लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने कई तरह की क्रॉनिक बीमारियों के खतरे को बढ़ा दिया है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी इसका शिकार देखे जा रहे हैं। डायबिटीज से लेकर हृदय रोग सभी के लिए जीवनशैली की गड़बड़ी को प्रमुख कारण माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि यदि हम सभी कम उम्र से ही लाइफस्टाइल को ठीक रखने के लिए उपाय कर लें तो इस तरह की कई बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
Health Tips: आपके हाथ में ही स्वस्थ जीवन की चाभी, लाइफस्टाइल में ये चार बदलाव आपको रखेंगे सेहतमंद
डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियां जिस तरह से बढ़ती जा रही है, ये गंभीर चिंता का कारण हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं लाइफस्टाइल में सुधार करके इन स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बढ़ने न पाए आपका वजन
वजन को कंट्रोल में रखना बीमारियों से बचे रहने के लिए जरूरी है। अधिक वजन-मोटापे को कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का कारण माना जाता है। अमर उजाला में हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से मोटापे के कारण 4 करोड़ से ज्यादा बच्चों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
- डायबिटीज और हृदय रोगियों में बढ़ा हुआ वजन उनकी स्वास्थ्य जटिलताओं को और बढ़ाने वाली हो सकती है।
- अगर कम उम्र से ही इस दिशा में सुधार के तरीकों को अपना लिया जाएं तो इन बीमारियों के जोखिम को कम करने के साथ कई अन्य प्रकार के स्वास्थ्य लाभ भी पाए जा सकते हैं।
रोज व्यायाम करना जरूरी
यदि आप नियमित रूप से योग-व्यायाम करते हैं तो इसे बेहतर स्वास्थ्य के लिए सबसे आवश्यक माना जाता है। व्यायाम करने के कई शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं जो हमारे दैनिक जीवन को प्रभावित करते हैं।
- अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि सभी वयस्कों को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि जरूर करनी चाहिए।
- यदि आप सप्ताह में 75 मिनट व्यायाम भी करते हैं तो इसे भी कई प्रकार की बीमारियों से बचाने वाला पाया गया है।
रात को अच्छी नींद जरूरी
रात की अच्छी और पर्याप्त नींद सभी लोगों के लिए जरूरी है। इससे न सिर्फ आप फ्रेश महसूस करते हैं, तनाव कम होता है साथ ही आपको अगले दिन के लिए ऊर्जा भी मिलती है।
- नींद की कमी को अध्ययनों में कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारक पाया गया है।
- जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है उनमें मेटाबॉलिक सिंड्रोम, अवसाद के साथ हृदय रोग की जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है।
ज्यादा नमक-चीनी खाना खतरनाक
बेहतर स्वास्थ्य के लिए चीनी और नमक दोनों की ही आहार में मात्रा कम रखें। अधिक चीनी डायबिटीज और वजन को बढ़ाने तथा नमक की अधिकता ब्लड प्रेशर का कारक है, जिससे हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। चीनी में मौजूद फ्रुक्टोज लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है साथ ही इंसुलिन प्रतिरोध का भी कारण बनती है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज हो सकता है। इन दोनों का सीमित मात्रा में ही सेवन किया जाना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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