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Mainpuri Bypoll: अखिलेश-शिवपाल की इन तस्वीरों ने मैनपुरी उपचुनाव में बढ़ाई हलचल, समझें ताजा सियासी समीकरण
Tue, 22 Nov 2022 11:03 AM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 22 Nov 2022 11:03 AM IST
सार
सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों के बीच सारे गिले-शिकवे दूर हो चुके हैं? क्या अब पूरी तरह से शिवपाल की सपा में वापसी होगी? इन सब सवालों के जवाब देते हुए हम उन तस्वीरों को भी दिखाएंगे, जिन्होंने सियासी गलियारे में हलचल बढ़ा दी है।
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अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
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समाजवादी पार्टी के लिए मैनपुरी लोकसभा का उपचुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। वहीं, भाजपा भी सपा की इस परंपरागत सीट को छीनने के लिए दम लगा रही है।
मैनपुरी उपचुनाव से ठीक पहले अखिलेश ने ये तस्वीर शेयर की थी। इसके जरिए उन्होंने परिवार में सबकुछ ठीक
- फोटो : अमर उजाला
क्या शिवपाल और अखिलेश की दूरियां खत्म हो चुकी हैं?
इसे समझने के लिए हमने वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार सिंह से बात की। उन्होंने कहा, 'मैनपुरी का उपचुनाव यादव परिवार के लिए प्रतिष्ठा की बात है। 1989 से ये सीट मुलायम सिंह यादव और उनके करीबियों के पास ही रही है। ऐसे में अब उनके न रहने पर अगर ये सीट सपा हारती है तो इसका बड़ा सियासी संदेश जाएगा। अखिलेश यादव के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े होंगे। यही कारण है कि वह किसी भी हालत में ये उपचुनाव जीतना चाहते हैं।'
इसे समझने के लिए हमने वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार सिंह से बात की। उन्होंने कहा, 'मैनपुरी का उपचुनाव यादव परिवार के लिए प्रतिष्ठा की बात है। 1989 से ये सीट मुलायम सिंह यादव और उनके करीबियों के पास ही रही है। ऐसे में अब उनके न रहने पर अगर ये सीट सपा हारती है तो इसका बड़ा सियासी संदेश जाएगा। अखिलेश यादव के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े होंगे। यही कारण है कि वह किसी भी हालत में ये उपचुनाव जीतना चाहते हैं।'
शिवपाल और अखिलेश एकसाथ कई मंच साझा कर चुके हैं। शिवपाल के भाषण के वक्त अखिलेश मुस्कुरा रहे थे। ये भी
- फोटो : अमर उजाला
प्रमोद आगे कहते हैं, 'अखिलेश जानते हैं कि अब तक पिता मुलायम सिंह यादव ने ही पूरे परिवार को एकजुट रखा। भले ही परिवार में खटपट हुई और कुछ लोगों ने अलग रास्ता भी पकड़ लिया, लेकिन मुलायम के नाम पर पूरा परिवार हमेशा एकजुट रहा। शिवपाल सिंह यादव भी मुलायम का ही सम्मान करते थे। अब उनके न रहने पर अखिलेश को कोई ऐसा शख्स चाहिए तो परिवार को एकजुट रख सके। ये काम शिवपाल सिंह यादव के अलावा कोई नहीं कर सकता है। यही कारण है कि मुलायम सिंह यादव के निधन पर अखिलेश और शिवपाल के बीच दूरियां खत्म होते दिखाई दी हैं।’
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अखिलेश यादव अपने दोनों चाचा के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
प्रमोद कहते हैं, ‘कुछ ऐसा ही इस बार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भी देखने को मिला था। तब शिवपाल को अखिलेश ने गठबंधन में शामिल किया था। हालांकि, तब अखिलेश ने शिवपाल के अलावा उनकी पार्टी से किसी और को टिकट नहीं दिया था। चुनाव के बाद अखिलेश और शिवपाल में तल्खी भी बढ़ गई थी। ऐसे में ये भी संभव है कि केवल मैनपुरी उपचुनाव के लिए अखिलेश ने शिवपाल के साथ दूरियां कम की हों और बाद में फिर से दोनों के बीच रिश्ते खराब हो सकते हैं।'
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शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश यादव लगातार एकसाथ मंच साझा कर रहे हैं।
- फोटो : अमर उजाला
प्रमोद के अनुसार, 'शिवपाल सिंह यादव तभी सपा में वापस आएंगे, जब उन्हें सम्मानजनक स्थिति लगेगी। शिवपाल खुद इसके बारे में कई बार बोल चुके हैं। इसकी तस्वीर काफी हद तक इस उपचुनाव के बाद साफ हो जाएगी। ये भी पता चल जाएगा कि शिवपाल वापस सपा में शामिल होंगे या फिर अखिलेश से उनकी लड़ाई और तेज हो जाएगी। हालांकि, अभी वह अखिलेश यादव के करीब जरूर दिख रहे हैं। शिवपाल ने एक ट्विट के जरिए इसे जाहिर करने की कोशिश भी की है। उन्होंने अखिलेश के साथ खुद की एक फोटो शेयर करते हुए लिखा था कि हम सबमें हैं नेताजी, लो सब हो गए एक...।'