देश कोविड-19 के बुरे दौर से गुजर रहा है। अभी संक्रमण की रफ्तार पर काबू भी नहीं पाया जा सका था कि विशेषज्ञों ने कोविड-19 से ठीक हो रहे लोगों में कवक (फंगल) संक्रमण के खतरे को लेकर सचेत किया है। ‘म्यूकोरमाइकोसिस’ नामक इस फंगल संक्रमण को सामान्य बोलचाल की भाषा में काला फंगल के नाम से भी जाना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कोरोना से ठीक हो रहे या ठीक हो चुके लोगों को यह संक्रमण हो सकता है। कमजोर इम्यूनिटी वालों के लिए यह संक्रमण खतरा बना हुआ है। नाक से शुरू होने वाला यह इन्फेक्शन आंखों और मस्तिष्क तक भी पहुंच जाता है, इतना ही नहीं यह कैंसर की तरह जानलेवा भी हो सकता है।
{"_id":"609ccfbea08fb33bce170527","slug":"black-fungus-is-very-dangerous-infection-for-eyes","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ब्लैक फंगस: विशेषज्ञ ने बताया आंखों के लिए बेहद खतरनाक है यह संक्रमण, ऐसे लक्षणों को पहचानने में न करें देरी","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
ब्लैक फंगस: विशेषज्ञ ने बताया आंखों के लिए बेहद खतरनाक है यह संक्रमण, ऐसे लक्षणों को पहचानने में न करें देरी
Thu, 13 May 2021 02:33 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Thu, 13 May 2021 02:33 PM IST
विज्ञापन
ब्लैक फंगस का आंखों पर बुरा असर
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कई लोगों को हो रहा है अंधापन
- फोटो : Social media
आंखों की जा रही है रोशनी
देश के कई राज्यों से खबरें आ रही हैं कि कोविड-19 को मात देने के बाद ब्लैक फंगस की वजह से लोगों के आंखों की रोशनी जा रही है। विशेषज्ञ, लोगों के सचेत रहकर इसके लक्षणों की निगरानी करने और इस बारे में तुरंत डॉक्टरों से संपर्क कर इलाज शुरू कराने की सलाह दे रहे हैं। आइए जानते हैं यह संक्रमण आंखों को कैसे नुकसान पहुंचा रहा है?
देश के कई राज्यों से खबरें आ रही हैं कि कोविड-19 को मात देने के बाद ब्लैक फंगस की वजह से लोगों के आंखों की रोशनी जा रही है। विशेषज्ञ, लोगों के सचेत रहकर इसके लक्षणों की निगरानी करने और इस बारे में तुरंत डॉक्टरों से संपर्क कर इलाज शुरू कराने की सलाह दे रहे हैं। आइए जानते हैं यह संक्रमण आंखों को कैसे नुकसान पहुंचा रहा है?
आंखों की लालिमा और तेज दर्द से करें पहचान
- फोटो : अमर उजाला
आंखों पर ब्लैक फंगस का असर
इस बारे में जानने के लिए हमने वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर सूद से बात की। डॉ समीर कहते हैं कि संक्रमण के इस तरह के मामले नए नहीं हैं, यह फंगस हमारे वातावरण में मौजूद रहता है। जब हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है तो यह फंगस शरीर पर हमला कर देता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में नाक के माध्यम से होते हुए यह संक्रमण आंखों के पिछले हिस्से में पहुंच जाता है। समय पर इसकी पहचान और इलाज बेहद जरूरी होता है।
इस बारे में जानने के लिए हमने वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर सूद से बात की। डॉ समीर कहते हैं कि संक्रमण के इस तरह के मामले नए नहीं हैं, यह फंगस हमारे वातावरण में मौजूद रहता है। जब हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है तो यह फंगस शरीर पर हमला कर देता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में नाक के माध्यम से होते हुए यह संक्रमण आंखों के पिछले हिस्से में पहुंच जाता है। समय पर इसकी पहचान और इलाज बेहद जरूरी होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डबल विजन और अंधापन भी कर सकता है यह संक्रमण
- फोटो : Social media
आंखों में ब्लैक फंगस के संक्रमण को कैसे पहचानें?
डॉ. समीर कहते हैं कि संक्रमित लोगों को आंखों में लाली और दर्द की समस्या होती है। इसके अलावा कुछ लोगों को डबल विजन और गंभीर मामलों में अंधापन होने का भी खतरा रहता है। यह संक्रमण आंख की नसों को प्रभावित कर देता है, जिसके कारण आंखों में अन्य कई तरह की दिक्कतें भी हो सकती हैं।
डॉ. समीर कहते हैं कि संक्रमित लोगों को आंखों में लाली और दर्द की समस्या होती है। इसके अलावा कुछ लोगों को डबल विजन और गंभीर मामलों में अंधापन होने का भी खतरा रहता है। यह संक्रमण आंख की नसों को प्रभावित कर देता है, जिसके कारण आंखों में अन्य कई तरह की दिक्कतें भी हो सकती हैं।
विज्ञापन
स्टेरॉयड का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है नुकसानदायक
- फोटो : Social media
कोविड से ठीक होने के बाद क्यों बढ़ गया है इसका खतरा?
इस सवाल के जवाब में डॉ समीर कहते हैं कि कोविड-19 के इलाज के दौरान रोगियों को बहुत ज्यादा मात्रा में स्टेरॉयड दिया जाता है जिसके चलते उनकी इम्यूनिटी पर बुरा असर पड़ रहा है। संक्रमण का मुख्य कारण फिलहाल यही है। कोविड से ठीक हो चुके लोगों को सुबह हल्की धूप में बैठना चाहिए, इसके अलावा विटामिन्स और मिनरल्स का सेवन करने से भी इम्यूनिटी को ठीक करने में मदद मिल सकती है।
इस सवाल के जवाब में डॉ समीर कहते हैं कि कोविड-19 के इलाज के दौरान रोगियों को बहुत ज्यादा मात्रा में स्टेरॉयड दिया जाता है जिसके चलते उनकी इम्यूनिटी पर बुरा असर पड़ रहा है। संक्रमण का मुख्य कारण फिलहाल यही है। कोविड से ठीक हो चुके लोगों को सुबह हल्की धूप में बैठना चाहिए, इसके अलावा विटामिन्स और मिनरल्स का सेवन करने से भी इम्यूनिटी को ठीक करने में मदद मिल सकती है।