पिछले कुछ वर्षों में, विशेषकर कोरोना महामारी के बाद से दुनिया के कई देशों में खसरा रोग के मामलों में तेजी से उछाल आया है। भारत, ब्रिटेन-अमेरिका सहित कई अन्य देशों में बड़ी संख्या में लोग इसका शिकार देखे गए हैं, ये बीमारी मुख्य रूप से बच्चों को अपना शिकार बनाती है।
Health Crisis: पड़ोसी देश में इस घातक संक्रमण से तपड़ रहे बच्चे, करीब 300 की मौत; भारत में भी बढ़े थे मामले
Bangladesh Measles Outbreak: बांग्लादेश में खसरा (मीजल्स) का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में 10 और बच्चों की मौत हो गई। अब तक यहां करीब 300 बच्चों में संक्रमण और मौत के मामले रिपोर्ट किए गए हैं।
बांग्लादेश में खसरा से बिगड़ते हालात
बांग्लादेश के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) के मुताबिक, रविवार को खसरा से होने वाली कन्फर्म मौतों की संख्या 50 तक पहुंच गई। इसी दौरान 9 और संदिग्ध मौतें भी सामने आईं, जिससे संदिग्ध मौतों का आंकड़ा बढ़कर 244 हो गया।
- 95 नए केस की भी पुष्टि हुई है जिससे कुल कंफर्म मामलों की संख्या बढ़कर 5,313 हो गई है।
- पिछले 24 घंटों में 1,166 नए संदिग्ध केस भी सामने आए, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या अब 40,491 हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दूर-दराज के इलाकों और गावों में हालात और खराब हैं। पहाड़ी गांवों में खसरे जैसे लक्षण वाले बच्चों का इलाज भी ठीक तरीके से नहीं हो पा रहा है। यहां कई परिवार मजबूरी में घरेलू और जड़ी-बूटी वाले इलाज का सहारा ले रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में 10 से 15 गांवों में कई बच्चे संक्रमित हुए हैं और कम से कम 5 बच्चों की मौत हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सही इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
क्यों बढ़ी है ये बीमारी?
अब सवाल है कि आखिर ये बीमारी इतनी तेजी से बढ़ी क्यों है?
इसपर एक ‘साइंस एडवाइजर’ का कहना है कि साल 2024 की जुलाई में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद वैक्सीन खरीद व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। बड़ी संख्या में बच्चों को संक्रमण से बचाने वाली टीके नहीं मिल पाए हैं, जिसके कारण ये बीमारी तेजी से बढ़ी है।
- देश में वैक्सीन की भारी कमी हो गई और टीकाकरण दर तेजी से गिर गई है।
- बच्चों में कुपोषण और कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
गौरतलब है कि 2024 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाया गया था। इसके वैक्सीन कवरेज सिस्टम पूरी तरह प्रभावित हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 में सरकार ने यूनिसेफ के जरिए वैक्सीन खरीदने की व्यवस्था बंद कर दी और ओपन टेंडर सिस्टम लागू कर दिया।
ढाका स्थित महामारी विज्ञान, रोग नियंत्रण और अनुसंधान संस्थान (आईईडीसीआर) के सलाहकार मोहम्मद मुश्तुक हुसैन ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार को तुरंत इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करना चाहिए।
यूएस-यूके और भारत में भी बढ़े थे मामले
भारत में भी पिछले साल जुलाई-अगस्त में खसरा के मामलों में बढ़ोतरी हुई थी।
बांग्लादेश के साथ पिछले महीने अमेरिका से भी आ रही जानकारियों में मम्प्स-मीजल्स के मामलों की बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई गई थी। अधिकारियों मे बताया था कि मम्प्स, मीजल्स और रूबेला (एमएमआर) वैक्सीनेशन की दरों में कमी के कारण मम्प्स और खसरा जैसी बीमारियां फिर से लौट रही हैं। इस साल जनवरी में, ऐसी रिपोर्टें आई थीं कि अमेरिका के खसरा-मुक्त देश का दर्जा भी अब संकट में है। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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