कोविड-19 संक्रमण के कारण हमें कई तरह की दीर्घकालीन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हाल के अध्ययनों से संकेत मिलता है कि कोविड-19 संक्रमण प्रजनन प्रणाली के सुचारू कामकाज को भी प्रभावित कर सकता है। इसका असर पुरुषों और महिलाओं दोनों में होता है, जिसके चलते आप संतान सुख से वंचित रह सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि प्रारंभिक स्तर पर इसका निदान कर लिया जाए तो इससे होने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा अध्ययन से जुड़े विशेषज्ञ संक्रमण से उबर चुके पुरुषों और महिलाओं को एहतियात के तौर पर प्रजनन विशेषज्ञ से परामर्श की सलाह देते हैं, जिससे भविष्य में किसी परेशानी से बचा जा सके।
तो क्या कोविड-19 संक्रमण आपको संतान सुख से रख सकता है वंचित, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
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कोविड-19 का गर्भावस्था पर प्रभाव
श्वसन से संबंधी यह बीमारी मुख्य रूप से फेफड़े, नाक और गले को प्रभावित करती है। हाल के अध्ययनों में अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कोविड-19 के कारण शुक्राणुओं की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार कोविड-19 संक्रमण गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी असर डालता है। लेकिन यह संक्रमण गर्भावस्था को किस प्रकार से प्रभावित करता है, इसके बारे में पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक कोमारबिडिटी वाली गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है।
क्या टीकाकरण के कारण प्रजनन पर पड़ता है प्रभाव?
हाल में ऐसी अपवाह उड़ी जिसमें कहा जा रहा था कि कोविड-19 का टीकाकरण प्रजनन क्षमता पर प्रभाव डाल सकता है। इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 के टीकों की बड़े पैमाने पर जांच की गई है। ऐसा कोई सबूत नहीं है जिसके आधार पर कहा जाए कि टीकाकरण के कारण प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में इस तरह की बातों पर लोगों को ध्यान नहीं देना चाहिए। टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है।
कैसे किया जा सकता है बचाव?
विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 से संक्रमित रह चुके पुरुषों और महिलों को डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए जिससे भविष्य में होने वाली प्रजनन से संबंधित किसी भी समस्या से बचा जा सके। इसके अलावा ऐसे लोगों को नियमित रूप से विटामिन-सी, विटामिन- डी के आहार पूरकों का सेवन करना चाहिए क्योंकि ऐसे आहारों को ओबरी और वीर्य की गुणवत्ता में सुधार करने में मददगार माना जाता है।