क्या आपने गर्मियों में तरबूज पर नमक छिड़क कर या अमरूद पर चाट मसाला मिलाकर खाया है? खरबूजे में चीनी मिलाकर स्वाद लिया है? अक्सर लोग ताजे फलों को काटकर खाते हैं या उनका सलाद बनाते हैं। फ्रूट सलाद बनाने के लिए कटे हुए फलों पर लोग चाट मसाला या नमक छिड़कते हैं। इससे फल का स्वाद बढ़ जाता है। घर पर प्याज, खीरा आदि भी काटकर सलाद बनाते हैं और उसमें नमक मिलाते हैं। कई बार फल की मिठास को और बढ़ाने के लिए लोग कटे फलों में चीनी मिला लेते हैं। अगर आपको भी कटे फलों में ऊपर से शक्कर, नमक या चाट मसाला डालकर खाना पसंद है तो सावधान हो जाइए। इस तरह के फलों का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। फल के सेवन का सही तरीका जानें ताकि सेहत पर बुरा असर न पड़े।
सेहत की बात: कटे फलों पर नमक या शक्कर डालकर खाना हानिकारक, सेहत को हो सकता है ये नुकसान
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फल में नमक मिलाकर खाने के नुकसान
विशेषज्ञों के मुताबिक, कटे फल पर नमक छिड़कने पर वह पानी छोड़ने लगता है। इस से फल में मौजूद न्यूट्रिएंट्स खत्म हो जाते हैं। वहीं नमक या चाट मसाले में मौजूद सोडियम किडनी पर असर करता है। अगर आप नमक के साथ चाट मसाला भी मिलाते हैं, तो शरीर में सोडियम की मात्रा ज्यादा हो जाती है, क्योंकि चाट मसाले में भी नमक होता है।
फल में शक्कर मिलाकर सेवन के नुकसान
फल में प्राकृतिक मिठास होती है। फलों में ग्लूकोज भी पाया जाता है, जो कैलोरी बढ़ाता है। ऐसे में अगर आप कटे फलों में ऊपर से चीनी मिलाते हैं, जो शरीर में मिठास की मात्रा अतिरिक्त हो जाती है। इससे डायबिटीज की समस्या बढ़ सकती है। अतिरिक्त शर्करा से वजन भी बढ़ता है। जो मरीज मधुमेह से पीड़ित हैं उनके लिए फलों में ऊपर से चीनी मिलाकर खाना नुकसानदायक हो सकता है।
फल खाने का तरीका
फलों के सेवन का एक सही तरीका होता है। अक्सर लोग खाने के साथ ताजे फलों का बना सलाद खाते हैं। भारतीय भोजन में कार्ब और कैलोरी भरपूर मात्रा में होती है। लेकिन जब हम भोजन के साथ फल का सेवन करते हैं तो कार्ब और कैलोरी बढ़ जाती है। ऐसे में भोजन में कार्ब की मात्रा को कम करके फल साथ में खा सकते हैं। वरना खाना और फल को एक साथ मिक्स करके न खाएं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।