अच्छी सेहत के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को हरी पत्तेदार सब्जियां-साग और खूब सारा सलाद खाने की सलाह देते रहे हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन, मैग्नीशियम और जिंक सहित कई पोषक तत्वों का खजाना मानी जाती हैं। इससे स्वास्थ्य लाभ के लिए बहुत से लोग कच्ची सब्जियों और लेट्यूस (सलाद पत्ता) को सलाद के रूप में भी खाते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि इसे खाने को लेकर जरा सी भी असावधानी आपकी जान तक ले सकती है?
Cyclosporiasis: क्या सलाद खाने से भी जा सकती है जान? दो लोगों की मौत के बाद अलर्ट, आप भी हो जाएं सावधान
साइक्लोस्पोरा संक्रमण आमतौर पर जानलेवा नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक दस्त होने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। बिना उपचार के बीमारी लंबे समय तक बनी रह सकती है और कुछ मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है।
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साइक्लोस्पोरियासिस और इसका खतरा
अमेरिका में हुई साइक्लोस्पोरियासिस के कारण मौतों की जांच में मैक्सिको से आपूर्ति की गई आइसबर्ग लेट्यूस (सलाद पत्ता) को संक्रमण का प्रमुख स्रोत माना जा रहा है। हालांकि एक प्रयोगशाला जांच में परजीवी मिलने का दावा बाद में फॉल्स पॉजिटिव निकला, लेकिन अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) का कहना है कि उपलब्ध महामारी विज्ञान संबंधी साक्ष्य अब भी उसी आपूर्ति श्रृंखला की ओर इशारा कर रहे हैं।
फॉल्स पॉजिटिव को ऐसे समझिए कि एफडीए ने पहले कहा था कि जांच में लेट्यूस के नमूने में साइक्लोस्पोरा मिला है, लेकिन बाद में दोबारा समीक्षा में यह परिणाम गलत पाया गया।
साइक्लोस्पोरियासिस के बारे में जान लीजिए
साइक्लोस्पोरा एक तरह का सूक्ष्म परजीवी होता है, जो साइक्लोस्पोरियासिस नामक आंतों के संक्रमण का कारण बनता है। ये परजीवी संक्रमित पत्तेदार सब्जियों, फलों दूषित पानी के जरिए शरीर में पहुंचता है। भारत में इसका खतरा आयातित लेट्यूस तक सीमित नहीं है। दूषित पानी से फलों-सब्जियों को धोया जाए तो भी पत्तेदार सब्जियां संक्रामक होती हैं।
बरसात के दिनों में इसका खतरा और भी ज्यादा हो सकता है। यही कारण है स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस मौसम में पत्तेदार सब्जियां खाने से बचने की सलाह देते हैं।
- लेट्यूस का इस्तेमाल सलाद, बर्गर, सैंडविच और रैप्स में सबसे अधिक होता है, इसलिए इन चीजों के खाने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि वैसे तो सभी लेट्यूस या ताजी सब्जियां असुरक्षित नहीं हैं। लेकिन ध्यान देने जरूरी है कि सब्जियां अच्छी तरह धोई हुई हों।
क्या भारत में भी हो सकता है खतरा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों के सुपरमार्केट, आधुनिक किराना स्टोर, होटलों- रेस्तरां में लेट्यूस आसानी से मिल जाता है। इसका सबसे अधिक इस्तेमाल शहरी उपभोक्ता करते हैं। लेट्यूस सलाद का पत्ता है, जो दिखने में पत्तागोभी जैसा होता है। इसका उपयोग सलाद, बर्गर, सैंडविच, रैप्स में होता है।
- यदि किसी को संक्रमण हो जाए तो इसके कारण पानी जैसे बार-बार दस्त होते हैं। इसके अलावा पेट दर्द, मतली, थकान, भूख कम लगने और शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
- बार-बार दस्त के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है जो गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है।
- विशेषज्ञों के अनुसार वैसे को ताजी सब्जियां खाना बंद करने की जरूरत नहीं है। घबराने के बजाय स्वच्छता के नियमों का पालन करें।
- भारत में चूंकि मानसून के समय चल रहा है, ऐसे में पत्तेदार सब्जियां दूषित हो सकती हैं। इनको खाने से पहले अच्छी तरह से धोना बहुत जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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