भारतीय अंतरिक्ष एवं अनुसंधान संगठन (इसरो) के ऐतिहासिक 100वें मिशन की उल्टी गिनती मंगलवार तड़के शुरू हो गई। इस मिशन के तहत आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी रॉकेट के जरिए नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-2 का प्रक्षेपण किया। लगभग 20 मिनट उपग्रह कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया।
ISRO NVS02 Launch: एनवीएस-2 उपग्रह प्रक्षेपित हुआ; 100वें मिशन के साथ अंतरिक्ष संगठन ने रचा इतिहास; मकसद जानिए
भारतीय अंतरिक्ष एवं अनुसंधान संगठन (इसरो) के ऐतिहासिक 100वें मिशन की उल्टी गिनती मंगलवार को शुरू हो गई। इस मिशन के तहत श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी रॉकेट के जरिये नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-2 का बुधवार सुबह 6:23 बजे प्रक्षेपण किया।
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#WATCH | Tirupati, Andhra Pradesh: ISRO launchs its 100th mission, the NVS-02 navigation satellite aboard the launch vehicle GSLV-F15 from Sriharikota in Andhra Pradesh at 6.23 am today.
— ANI (@ANI) January 29, 2025
(Source: ISRO) pic.twitter.com/n5iY9N8N0p
लोकेशन आधारित सेवाओं का और सटीक इस्तेमाल संभव होगा
यूआर सैटेलाइट सेंटर की तरफ से डिजाइन और विकसित एनवीएस-2 उपग्रह का वजन लगभग 2,250 किलोग्राम है। इसमें अपने पूर्ववर्ती एनवीएस-01 की तरह सी-बैंड में रेंजिंग पेलोड के अलावा एल-1, एल-5 और एस बैंड में नेविगेशन पेलोड है। इसके जरिये जमीनी, हवाई और समुद्री नेविगेशन को और सटीक बनाने मदद मिलेगी। वहीं, कृषि संबंधी डाटा जुटाना, बेड़े का प्रबंधन करना और मोबाइल फोनों में लोकेशन आधारित सेवाओं का इस्तेमाल करना भी और आसान होगा। इसरो के मुताबिक, यह सैटेलाइट उपग्रहों के लिए कक्षा निर्धारण, इंटरनेट-ऑफ-थिंग्स (आईओटी) आधारित एप और आपातकालीन सेवाओं के लिहाज से भी बेहद अहम है।
तिरुमला मंदिर पहुंचे इसरो प्रमुख
ऐतिहासिक सौंवे प्रक्षेपण से एक दिन पहले इसरो प्रमुख नारायणन वैज्ञानिकों की एक टीम के साथ तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने भगवान के चरणों में रॉकेट का एक मॉडल रखा और मिशन की सफलता के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने इसरो के आगामी मिशनों की सफलता के लिए भी प्रार्थना की। वहीं, न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान उन्होंने इसरो में तीसरे लॉन्च पैड के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि अंतरिक्ष में भारी रॉकेटों का प्रक्षेपण संभव हो सकेगा।