फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

काम की बात: ब्रेन को तेज रखने के लिए महंगे सप्लीमेंट नहीं, इस आदत में सुधार आ सकती है काम

Mon, 19 Oct 2026 11:30 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 19 Oct 2026 11:30 AM IST
सार

नींद की कमी से आपको केवल थकान हो नहीं रहती, बल्कि याददाश्त, एकाग्रता, मूड और निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। बच्चों और किशोरों के मस्तिष्क के विकास के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है। नियमित दिनचर्या, स्क्रीनटाइम में कमी और बेहतर स्लीप हाइजीन से नींद की गुणवत्ता सुधारी जा सकती है।

विज्ञापन
How Lack of Sleep Can Affect Your Brain, Memory and Mood
ब्रेन हेल्थ - फोटो : Amarujala.com/AI

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। देर रात तक मोबाइल चलाना, सोशल मीडिया पर रील्स देखना, ऑनलाइन गेम खेलना और काम का बढ़ता दबाव लोगों की नींद को प्रभावित कर रहा है। इसका असर केवल दिनभर की थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि एकाग्रता, याददाश्त और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। पर्याप्त नींद न मिलने से बच्चों की पढ़ाई और युवाओं की काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।



नींद के दौरान मस्तिष्क दिनभर सीखी गई जानकारी को व्यवस्थित करता है और याददाश्त को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसलिए अच्छी नींद को स्वस्थ मस्तिष्क के लिए भी जरूरी माना जाता है। वयस्कों को आमतौर पर हर रात 7 से 9 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है।

मसलन अगर आपकी नींद पूरी नहीं होती है तो इसका असर ब्रेन हेल्थ पर भी पड़ सकता है।

Trending Videos
How Lack of Sleep Can Affect Your Brain, Memory and Mood
याददाश्त की समस्या - फोटो : Freepik.com

याददाश्त और एकाग्रता दोनों पर असर

जब नींद पूरी नहीं होती, तो मस्तिष्क की जानकारी सीखने, उसे याद रखने और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पढ़ाई या ऑफिस के काम में ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है। लोग छोटी-छोटी बातें भूलने लगते हैं और फैसले लेने में भी परेशानी महसूस कर सकते हैं। लंबे समय तक नींद की कमी रहने पर रोजमर्रा के कामकाज पर भी इसका असर हो सकता है।

How Lack of Sleep Can Affect Your Brain, Memory and Mood
स्ट्रेस की समस्या - फोटो : Freepik.com

स्ट्रेस बढ़ने का खतरा
 

  • नींद में गड़बड़ी मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है। पर्याप्त नींद न मिलने पर चिड़चिड़ापन, बेचैनी और तनाव बढ़ने का खतरा होता सकता है। वहीं लगातार नींद पूरी न होने से पहले से ही स्ट्रेस-एंग्जायटी के शिकार लोगों में डिप्रेशन की भी दिक्कत हो सकती है।  नींद की कमी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं कई कारकों से प्रभावित होती हैं।


निर्णय लेने की क्षमता हो सकती है प्रभावित
 

  • नींद की कमी का असर मस्तिष्क के उन हिस्सों पर भी पड़ता है, जो सोचने-समझने, योजना बनाने और सही निर्णय लेने में मदद करते हैं। पर्याप्त नींद न लेने वाले लोगों को प्रतिक्रिया देने में अधिक समय लग सकता है और वे गलतियां भी ज्यादा कर सकते हैं। लगातार थकान रहने से काम करने की क्षमता और दिनभर की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
How Lack of Sleep Can Affect Your Brain, Memory and Mood
ब्रेन का विकास - फोटो : Adobe Stock

बच्चों के मस्तिष्क के विकास पर असर

बच्चों और किशोरों के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि इस उम्र में मस्तिष्क का विकास जारी रहता है। नींद सीखने, याददाश्त और भावनाओं को नियंत्रित करने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करती है। नींद पूरी न होने पर बच्चों को पढ़ाई में ध्यान लगाने, निर्देश समझने और अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखने में परेशानी हो सकती है। इसलिए बच्चों के सोने और जागने का समय नियमित रखना जरूरी है।

विज्ञापन
How Lack of Sleep Can Affect Your Brain, Memory and Mood
नींद कैसे सुधारें - फोटो : Freepik.com

नींद की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या करें?
 

  • रोजाना सोने और जागने का समय तय रखें।
  • सोने से कम से कम 30-60 मिनट पहले मोबाइल और दूसरी स्क्रीन से दूरी बनाएं।
  • शाम के समय चाय, कॉफी और दूसरे कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन कम से कम करें।
  • सोने के कमरे को शांत, अंधेरा और आरामदायक रखें।
  • नियमित व्यायाम करें और दिनभर की थकान दूर करने के लिए पर्याप्त आराम लें।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed