Yoga for Shoulder and Back Fat: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण कई लोगों को कंधों और पीठ के आसपास अतिरिक्त चर्बी की समस्या महसूस होती है। इससे न केवल शरीर की बनावट प्रभावित हो सकती है, बल्कि कुछ लोगों में खराब पोश्चर, जकड़न और असहजता भी बढ़ सकती है।
Shoulder & Back Fat Yoga: कंधों और पीठ की चर्बी से परेशान हैं? रोज़ करें ये 5 योगासन
Back Fat Reduce Yoga: केवल कंधों या पीठ की चर्बी को अलग से कम करना वैज्ञानिक रूप से संभव नहीं माना जाता। हालांकि नियमित योग, संतुलित आहार और पूरे शरीर की शारीरिक गतिविधि के साथ शरीर की कुल चर्बी कम होने पर कंधों और पीठ का आकार भी अधिक टोंड दिखाई दे सकता है। भुजंगासन, अधोमुख श्वानासन, फलकासन (प्लैंक), उष्ट्रासन और धनुरासन जैसे योगासन पीठ, कंधों और कोर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
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भुजंगासन
यह आसन पीठ और कंधों की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद करता है।
लाभ
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पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
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छाती को खोलने में मदद।
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पोश्चर सुधारने में सहायक।
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लंबे समय तक बैठने से होने वाली जकड़न कम करने में मदद।
उष्ट्रासन
लाभ
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छाती और कंधों को खोलता है।
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रीढ़ की लचक बढ़ाने में मदद।
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लंबे समय तक झुककर बैठने की आदत के प्रभाव को कम करने में सहायक।
धनुरासन
फायदे
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पीठ की मांसपेशियों को सक्रिय करता है।
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शरीर के पिछले हिस्से को मजबूत बनाने में मदद।
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लचीलापन बढ़ा सकता है।
मार्जरी-व्याघ्रासन
क्यों करें?
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रीढ़ की गतिशीलता बढ़ाने में मदद।
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पीठ की जकड़न कम करने में सहायक।
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वार्म-अप के लिए अच्छा विकल्प।