{"_id":"6a463edaab11dc0c0b03eef5","slug":"monsoon-eye-infections-how-to-take-care-of-eyes-in-monsoon-season-disprj-2026-07-02","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Monsoon Eye Infections: बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता हैं आंखों का संक्रमण? जानें बचाव के आसान उपाय","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Monsoon Eye Infections: बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता हैं आंखों का संक्रमण? जानें बचाव के आसान उपाय
Thu, 02 Jul 2026 05:29 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 02 Jul 2026 05:29 PM IST
सार
Monsoon Eye Infections: बारिश के मौसम में सिर्फ स्किन इंफेक्शन का खतरा ही नहीं रहता। इस मौसम में आंखों को भी खास ध्यान की जरूरत होती है। आइए इस बारे में आपको डिटेल में बताते हैं।
विज्ञापन
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता हैं आंखों का संक्रमण?
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Monsoon Eye Infections: आमतौर पर लोग मानसून में स्किन और पेट से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान देते हैं, जबकि आंखों की देखभाल को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। नमी, गंदा पानी, बैक्टीरिया और वायरस के बढ़ते प्रभाव के कारण इस मौसम में आंखों में संक्रमण होने का जोखिम बढ़ जाता है। समय रहते सावधानी न बरतने पर आंखों में लालपन, खुजली, जलन, पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता हैं आंखों का संक्रमण?
- फोटो : AI
मानसून में आंखों में संक्रमण क्यों बढ़ जाता है?
1. नमी और बैक्टीरिया का बढ़ता असर
बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। यही कारण है कि इस समय कंजंक्टिवाइटिस (आई फ्लू) और अन्य आंखों के संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं।
2. गंदे हाथों से आंखें छूना
बार-बार बिना हाथ धोए आंखों को छूने से बैक्टीरिया और वायरस आसानी से आंखों तक पहुंच सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
1. नमी और बैक्टीरिया का बढ़ता असर
बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। यही कारण है कि इस समय कंजंक्टिवाइटिस (आई फ्लू) और अन्य आंखों के संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं।
2. गंदे हाथों से आंखें छूना
बार-बार बिना हाथ धोए आंखों को छूने से बैक्टीरिया और वायरस आसानी से आंखों तक पहुंच सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता हैं आंखों का संक्रमण?
- फोटो : AI
3. दूषित पानी का संपर्क
बारिश का गंदा पानी या दूषित पानी आंखों के संपर्क में आने से जलन, एलर्जी और संक्रमण हो सकता है। इसलिए बारिश में भीगने के बाद आंखों को साफ पानी से धोना चाहिए।
4. कॉन्टैक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल
मानसून में लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने या उनकी सही सफाई न करने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इस मौसम में लेंस की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
5. कमजोर इम्यूनिटी
जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें मानसून में आंखों का संक्रमण जल्दी हो सकता है। इसलिए संतुलित आहार और पर्याप्त नींद भी जरूरी है।
बारिश का गंदा पानी या दूषित पानी आंखों के संपर्क में आने से जलन, एलर्जी और संक्रमण हो सकता है। इसलिए बारिश में भीगने के बाद आंखों को साफ पानी से धोना चाहिए।
4. कॉन्टैक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल
मानसून में लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने या उनकी सही सफाई न करने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इस मौसम में लेंस की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
5. कमजोर इम्यूनिटी
जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें मानसून में आंखों का संक्रमण जल्दी हो सकता है। इसलिए संतुलित आहार और पर्याप्त नींद भी जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता हैं आंखों का संक्रमण?
- फोटो : AI
आंखों में संक्रमण के सामान्य लक्षण
- आंखों का लाल होना
- लगातार पानी आना
- खुजली और जलन होना
- आंखों में सूजन
- चिपचिपा पानी निकलना
- रोशनी से परेशानी होना
विज्ञापन
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता हैं आंखों का संक्रमण?
- फोटो : AI
मानसून में आंखों को सुरक्षित रखने के उपाय
---------------------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- आंखों को छूने से पहले हमेशा साबुन से हाथ धोएं।
- किसी दूसरे का तौलिया, रूमाल या आई मेकअप साझा न करें।
- खुजली होने पर आंखों को रगड़ने की बजाय साफ पानी से धोएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
- लेंस को समय पर साफ करें और संक्रमण होने पर कुछ दिनों तक चश्मे का इस्तेमाल करें।
- आंखों में संक्रमण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें।
---------------------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।