होगा? कहां-कहां लोग प्रभावित होंगे? आपके शहर का मौसम कैसा रहेगा? आइए जानते हैं...
 
Cyclone Sitrang: How dangerous is cyclonic storm 'Sitrang', know where it will affect?
चक्रवात तूफान - फोटो : अमर उजाला
पहले सितरंग के बारे में जान लीजिए 
चक्रवाती तूफान 'सितरंग' बंगाल की खाड़ी में तैयार हुआ है। इस तूफान का नाम थाईलैंड ने दिया है। मौसम विभाग ने कहा है कि बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है जो कि एक डीप डिप्रेशन में बदल गया। अब यह पोर्ट ब्लेयर से लगभग 580 किमी उत्तर-पश्चिम में, सागर द्वीप से 700 किमी दक्षिण में और बारिसल (बांग्लादेश) से 830 किमी दक्षिण में केंद्रित हो गया है।

इस तूफान के 25 अक्तूबर को पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट से टकराने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बारिश होने के आसार हैं। सबसे ज्यादा असर सुंदरबन और पूर्वी मिदनापुर के तटीय इलाकों पर पड़ सकता हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सितरंग दो साल पहले आए अम्फान तूफान जैसा खतरनाक नहीं होगा। मतलब इससे ज्यादा तबाही नहीं होगी। ये बड़ी राहत की बात है। 
 
Cyclone Sitrang: How dangerous is cyclonic storm 'Sitrang', know where it will affect?
चक्रवात तूफान - फोटो : अमर उजाला
कहां-कहां अलर्ट जारी हुआ? 
मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के साथ-साथ ओडिशा के पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालेश्वर, मयूरभंज, जाजपुर, क्योंझर, कटक और खुर्दा जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने कहा, हमने आठ जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। राज्य इस चुनौती से निपटने को तैयार है।

मौसम विभाग ने मछुआरों को 23 से 26 अक्तूबर के बीच ओडिशा तट और पश्चिम-मध्य व उत्तरी बंगाल की खाड़ी में जाने से मना किया है। दोनों राज्यों की सरकारों ने भी तटीय इलाकों को खाली करा लिया है और आपदा प्रबंधन यूनिट को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। 
 
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चक्रवात तूफान - फोटो : अमर उजाला
क्या होते हैं चक्रवात? 
चक्रवात को अंग्रेजी में साइक्लोन कहा गया है। ये शब्द ग्रीक भाषा के साइक्लोस (Cyclos) से लिया गया है। इसका मतलब सांप की कुंडलियां होता है। इसे ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में चक्रवाती तूफान कुंडली मारे सांपों की तरह दिखाई देते हैं। ये एक गोलाकार तूफान (सर्कुलर स्टॉर्म) होते हैं, जो गर्म समुद्र के ऊपर बनते हैं। जब ये चक्रवात जमीन पर पहुंचते हैं, तो अपने साथ भारी बारिश और तेज हवाएं लेकर आते हैं। ये हवाएं उनके रास्ते में आने वाले पेड़ों, गाड़ियों और कई बार तो घरों को भी तबाह कर सकती हैं।
 
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चक्रवात तूफान - फोटो : अमर उजाला
कैसे तैयार होता है चक्रवात तूफान? 
चक्रवात समुद्र के गर्म पानी के ऊपर बनते हैं। समुद्र का तापमान बढ़ने पर उसके ऊपर मौजूद हवा गर्म और नम हवा होने की वजह से ऊपर उठती है। इससे उस हवा का एरिया खाली हो जाता है और नीचे की तरफ हवा का प्रेशर यानी वायु दाब कम हो जाता है। इस खाली जगह को भरने के लिए आसपास की ठंडी हवा वहां पहुंचती है। इसके बाद ये नई हवा भी गर्म और नम होकर ऊपर उठती है। इसका एक साइकिल शुरू हो जाता है, जिससे बादल बनने लगते हैं। पानी के भाप में बदलने से और भी बादल बनने लगते हैं। इससे एक स्टोर्म साइकिल या तूफान चक्र बन जाता है, जो धरती के घूमने के साथ ही घूमते रहते हैं।

स्टॉर्म सिस्टम के तेजी से घूमने की वजह से उसके सेंटर में एक आई बनता है। तूफान के आई को उसका सबसे शांत इलाका माना जाता है, जहां एयर प्रेशर सबसे कम होता है। ये स्टॉर्म सिस्टम हवा की स्पीड 62 किमी/घंटे होने तक ट्रोपिकल स्टॉर्म कहलाते हैं। हवा की रफ्तार 120 किमी/घंटे पहुंचने पर ये स्टॉर्म साइक्लोन बन जाते हैं।

साइक्लोन आमतौर पर ठंडे इलाकों में नहीं बनते है, क्योंकि इन्हें बनने के लिए गर्म समुद्री पानी की जरूरत होती है। लगभग हर तरह के साइक्लोन बनने के लिए समुद्र के पानी के सरफेस का तापमान 25-26 डिग्री के आसपान होना जरूरी होता है। इसीलिए चक्रवात को ट्रोपिकल चक्रवात भी कहा जाता है। ट्रॉपिकल इलाके आमतौर गर्म होते हैं, जहां साल भर औसत तापमान 18 डिग्री से कम नहीं रहता।
 
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