ब्रेन स्ट्रोक हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बन रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक स्ट्रोक दुनियाभर में मृत्यु और विकलांगता का तीसरा सबसे बड़ा कारण है, साल 2021 में इससे अनुमानित 9.38 करोड़ मामले सामने आए थे। युवाओं में इस समस्या का खतरा तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है।
Brain Stroke Risk: हर साल लाखों लोगों की स्ट्रोक से हो जाती है मौत, क्या केले खाने से दूर होगा खतरा?
पोटैशियम नर्व सिग्नलिंग, मांसपेशियों के सिकुड़ने और दिल की धड़कन को नियमित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह सोडियम के असर को कम करके ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में भी मदद करता है, जिससे स्ट्रोक का जोखिम कम हो सकता है।
केले खाने से कम होता है स्ट्रोक का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्ट्रोक से बचाव के लिए खानपान में सुधार के साथ, नियमित व्यायाम की आदत मददगार हो सकती है। कई शोध बताते हैं कि पोटेशियम से भरपूर आहार जैसे केले ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और स्ट्रोक के जोखिमों को कम करने में लाभकारी हैं।
- केला पोटेशियम का अच्छा स्रोत है। पोटेशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को संतुलित करता है, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
- अध्ययनों में पाया गया है कि पर्याप्त पोटेशियम लेने वाले लोगों में स्ट्रोक का जोखिम कम देखा गया।
- एक मध्यम आकार के केले में लगभग 350-400 मि.ग्रा. पोटेशियम होता है।
पोटेशियम से कम होता है स्ट्रोक का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, दुनियाभर में करोड़ों लोगों में इस जरूरी मिनरल की कमी देखी जा रही है जो दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।
लंदन की टीसाइड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता प्रोफेसर जॉन यंग कहते हैं, पोटेशियम की कमी वास्तव में बहुत आम है और ये काफी खतरनाक भी हो सकती है। पोटेशियम नसों के संकेतों, मांसपेशियों के सिकुड़ने और दिल की धड़कन को नियमित बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। जिन लोगों में पोटेशियम की गंभीर कमी होती है उनमें भ्रम, उदासी जैसे लक्षण अधिक होते हैं। इसका असर दिल पर भी पड़ सकता है, जिससे दिल की धड़कन के तेज होने, ब्लड प्रेशर बढ़ने और स्ट्रोक का खतरा रहता है।
इन लक्षणों से बचने के लिए, वयस्कों को हर दिन 3,500 मिलीग्राम तक पोटेशियम का सेवन करना चाहिए। रोजाना केले खाना इसमें काफी लाभकारी हो सकता है।
अध्ययनों में क्या पता चला?
साल 2024 के एक अध्ययन में पाया गया कि भोजन के जरिए पोटेशियम का लेवल बढ़ाने से दिल की बीमारियों, स्ट्रोक या इनकी वजह से मौत का खतरा 24 प्रतिशत तक कम हो जाता है। वहीं 2016 में हुई स्टडी में पाया गया कि पोटेशियम आपमें स्ट्रोक होने का खतरा 20 प्रतिशत तक कम कर सकती है।
पोटेशियम की रोजाना की जरूरी मात्रा को पूरा करने के लिए आमतौर पर 10 मध्यम आकार के केले खाने होंगे। हालांकि आप केले के साथ पोटेशियम वाली कुछ अन्य चीजों को खाकर इसकी मात्रा को पूरी कर सकते हैं। दो केले से आप लगभग 800-900 मिलीग्राम पोटेशियम प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा पालक, बीन्स, आलू, दही और मछलियों को भी आहार में शामिल किया जा सकता है।
हालांकि केवल केला ही समाधान नहीं है, संतुलित आहार पर ध्यान रखकर आप स्ट्रोक से बच सकते हैं।
स्ट्रोस से बचाव के लिए और क्या करें?
डॉक्टर कहते हैं, स्ट्रोक से बचाव के लिए सबसे जरूरी है ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखना। इसके लिए नमक का सेवन कम करें, रोज कम से कम 30 मिनट तेज चाल से चलें। धूम्रपान और शराब से बचें, वजन संतुलित रखें और नियमित हेल्थ चेकअप कराएं। डैश डाइट को ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में लाभकारी पाया गया है, स्ट्रोक से बचाव में इससे भी मदद मिल सकती है।
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स्रोत:
Potassium-rich diet and risk of stroke: updated meta-analysis
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