वुहान कोरोना वायरस का कहर जारी है। दुनिया के 26 देश इस खतरनाक विषाणु की चपेट में हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की मौत का आंकड़ा 2,126 पहुंच गया है जबकि संक्रमित मरीजों की संख्या 75,600 है। सबसे ज्यादा मौतें चीन में हुई हैं। संक्रमित लोगों की संख्या भी चीन में ही सबसे अधिक है। चीन के बाहर इस वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या दस हो गई है। गुरुवार को चीन के हुबई प्रांत में वायरस की चपेट में आने वाले 349 नए मामले सामने आए हैं। इस बीच पूर्वी एशिया के एकमात्र देश इंडोनेशिया में यह खतरनाक और प्राणघातक वायरस एंट्री नहीं कर पाया है। इंडोनेशिया ने कोरोना फ्री होने का दावा किया है।
इस देश में कोरोना नहीं कर पाया एंट्री, सरकार बोली- प्रार्थना का है असर
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इंडोनेशिया में कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है। जबकि इसके पड़ोसी देश मलेशिया और फिलीपींस में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के मामले सामने आए हैं। इंडोनेशिया में एयरपोर्ट पर लोगों की जांच की जा रही है। इस बीच इंडोनेशिया का कहना है कि उन्हें प्रार्थना की वजह से कोरोना से सुरक्षा मिली है, तभी कोरोना वायरस उनके देश में एंट्री नहीं कर पाया है।
इंडोनेशिया की सरकार का कहना है कि उनके देश में कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है। यहां एक भी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं देखे गए हैं। जबकि दुनियाभर के देशों में पिछले साल दिसंबर से ही कोरोना वायरस की दहशत जारी है। यह ताज्जुब की बात है कि चीन के ही पड़ोसी देश इंडोनेशिया में कोरोना अभी तक एंट्री नहीं कर पाया है, जबकि यहां से हर महीने हजारों लोग चीन आते-जाते रहते हैं।
इंडोनेशिया पूर्वी एशिया का एकमात्र ऐसा देश है जो कोरोना फ्री है। जबकि सिंगापुर, जापान, थाइलैंड, दक्षिणी कोरिया, ताइवान और हांगकांग में इस वायरस ने पांव पसारे हैं। इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्री तरावन एगस पुटरान्टो का कहना है कि प्रार्थना की वजह से ही इंडोनेशिया कोरोना वायरस से फ्री है।
इंडोनेशिया की जनसंख्या 26 करोड़ से ज्यादा है और यहां 87 फीसदी मुस्लिम आबादी है। जबकि दस फीसदी ईसाई और दो फीसदी हिंदू हैं। वैज्ञानिकों का भी कहना है कि इंडोनेशिया में इस वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है।