सब्सक्राइब करें

Kerala News: केरल में शिगेला और निपाह का अलर्ट, अब तक कितने मामले? स्वास्थ्य मंत्री ने दी सारी जानकारी

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 16 Jun 2026 03:52 PM IST
सार

निपाह वायरस और शिगेला के मामलों पर केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने जानकारी दी है।  इस महीने शिगेला के 70 मामले सामने आए हैं। जानिए निपाह का क्या अपडेट है?

विज्ञापन
Nipah virus and Shigella cases update in kerala how many deaths Health Minister K Muraleedharan updated
शिगेला और निपाह का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI

केरल पिछले एक महीने से कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों के चपेट में है। शिगेला और वेस्ट नाइल फीवर के साथ यहां निपाह संक्रमण को लेकर लोगों में डर देखा जा रहा है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने 43 वर्षीय व्यक्ति के निपाह संक्रमित होने की जानकारी दी थी। केरल के कोझिकोड में सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एन्सेफलाइटिस के लक्षणों के साथ आए इस व्यक्ति में संक्रमण का पता चला था। 



गौरतलब है कि निपाह वायरस का संक्रमण हल्के बुखार से लेकर गंभीर मस्तिष्क संक्रमण (एन्सेफलाइटिस) तक का कारण बन सकता है। इसकी मृत्युदर भी काफी अधिक रही है जोकि सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है। निपाह के अलावा राज्य में कई हिस्सों में शिगेला संक्रमण को लेकर भी लोगों में डर देखा जा रहा है।

मंगलवार (16 जून को)  केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने राज्य में संक्रामक बीमारियों की स्थिति के बारे में जानकारी दी।

Nipah virus and Shigella cases update in kerala how many deaths Health Minister K Muraleedharan updated
केरल में संक्रामक बीमारियों के मामले - फोटो : Adobe stock

स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?

निपाह वायरस और शिगेला के मामलों पर केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा, इस महीने शिगेला के 70 मामले सामने आए हैं। अब तक कुल मिलाकर 146 मामले सामने आ चुके हैं। इससे पांच लोगों की मौत हुई है।

 



वायरल और अमीबिक बीमारियों को रोकने के लिए हमने एक कमेटी बनाई है, जिसके चेयरमैन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सलाहकार डॉ. एसएस लाल हैं। हम हर हफ्ते बैठक करके स्थिति की रिपोर्ट लेंगे और अधिकारियों को उससे संबंधित निर्देश दिए जाएंगे। यह कमेटी ऐसी बीमारियों को हमेशा के लिए रोकने के तरीकों पर भी रिसर्च करेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, इस साल सरकार निपाह वायरस को फैलने से रोकने में कामयाब रहेगी। लैब में भेजे गए 38 से ज्यादा सैंपल में से सिर्फ एक व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया है और वह अस्पताल में वेंटिलेटर पर है।

Nipah virus and Shigella cases update in kerala how many deaths Health Minister K Muraleedharan updated
संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रयास - फोटो : Adobe Stock Photos

संक्रमण की रोकथाम के लिए क्या उपाय किए जा रहे?
 
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जब मरीज 10 तारीख को जब मरीज अस्पताल में भर्ती किया गया था तब उसकी हालत बहुत खराब थी। डॉक्टरों ने बताया कि अगले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं, हालांकि अब पांच दिन बीत जाने के बाद उसकी स्थिति में थोड़ा सुधार है हालांकि अब भी  वह वेंटिलेटर पर ही है।

इस तरह की संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के साथ स्वास्थ्य कर्मचारियों और फूड एंड सेफ्टी के साथ मिलकर हम दूषित और संक्रामण के संभावित स्रोतों की साफ-सफाई और संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए काम कर रहे हैं। 

हमें साफ पीने के पानी को लेकर कई शिकायतें भी मिली थीं। इसके लिए फूड एंड सेफ्टी अथॉरिटी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। नदियों और जलस्रोतों की साफ-सफाई हमारा बड़ा लक्ष्य है, जिससे कई बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि फिलहाल कॉलरा (हैजा) के मामले नहीं हैं।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Nipah virus and Shigella cases update in kerala how many deaths Health Minister K Muraleedharan updated
केरल में संक्रामक बीमारियों ने बढ़ाई चिंता - फोटो : Adobe Stock Photo

शिगेला-वेस्ट नाइल फीवर और निपाह के बारे में जानिए?
 

  • शिगेला संक्रमण एक बैक्टीरियल बीमारी है जो मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के जरिए फैलती है। यह पेट और आंतों पर असर डालती है और गंभीर स्थिति में शरीर को काफी कमजोर कर सकती है। मुख्य रूप से फेकल-ओरल यानी संक्रमित व्यक्ति के मल में मौजूद सूक्ष्मजीवों के किसी तरह से संपर्क में आने से ये फैलता है।  

 

  • वेस्ट नाइल वायरस एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है और दिमागी बुखार तक का कारण बन सकता है। गंभीर मामलों में यह दिमाग तक पहुंचकर एन्सेफलाइटिस या मेनिन्जाइटिस का कारण बन सकता है।

 

  • इसी तरह निपाह एक जूनोटिक वायरल संक्रमण है, जिसका मतलब है कि यह जानवरों से इंसानों में फैल सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार फल खाने वाले चमगादड़ों से इसके फैलने का खतरा सबसे ज्यादा माना जाता है। शुरुआत इसके लक्षण हल्के बुखार जैसे होते हैं हालांकि गंभीर स्थिति में ये ब्रेन में संक्रमण (एन्सेफलाइटिस) तक का कारण बन सकता है। संक्रमितों में इसकी मृत्यु दर 40% से 75% तक देखी गई है।




--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed