Origins of COVID-19: दिसंबर 2019 के आखिरी के दिनों में दुनियाभर में पहली बार सार्स-सीओवी-2 वायरस (कोरोनावायरस) के फैलने की खबरें सामने आईं। ये वायरस तब तक लोगों के लिए बिल्कुल नया और अनजान था। देखते ही देखते मार्च-अप्रैल 2020 तक वायरस का संक्रमण कई देशों में फैल गया। साल 2020-2022 तक कोरोना की लहरें काफी प्रभावी और गंभीर समस्याकारक रहीं, हालांकि समय के साथ इसकी गंभीरता कम होती गई और अब ये वायरस फ्लू की ही तरह सामान्य बनकर रह गया है।
Covid-19: बीत गए पांच साल, पर अब भी कोरोना की उत्पत्ति बनी हुई है राज, डब्ल्यूएचओ ने दी अहम जानकारी
- 5 साल बाद तक, अब भी वैज्ञानिकों की टीम इस बात का पता लगाने के लिए जुटी हुई है कि कोरोना आखिर शुरू कैसे हुआ, क्या ये मानव निर्मित था?
- डब्ल्यूएचओ ने एक रिपोर्ट में कहा कि कोविड-19 महामारी की उत्पत्ति का पता लगाने के प्रयास जारी हैं, हालांकि ये अब भी अधूरे हैं।
कोरोना की उत्पत्ति, अब भी राज
5 साल बाद तक, अब भी वैज्ञानिकों की टीम इस बात का पता लगाने के लिए जुटी हुई है कि कोरोना आखिर शुरू कैसे हुआ, क्या ये मानव निर्मित है?
हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक रिपोर्ट में कहा कि कोविड-19 महामारी की उत्पत्ति का पता लगाने के प्रयास जारी हैं हालांकि ये अब भी अधूरे हैं। इस दिशा में अब भी कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है।
डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा कि वायरस के कारणों का पता लगाने के लिए सभी परिकल्पनाएं टेबल पर रहनी चाहिए। टेड्रोस ने कहा, "हम चीन और अन्य देशों से अपील करते हैं जिनके पास भी कोविड-19 की उत्पत्ति के बारे में जानकारी है, वो उसे साझा करें।
क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार कुछ नई जानकारियां जरूरी मिली हैं, पर महामारी की उत्पत्ति का स्रोत अब भी अज्ञात है। रिपोर्ट के अनुसार डब्ल्यूएचओ ने चीन से कई अहम जानकारियां मांगी थीं, जिनमें 2019 के अंत में संक्रमित लोगों के जैविक नमूने, वुहान की मंडियों में बिकने वाले जानवरों की सूची व वहां की प्रयोगशालाओं की सुरक्षा प्रक्रियाएं शामिल थीं। पर, चीन ने ये सूचनाएं साझा नहीं कीं। इससे जांच अधूरी रह गई।
अब भी जारी है खोज
डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों ने कहा, अब तक 52 बैठकों और सैकड़ों दस्तावेज व शोध रिपोर्टों का अध्ययन करने के बावजूद रिपोर्ट यह निष्कर्ष नहीं दे पाई कि वायरस की उत्पत्ति का असली कारण क्या था?
डॉ. टेड्रोस घेब्रेयेसस ने कहा कि यह एक गहन वैज्ञानिक प्रयास रहा है, पर आज भी हम उस मूल बिंदु तक नहीं पहुंच सके हैं। सभी संभावनाएं खुली हैं।,यह वायरस या तो जानवरों से इंसानों में फैला या फिर किसी लैब से बाहर निकला। हम चीन से फिर अपील करते हैं कि यदि उसके पास कोई नई जानकारी हो तो उसे दे ताकि भविष्य में इस तरह की महामारियों से बचा जा सके।
गौरतलब है कि डब्ल्यूएचओ ने जांच समाप्त नहीं की है। यदि भविष्य में कोई नई जानकारी सामने आती है तो विशेषज्ञों का समूह उसका अध्ययन करेगा।
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स्रोत
WHO Scientific advisory group issues report on origins of COVID-19
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