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Health Tests for Women: 30, 40 और 50 की उम्र में महिलाओं को जरूर कराने चाहिए ये हेल्थ टेस्ट
Thu, 02 Jul 2026 10:53 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 02 Jul 2026 10:53 AM IST
सार
Health Tests for Women: एक उम्र के बाद शरीर का ध्यान रखना काफी जरूरी हो जाता है। यहां हम आपको उन टेस्ट की लिस्ट देंगे, जो महिलाओं को 30, 40 और 50 की उम्र के बाद करा लेनी चाहिए।
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महिलाओं को जरूर कराने चाहिए ये हेल्थ टेस्ट
- फोटो : AI
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Women Health: बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होने लगते हैं। 30 की उम्र के बाद मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ने लगता है, 40 के बाद कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है और 50 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते मेनोपॉज के कारण शरीर में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलते हैं। ऐसे में केवल स्वस्थ खानपान और नियमित व्यायाम ही काफी नहीं होता, बल्कि समय-समय पर जरूरी हेल्थ टेस्ट कराना भी बेहद आवश्यक है।
महिलाओं को जरूर कराने चाहिए ये हेल्थ टेस्ट
- फोटो : AI
30 की उम्र के बाद महिलाओं के जरूरी हेल्थ टेस्ट
1. ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर का समय रहते पता लगाने के लिए साल में कम से कम एक बार जांच कराएं।
2. ब्लड शुगर टेस्ट
डायबिटीज के जोखिम का पता लगाने के लिए फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1c टेस्ट कराएं।
3. थायरॉयड टेस्ट (TSH)
महिलाओं में थायरॉयड की समस्या आम है। थकान, वजन बढ़ना या कम होना जैसे लक्षण दिखने पर जांच जरूर कराएं।
4. CBC और आयरन प्रोफाइल
एनीमिया की पहचान के लिए यह जांच महत्वपूर्ण है।
5. पैप स्मीयर टेस्ट
सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती जांच के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से कराएं।
1. ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर का समय रहते पता लगाने के लिए साल में कम से कम एक बार जांच कराएं।
2. ब्लड शुगर टेस्ट
डायबिटीज के जोखिम का पता लगाने के लिए फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1c टेस्ट कराएं।
3. थायरॉयड टेस्ट (TSH)
महिलाओं में थायरॉयड की समस्या आम है। थकान, वजन बढ़ना या कम होना जैसे लक्षण दिखने पर जांच जरूर कराएं।
4. CBC और आयरन प्रोफाइल
एनीमिया की पहचान के लिए यह जांच महत्वपूर्ण है।
5. पैप स्मीयर टेस्ट
सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती जांच के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से कराएं।
महिलाओं को जरूर कराने चाहिए ये हेल्थ टेस्ट
- फोटो : AI
40 की उम्र के बाद महिलाओं के जरूरी हेल्थ टेस्ट
1. मैमोग्राफी
स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार कराएं।
2. लिपिड प्रोफाइल
कोलेस्ट्रॉल की जांच कराकर हृदय रोगों के खतरे का आकलन करें।
3. लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट
शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की कार्यक्षमता की जांच के लिए जरूरी।
4. आंखों की जांच
ग्लूकोमा और नजर कमजोर होने जैसी समस्याओं का पता लगाने के लिए।
5. विटामिन D और Vitamin B12 टेस्ट
इनकी कमी से हड्डियां कमजोर होना और लगातार थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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महिलाओं को जरूर कराने चाहिए ये हेल्थ टेस्ट
- फोटो : AI
50 की उम्र के बाद महिलाओं के जरूरी हेल्थ टेस्ट
1. बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan)
ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा जानने के लिए।
2. कोलोन कैंसर स्क्रीनिंग
डॉक्टर की सलाह के अनुसार कोलोनोस्कोपी या अन्य स्क्रीनिंग कराएं।
3. हार्ट हेल्थ चेकअप
ECG, Echo और अन्य जांच जरूरत के अनुसार कराएं।
4. मेनोपॉज हेल्थ असेसमेंट
हार्मोनल बदलाव और उनसे जुड़ी समस्याओं की जांच।
5. दांत और आंखों की नियमित जांच
उम्र बढ़ने के साथ इनकी देखभाल भी बेहद जरूरी होती है।
1. बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan)
ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा जानने के लिए।
2. कोलोन कैंसर स्क्रीनिंग
डॉक्टर की सलाह के अनुसार कोलोनोस्कोपी या अन्य स्क्रीनिंग कराएं।
3. हार्ट हेल्थ चेकअप
ECG, Echo और अन्य जांच जरूरत के अनुसार कराएं।
4. मेनोपॉज हेल्थ असेसमेंट
हार्मोनल बदलाव और उनसे जुड़ी समस्याओं की जांच।
5. दांत और आंखों की नियमित जांच
उम्र बढ़ने के साथ इनकी देखभाल भी बेहद जरूरी होती है।
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महिलाओं को जरूर कराने चाहिए ये हेल्थ टेस्ट
- फोटो : Adobe stock
हेल्थ चेकअप क्यों जरूरी है?
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान होती है।
- समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है।
- हार्ट डिजीज और डायबिटीज का जोखिम कम किया जा सकता है।
- हड्डियों और हार्मोनल स्वास्थ्य पर नजर रहती है।
- लंबी और स्वस्थ जिंदगी जीने में मदद मिलती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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