मेंटल हेल्थ की समस्याएं दुनियाभर में तेजी से बढ़ती जा रही हैं, कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। भागदौड़ भरी इस जिंदगी में तनाव और चिंता होना काफी आम हो गया है। हालांकि अगर ये दिक्कतें लंबे समय तक बनी रहती है और इससे आपकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए।
मेंटल हेल्थ: बिना किसी वजह के रहती है बेचैनी? कहीं आपकी ये आदतें तो जिम्मेदार नहीं
लंबे समय तक शारीरिक निष्क्रिय रहना, अत्यधिक सोशल मीडिया इस्तेमाल और शराब या नशीले पदार्थों का सेवन मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। इनसे चिंता, तनाव, नींद और मूड से जुड़ी समस्याओं का खतरा हो सकता है।
घंटों बैठे रहना भी मेंटल हेल्थ के लिए ठीक नहीं
लंबे समय तक बैठकर काम करना आजकल काफी आम हो गया है। ऑफिस का काम हो या, पढ़ाई, मोबाइल हो या मनोरंजन, लोगों के दिन का बड़ा हिस्सा बैठे-बैठे बीत रहा है।
- अध्ययनों में पाया गया है कि शारीरिक निष्क्रियता समय के साथ चिंता या अवसाद जैसे मानसिक स्वास्थ्य विकारों के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।
- वहीं नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यायाम की आदत को मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और हैप्पी हार्मोन्स को बढ़ाने वाला पाया गया है।
- मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए वॉकिंग, साइकिलिंग, योग जैसी गतिविधियां भी फायदेमंद हो सकती हैं।
लगातार स्क्रॉलिंग बन सकती है परेशानी की वजह
मोबाइल और सोशल मीडिया के अधिक इस्तेमाल को लेकर भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चिंता जताते रहे हैं। इसे कुछ लोगों में चिंता, अवसाद और नींद की समस्याओं को बढ़ाने वाला पाया गया है।
- जब आप बार-बार फोन चेक करते हैं, रात में देर तक स्क्रॉल करते रहते हैं तो इसे नींद पर असर पड़ता है जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है।
- सोशल मीडिया पर निगेटिव कंटेट देखना और दूसरों से अपनी तुलना करना भी नकारात्मकता और चिंता-अवसाद बढ़ाने वाला हो सकता है।
तनाव कम करने के लिए शराब या नशीले पदार्थों का सहारा लेना खतरनाक
कुछ लोग तनाव, उदासी या चिंता से राहत पाने के लिए शराब या दूसरे नशीले पदार्थों का सेवन शुरू कर देते हैं। शुरुआत में इससे कुछ समय के लिए आराम या मूड में बदलाव महसूस हो सकता है, लेकिन असल में ये आपकी समस्या को और भी गंभीर बनाने वाली आदत हो सकती है।
- शराब मस्तिष्क में कई रासायनिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करती है और लंबे समय में इससे चिंता, नींद की समस्या और मूड से जुड़े लक्षण बढ़ सकते हैं।
- इसलिए तनाव या चिंता से निपटने के लिए शराब को समाधान मानना अपनी समस्या को और बढ़ाने वाला हो है।
- शराब कई बार आपके लक्षणों को दबा सकती है जिससे बीमारी के निदान में देरी हो सकती है और समस्या के गंभीर रूप लेने का भी खतरा बढ़ जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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