साल 2024 की खट्टी-मीठी यादों को समेट कर हम सभी नए साल में प्रवेश करने जा रहे हैं। सेहत के लिए ये साल कई मामलों में हम सभी के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। हृदय रोग-डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों के कारण दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोगों को न सिर्फ स्वास्थ्य संबंधित जटिलताओं का सामना करना पड़ा, साथ ही लाखों लोगों की मौत भी हुई। डेटा से पता चलता है कि अकेले कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण एक करोड़ से अधिक लोगों की मौत हो गई, वहीं श्वसन संबंधित समस्याओं और लंग्स कैंसर ने 18 लाख से अधिक लोगों की जान ले ली। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ये सभी बीमारियां आगे भी जारी रहेंगी इसलिए अगले साल में इससे बचाव को लेकर अभी से सावधान हो जाना चाहिए।
New Year Resolution: चाहते हैं सेहतमंद रहे आने वाला साल तो दिनचर्या में पहले दिन से ही शामिल कर लें ये आदतें
नया साल, नए संकल्प और खुद से नए वादों का भी है। साल 2025 में सेहत को बेहतर बनाए रखने का संकल्प लें। गुड हेल्थ का रेजोल्यूशन आपको भविष्य में कई प्रकार की बीमारियों से बचाए रखने में सहायक हो सकता है।
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वजन घटाने का लक्ष्य बनाएं
वजन घटाने का संकल्प, बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। अपने शरीर के वजन का सिर्फ पांच से दस प्रतिशत कम करने से आपको हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों से बचे रहने में मदद मिल सकती है। वजन कम को करने के लिए दिनचर्या और आहार में कुछ बदलाव करने जरूरी हैं। नियमित व्यायाम की आदत इसमें सबसे आवश्यक है। आप कुछ प्रकार के खास डाइट को भी अपना सकते हैं जो न सिर्फ वेट लॉस में सहायक होते हैं साथ ही कई गंभीर रोगों से बचाने में भी मदद करते हैं।
(ये भी पढ़ें- आसानी से वजन कैसे घटाएं? वैज्ञानिकों ने बताए इसके लिए सबसे आसान तरीके, आज से ही करें शुरुआत)
आहार में सुधार पर दें ध्यान
नए साल में अच्छी सेहत चाहते हैं तो इसके लिए आहार में सुधार करने पर ध्यान देना भी आपके लिए बहुत आवश्यक हो जाता है। स्वस्थ आहार का मतलब आप क्या खाते हैं और कैसे खाते हैं। हर दिन अपने आहार में फल और सब्जियों को जरूर शामिल करें। फल और सब्जियां लो-कैलोरी वाली होने के साथ फाइबर, विटामिन्स और खनिजों से भरपूर होती हैं। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ आपको पेट भरा होने का एहसास कराते हैं जो वजन घटाने में सहायक है। इतना ही नहीं हाई फाइबर वाली चीजें कोलेस्ट्रॉल-शुगर को बढ़ने से भी रोकती हैं।
हरी सब्जियों के साथ आहार में नट्स-सीड्स को शामिल करके एंटीऑक्सीडेंट्स प्राप्त किया जा सकता है जो कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों से बचाए रखने में मददगार होती हैं।
बैठें कम-चलें ज्यादा
तमाम अध्ययन इस बात को लेकर अलर्ट करते रहे हैं कि दुनियाभर में तेजी से बढ़ती बीमारियों के लिए शारीरिक निष्क्रियता बड़ा कारण है। जिन लोगों के दिन का अधिकतर समय बैठे-बैठे या आराम करते हुए बीत जाता है उनमें चलते रहने वाले लोगों की तुलना में ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल सहित कई अन्य स्वास्थ्य विकारों का खतरा अधिक हो सकता है। इसलिए साल 2025 में दिनचर्या में ये मंत्र शामिल करें- 'बैठें कम-चलें ज्यादा'।
दैनिक जीवन में शारीरिक गतिविधि को बढ़ाने का लक्ष्य रखें। लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का प्रयोग करें, पास के किसी जगह पर जाने के लिए गाड़ी के बजाय पैदल जाएं। दिनभर में कम से कम 10 हजार कदम चलने का लक्ष्य रखें। अगर आप दिनभर ऑफिस में रहते हैं तो थोड़ी-थोड़ी देर पर सीट से उठकर वॉक जरूर करें। ये आदत आपकी सेहत में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगी।
सालान हेल्थ चेकअप कराएं
डॉक्टर कहते हैं, बीमारियों के बढ़ने और इसके गंभीर रूप लेने का एक बड़ा कारण इसका समय पर निदान न होना है। अगर हम सभी एक नियमित अंतराल पर सेहत की जांच कराते रहें तो छोटी-मोटी स्वास्थ्य बीमारियों को बड़ी समस्या बनने से पहले पहचानने में मदद मिल सकती है। जब बीमारी का जल्दी पता चल जाता है, तो उपचार अक्सर ज्यादा प्रभावी और आसान हो जाता है।
शुगर और ब्लड प्रेशर की घर पर ही नियमित रूप से जांच करते रहें, इसके लिए घर पर ही मशीन रखें। आपके लिए कौन-कौन से टेस्ट जरूरी हैं और उनकी आपकी सेहत के हिसाब से कितने अंतराल पर कराना चाहिए इस बारे में अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
(पढ़ें- 30 की आयु के बाद बढ़ जाता है कई बीमारियों का खतरा, समय रहते करा लें जांच ताकि बिगड़ने न पाए बात)
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।