क्या आपको भी अक्सर पेट के दाहिने हिस्से में तेज दर्द या फिर पीठ में तेज झटके के साथ दर्द होता है, पेशाब करते समय जलन महसूस होती है? अगर हां तो तुरंत इसकी जांच करा लीजिए, कहीं ये गॉलब्लैडर या किडनी में पथरी का संकेत तो नहीं है? अक्सर लोग पेट के दर्द को गैस-एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में बड़ी समस्याओं के रूप में सामने आती है।
Diljit Dosanjh: लंबे समय तक गॉलब्लैडर स्टोन रहने से क्या होता है? दिलजीत दोसांझ के खुलासे ने उठाए कई सवाल
पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ की गॉलब्लैडर स्टोन से जुड़ी खबर के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर पथरी कितनी खतरनाक हो सकती है? लंबे समय तक इसका इलाज न हो पाए तो शरीर को कितना खतरा हो सकता है?
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पहले गॉलब्लैडर स्टोन के बारे में जान लीजिए
दिलजीत ने बताया कि उन्हें गॉलब्लैडर स्टोन है। पहले इसे समझ लीजिए।
- गॉलब्लैडर (पित्ताशय) में पथरी मुख्य रूप से कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन के जमा होने से बनती है। गॉलब्लैडर का काम पित्त को रिलीज करना होता है। जब पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है या पित्त ठीक से खाली नहीं हो पाती, तब क्रिस्टल पथरी बनाने लगती है।
- वहीं दूसरी ओर, किडनी स्टोन मूत्र में मौजूद कैल्शियम ऑक्सलेट, यूरिक एसिड जैसे खनिजों के क्रिस्टल के कारण होती है। किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती रहती है। जब पेशाब में खनिजों की मात्रा ज्यादा हो जाती है, और ये शरीर से बाहर नहीं निकल पाते हैं तो ये क्रिस्टल धीरे-धीरे स्टोन में बदल जाते हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
गॉलब्लैडर स्टोन वाले कई लोगों में कोई भी लक्षण नहीं होते। लेकिन जब पथरी का आकार बढ़ने लगता है तो पेट में अचानक तेज दर्द हो सकता है। इसके साथ मतली, उल्टी और तैलीय भोजन के बाद दर्द बढ़ने जैसी दिक्कतें भी होती हैं। अब सवाल ये है कि अगर लंबे समय तक गॉलब्लैडर स्टोन का इलाज न कराया जाए तो ये कितना खतरनाक हो सकता है?
अमर उजाला से बातचीत में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ विपिन राय कहते हैं, अगर किसी को गॉलब्लैडर या किडनी स्टोन का पता चला है तो उसे जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलकर इसका इलाज जरूर करा लेना चाहिए। दवाओं के साथ कई बार किडनी स्टोन को गला कर निकाला जा सकता है हालांकि गॉलब्लैडर स्टोन के मामले में सर्जरी जरूर हो जाती है। इसे कोलेसिस्टेक्टॉमी कहा जाता है।
गॉलब्लैडर स्टोन का इलाज न होने पर क्या होता है?
डॉ कहते हैं, गॉलब्लैडर स्टोन का अगर इलाज न कराया जाए या फिर लंबे समय तक स्टोन बना रहे तो इसके कारण कई तरह की जटिलताएं बढ़ने लग जाती हैं।
- इलाज न होने पर बार-बार पित्ताशय में सूजन, पित्त की नली में रुकावट, पीलिया, पैंक्रियास में सूजन और गंभीर संक्रमण का खतरा हो सकता है।
- जब पथरी गॉलब्लैडर के रास्ते को रोकने लगती है तो पित्त बाहर नहीं निकल पाता। इससे पाचन तो गड़बड़ होता ही है साथ ही संक्रमण और सूजन का भी खतरा हो सकता है।
- पित्त की नली ब्लॉक होने से अग्न्याशय में सूजन आ जाती है, जो पेट में तेज दर्द और उल्टी का खतरा भी हो सकता है।
- लंबे समय में इससे गॉलब्लैडर कैंसर होने का खतरा भी हो सकता है हालांकि यह बहुत दुर्लभ स्थिति मानी जाती है।
स्टोन के लक्षणों पर दें ध्यान
डॉक्टर कहते हैं, यदि आपको पेट या कमर में असहनीय दर्द रहता हो, बार-बार उल्टी या पीलिया की दिक्कत हो रही है, पेशाब में रुकावट आ रही है तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर इसका इलाज कराना चाहिए।
- गॉलब्लैडर स्टोन का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड कराया जाता है।
- पथरी का पता चलने पर गॉलब्लैडर हटाने की सर्जरी करके इसे अंग को बाहर निकाल दिया जाता है। आप इस सर्जरी के बाद भी सामान्य जीवन जी सकते हैं। इससे पाचन पर भी ज्यादा असर नहीं होता है हालांकि कुछ परहेज की जरूरत होती है।
- पर्याप्त पानी पीना, संतुलित वजन बनाए रखना, अत्यधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड कम खाना, नियमित व्यायाम करना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार आहार अपनाना पथरी के जोखिम को कम कर सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।