Yoga Tips For Knee Pain: घुटनों पर लगातार दबाव पड़ने से दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी महसूस हो सकती है। लंबे समय तक बैठने, गलत पोस्चर, ज्यादा वजन, शारीरिक गतिविधि की कमी या जरूरत से ज्यादा exercise जैसी वजहों से घुटनों पर अतिरिक्त स्ट्रेस पड़ सकता है।
योग टिप्स: घुटनों पर पड़ता है ज्यादा दबाव? इन योगासनों से मिल सकती है राहत, जानें सही तरीका
Knee Pain Relief: अगर उठने या बैठने के दौरान आपके घुटनों पर दबाव पड़ता है या दर्द रहता है तो कुछ योगासनों का अभ्यास राहत दिला सकता है। घुटनों से लेकर कूल्हों तक के दर्द और जकड़न में योगाभ्यास लाभकारी हो सकता है।
ताड़ासन से करें शुरुआत
- ताड़ासन शरीर की मुद्रा सुधारने और पैरों की मांसपेशियों को सक्रिय करने वाला आसान योगासन है।
- इसे करते समय शरीर को सीधा रखते हुए वजन दोनों पैरों पर समान रूप से रखने की कोशिश करें।
- शुरुआत में कुछ सेकंड तक इसे करना पर्याप्त है।
कैसे करें ताड़ासन?
- सीधे सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं और पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें।
- गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं और उंगलियों को आपस में बांध (इंटरलॉक) लें।
- हथेलियों का रुख आसमान की तरफ रखें और हाथों को ऊपर की ओर तानें।
- अपनी एड़ियों को उठाते हुए पैर के पंजों (उंगलियों) पर खड़े होने का प्रयास करें।
- पैरों से लेकर हाथों की उंगलियों तक पूरे शरीर में खिंचाव महसूस करें।
- इस अवस्था में 25 से 30 सेकंड तक सामान्य रूप से सांस लेते हुए रुकें।
- सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं।
ताड़ासन के मुख्य फायदे
- शारीरिक पोस्चर: गलत मुद्रा (Bad Posture) और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं को ठीक करता है।
- लचीलापन: पूरे शरीर को स्ट्रेच करके मांसपेशियों को टोन और लचीला बनाता है।
- लंबाई बढ़ाने में मददगार: बच्चों और युवाओं में लंबाई (Height) बढ़ाने में सहायता करता है।
- दर्द से राहत: पीठ दर्द और गर्दन के तनाव को कम करने में फायदेमंद है।
- संतुलन: शारीरिक और मानसिक संतुलन तथा स्थिरता में सुधार करता है।
सेतुबंधासन
- सेतुबंधासन पैरों और कूल्हें की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद कर सकता है।
- कमर दर्द में राहत: नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
- थायराइड नियंत्रण: यह गले और थायराइड ग्रंथि को उत्तेजित करता है, जिससे थायराइड की समस्या में लाभ मिलता है।
- तनाव मुक्ति: मन को शांत रखता है और डिप्रेशन व चिंता को कम करता है।
- लचीलापन: छाती, कूल्हे और गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव लाकर उन्हें लचीला बनाता है।
सेतुबंधासन का अभ्यास कैसे करें?
स्टेप 1- सेतुबंधासन योग करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को बगल में रखें।
स्टेप 2- अब धीरे-धीरे अपने पैरों को घुटनों से मोड़कर हिप्स के पास ले आएं।
स्टेप 3- हिप्स को जितना हो सके फर्श से ऊपर की तरफ उठाएं।
स्टेप 4- कुछ देर के लिए इस स्थिति में सांस को रोककर रखें और फिर सांस छोड़ते हुए वापस पूर्ववत अवस्था में आ जाएं।
भुजंगासन
भुजंगासन शरीर के ऊपरी हिस्से के लचीलेपन के लिए उपयोगी माना जाता है। इन्हें आराम से और नियंत्रित तरीके से करना चाहिए।
भुजंगासन कैसे करें?
- योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
- दोनों हथेलियां कंधों के पास जमीन पर रखें।
- गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे सिर और छाती ऊपर उठाएं।
- कमर तक शरीर जमीन से ऊपर उठाएं।
- 20-30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।
- धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
योग करते समय रखें सावधानी
घुटनों में दर्द होने पर बहुत गहरे स्क्वाट या ऐसे आसनों से बचें जिनमें दर्द बढ़ता हो। किसी भी आसन के दौरान तेज दर्द महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं। नियमित अभ्यास के साथ सही पोस्चर, पर्याप्त आराम और वजन प्रबंधन भी घुटनों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण हैं।