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Mental Health Tips: लाइक्स और कमेंट्स कैसे युवाओं के दिमाग पर डाल रहे हैं असर? जानें इसके बारे में
Thu, 06 Aug 2026 11:00 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 06 Aug 2026 11:00 AM IST
सार
Mental Health Tips: आज के समय में सोशल मीडिया का खुमार युवाओं के इतना सिर चढ़ चुका है कि उसपर आने वाले लाइक्स और कमेंट्स उनके दिमाग पर असर डालने लगे हैं। ऐसा क्यों है, आइए जानते हैं।
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लाइक्स और कमेंट्स कैसे युवाओं के दिमाग पर डाल रहे हैं असर?
- फोटो : AI
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Mental Health Tips: आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया युवाओं की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए फोटो, वीडियो और रील्स पर मिलने वाले लाइक्स, कमेंट्स और शेयर कई लोगों के लिए आत्मविश्वास का पैमाना बनते जा रहे हैं।
लाइक्स और कमेंट्स कैसे युवाओं के दिमाग पर डाल रहे हैं असर?
- फोटो : AI
लाइक्स और कमेंट्स का दिमाग पर क्या असर पड़ता है?
1. वैलिडेशन की आदत बढ़ती है
सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाइक्स, कमेंट्स और शेयर दिमाग में डोपामाइन नामक "फील-गुड" केमिकल के रिलीज से जुड़े हो सकते हैं। जब किसी पोस्ट पर अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है, तो व्यक्ति को खुशी और संतुष्टि महसूस होती है। अगर यह बार-बार होने लगे, तो व्यक्ति अपने आत्मविश्वास और खुशी के लिए सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया पर निर्भर होने लगता है। समय के साथ यह आदत इस हद तक बढ़ सकती है कि बिना लाइक्स और तारीफ के व्यक्ति खुद को कम महत्वपूर्ण महसूस करने लगे।
लाइक्स और कमेंट्स कैसे युवाओं के दिमाग पर डाल रहे हैं असर?
- फोटो : AI
2. कम लाइक्स मिलने पर तनाव
जब किसी पोस्ट को उम्मीद के मुताबिक लाइक्स या कमेंट्स नहीं मिलते, तो कई युवाओं को लगता है कि लोग उन्हें पसंद नहीं कर रहे हैं। इससे निराशा, चिंता और आत्म-संदेह बढ़ सकता है। कुछ लोग अपनी पोस्ट को बार-बार चेक करते हैं या उसे डिलीट तक कर देते हैं। लंबे समय तक ऐसा महसूस होने पर आत्मसम्मान प्रभावित हो सकता है और मानसिक तनाव बढ़ने का खतरा रहता है।
जब किसी पोस्ट को उम्मीद के मुताबिक लाइक्स या कमेंट्स नहीं मिलते, तो कई युवाओं को लगता है कि लोग उन्हें पसंद नहीं कर रहे हैं। इससे निराशा, चिंता और आत्म-संदेह बढ़ सकता है। कुछ लोग अपनी पोस्ट को बार-बार चेक करते हैं या उसे डिलीट तक कर देते हैं। लंबे समय तक ऐसा महसूस होने पर आत्मसम्मान प्रभावित हो सकता है और मानसिक तनाव बढ़ने का खतरा रहता है।
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लाइक्स और कमेंट्स कैसे युवाओं के दिमाग पर डाल रहे हैं असर?
- फोटो : AI
3. दूसरों से तुलना
सोशल मीडिया पर लोग अक्सर अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे पल ही शेयर करते हैं। इन्हें देखकर कई युवा अपनी सामान्य जिंदगी की तुलना दूसरों की "परफेक्ट" तस्वीरों और वीडियो से करने लगते हैं। इससे यह महसूस हो सकता है कि उनकी जिंदगी दूसरों जितनी अच्छी नहीं है। लगातार तुलना करने से हीन भावना, असंतोष, ईर्ष्या और आत्मविश्वास में कमी आ सकती है, जो मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालती है।
सोशल मीडिया पर लोग अक्सर अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे पल ही शेयर करते हैं। इन्हें देखकर कई युवा अपनी सामान्य जिंदगी की तुलना दूसरों की "परफेक्ट" तस्वीरों और वीडियो से करने लगते हैं। इससे यह महसूस हो सकता है कि उनकी जिंदगी दूसरों जितनी अच्छी नहीं है। लगातार तुलना करने से हीन भावना, असंतोष, ईर्ष्या और आत्मविश्वास में कमी आ सकती है, जो मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालती है।
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लाइक्स और कमेंट्स कैसे युवाओं के दिमाग पर डाल रहे हैं असर?
- फोटो : AI
4. बार-बार फोन चेक करने की आदत
नई नोटिफिकेशन, लाइक्स और कमेंट्स देखने की उत्सुकता कई लोगों को बार-बार मोबाइल चेक करने के लिए मजबूर करती है। इससे स्क्रीन टाइम बढ़ता है और पढ़ाई, काम, परिवार के साथ समय और नींद प्रभावित हो सकती है। लगातार फोन इस्तेमाल करने से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी कम हो सकती है और व्यक्ति वास्तविक जीवन की गतिविधियों से दूर होने लगता है।
नई नोटिफिकेशन, लाइक्स और कमेंट्स देखने की उत्सुकता कई लोगों को बार-बार मोबाइल चेक करने के लिए मजबूर करती है। इससे स्क्रीन टाइम बढ़ता है और पढ़ाई, काम, परिवार के साथ समय और नींद प्रभावित हो सकती है। लगातार फोन इस्तेमाल करने से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी कम हो सकती है और व्यक्ति वास्तविक जीवन की गतिविधियों से दूर होने लगता है।