Parighasana Karne ka Sahi Tarika: परिघासन को अंग्रेजी में गेट पोज कहा जाता है, एक ऐसा योगासन है जो शरीर के दोनों किनारों (Side Body) को गहराई से स्ट्रेच करने के लिए जाना जाता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने, गलत पोस्चर और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण कमर, कंधों और रीढ़ में अकड़न की समस्या आम हो गई है। ऐसे में परिघासन शरीर को लचीला बनाने और मांसपेशियों के तनाव को कम करने में मददगार माना जाता है।
यह आसन केवल शरीर की लचक बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस लेने की क्षमता में सुधार, रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने और पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में भी सहायक माना जाता है। नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन बेहतर हो सकता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार महसूस होता है।
हालांकि, किसी भी योगासन की तरह परिघासन को भी सही तकनीक और सावधानी के साथ करना जरूरी है। गलत तरीके से अभ्यास करने पर मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द की समस्या हो सकती है। इस लेख में आप जानेंगे कि परिघासन क्या है, इसे करने का सही तरीका, इसके प्रमुख फायदे, किन लोगों को इससे बचना चाहिए और अभ्यास के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।