रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक अनंत अंबानी ने जामनगर से द्वारका तक अपनी 170 किमी की पदयात्रा रविवार को पूरी की। आज (तिथि के हिसाब से) अनंत का 30वां जन्मदिन भी है। अनंत तड़के श्री द्वारकाधीश मंदिर पहुंचे जहां उनकी पत्नी राधिका मर्चेंट और मां नीता अंबानी भी शामिल हुईं। राधिका ने कहा, आज अनंत का 30वां जन्मदिन है। उनकी इच्छा थी कि वे हमारी शादी के बाद यह पदयात्रा करें।
Anant Ambani: जानिए क्या है कुशिंग सिंड्रोम जिससे जूझ रहे हैं अनंत अंबानी, क्या होती हैं इसमें दिक्कतें?
अनंत कुशिंग सिंड्रोम नामक एक बीमारी का शिकार हैं। ये बीमारी क्या है और इसके कारण किस तरह की दिक्कतें होती हैं, आइए इस बारे में जानते है।
कुशिंग सिंड्रोम क्या होता है?
कुशिंग सिंड्रोम तब होता है जब शरीर में लंबे समय तक कॉर्टिसोल हॉर्मोन का स्तर बहुत अधिक बना रहता है। कॉर्टिसोल जिसे स्ट्रेस हार्मोन के रूप में भी जाना जाता है, ये शरीर को स्ट्रेस का सामना करने में मदद करता है। हालांकि इसकी अधिकता कई प्रकार की दिक्कतों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
कॉर्टिसोल हार्मोन की अधिकता और कुशिंग सिंड्रोम के कारण रोगी को मोटा कूबड़, चेहरा बहुत गोल होने और त्वचा पर गुलाबी या बैंगनी रंग के स्ट्रेच के निशान हो सकते हैं। कुशिंग सिंड्रोम के कारण हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत या हड्डियों को क्षति होने का भी खतरा बना रहता है। यह टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा भी बढ़ा सकती है।
ये दिक्कत होती क्यों है?
कुशिंग सिंड्रोम शरीर में बहुत अधिक कोर्टिसोल के कारण होता है। कोर्टिसोल एक हार्मोन है जो एड्रेनल ग्रंथियों में बनता है।
- गलूकोकॉर्टिकॉइड दवाएं लेने वाले लोगों में भी कुशिंग सिंड्रोम हो सकता है। ये दवाएं अक्सर शरीर में सूजन को कम करने, प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाने के अलावा अस्थमा, एलर्जी और कुछ त्वचा संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती रही हैं।
- एड्रेनल कॉर्टिकल ट्यूमर सहित कुछ अन्य प्रकार के ट्यूमर के कारण भी ये समस्या हो सकती है।
कैसे जानें कहीं आप भी तो नहीं हो गए इसका शिकार?
कुशिंग सिंड्रोम के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है, कुछ लक्षण हैं जिसकी मदद से पता किया जा सकता है कि कहीं आपको ये दिक्कत तो नहीं है?
- चेहरे पर आकार बढ़ना या फिर पेट-गर्दन के पिछले हिस्से में कूबड़ होना।
- अक्सर उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की समस्या।
- चेहरे-गर्दन, छाती, पेट, स्तनों और जांघों पर अत्यधिक बाल उगना या गंजा होना।
- पेट और त्वचा पर बैंगनी रंग के स्ट्रेच के निशान।
- अक्सर कमजोरी और थकान रहना।
- दृष्टि धुंधली होना और चक्कर आना।
- बच्चों के विकास में रुकावट।
कुशिंग सिंड्रोम हो जाए तो क्या करें?
कुशिंग सिंड्रोम के इलाज का पहला लक्ष्य हाई कॉर्टिसोल के स्तर को कम करना। यदि आप ग्लूकोकोर्टिकोइड्स का उपयोग करते हैं, तो डॉक्टर इसकी खुराक कम या बंद कर सकते हैं। यदि कोई ट्यूमर कुशिंग सिंड्रोम का कारण बन रहा है, तो इसके लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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