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Fatty Liver: क्या 5 साल से छोटे बच्चों को भी हो सकता है फैटी लिवर रोग? सभी माता-पिता जरूर पढ़ें ये रिपोर्ट

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Thu, 09 Apr 2026 08:14 PM IST
सार

Bacho Me Fatty Liver: फैटी लिवर डिजीज अब सिर्फ बड़ों को होने वाली बीमारी नहीं रही है। बदलती लाइफस्टाइल, जंक फूड की आदत, मीठे ड्रिंक्स और मोबाइल-स्क्रीन पर बढ़ता समय बच्चों में भी इस साइलेंट बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। कहीं आपका बच्चा भी तो इसका शिकार नहीं है?

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बच्चों में फैटी लिवर रोग - फोटो : Amarujala.com

लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी ने शरीर के जिस अंग को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है- लिवर उसमें टॉप पर है। ये अंग शरीर में 500 से ज्यादा महत्वपूर्ण कार्य करता है। खून को फिल्टर करने से लेकर पाचन के लिए पित्त बनाने, टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और प्रोटीन का निर्माण करने के लिए इसका ठीक तरीके से काम करते रहना जरूरी है। हालांकि बिगड़ती दिनचर्या ने इस अंग को काफी मुसीबतों में डाल दिया है।



फैटी लिवर डिजीज यानी लिवर में फैट जमा होने की समस्या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। दो दशकों पहले तक फैटी लिवर को हम बड़ों की बीमारी मानते थे हालांकि ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना, घंटों कुर्सी पर बैठने की आदत और बढ़ते वजन ने युवाओं में इस बीमारी के मामले काफी बढ़ा दिए हैं।

ऐसे में सवाल ये है कि छोटे बच्चे भी फैटी लिवर रोग का शिकार हो सकते हैं? क्या बच्चों के लिवर में भी चुपचाप चर्बी जमा होती जा रही है? आइए इसके बारे में विस्तार से समझ लेते हैं।

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लिवर की बीमारियों के मामले - फोटो : Adobe Stock

फैटी लिवर रोग का बढ़ता खतरा

लिवर में फैट जमा होने वाली ये बीमारी दो तरह की होती है। अल्कोहलिक फैटी लिवर और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी)।

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जो लोग शराब नहीं पीते हैं उनमें भी लिवर की बीमारियां विशेषतौर पर एनएएफएलडी का जोखिम बढ़ता जा रहा है।अध्ययनों के अनुसार, भारत की लगभग 38% आबादी किसी न किसी स्तर पर फैटी लिवर से प्रभावित है और चौंकाने वाली बात ये है कि ज्यादातर लोगों को इस बीमारी का पता ही नहीं होता।

ये समस्या बच्चों को भी शिकार बना रही है।  रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हर तीन में एक वयस्क जबकि 10 में से 1 बच्चे में एनएएफएलडी का खतरा देखा जा रहा है।

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बच्चों में लिवर की बीमारियां - फोटो : Freepil.com

क्या कहती हैं विशेषज्ञ?

अमेरिकन लिवर फाउंडेशन के अनुसार, फैटी लिवर डिजीज से प्रभावित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। पिछले 20 वर्षों में यह संख्या बढ़कर दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। अब लाखों अमेरिकी बच्चे इस बीमारी से जूझ रहे हैं।

यूटी साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर में प्रोफेसर और पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. चरीना मैरी रामिरेज बताती हैं, बच्चों में बढ़ते मोटापे के कारण कम उम्र में ही फैटी लिवर की समस्या काफी बढ़ गई है। 
 

  • सिंपल फैटी लिवर रोग तब होता है जब किसी बच्चे के लिवर में अतिरिक्त फैट जमा हो जाता है, लेकिन वहां कोई सूजन या कोशिकाओं को नुकसान नहीं होता है।
  • नॉन-अल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस रोग तब होता है जब किसी बच्चे के लिवर में अतिरिक्त फैट जमा हो जाता है, जिससे सूजन और कोशिकाओं को नुकसान होता है। अगर इसका इलाज न किया जाए, तो यह स्थिति लिवर स्केर (फाइब्रोसिस और सिरोसिस) का कारण बन सकती है। बड़े होने पर बच्चे में ये लिवर फेलियर या लिवर कैंसर होने का खतरा बढ़ा सकती है।
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बच्चों में अधिक वजन की समस्या और लिवर रोगों का जोखिम - फोटो : Adobe Stock

बच्चों में फैटी लिवर की बीमारी किस वजह से होती है?

डॉक्टर कहते हैं, बच्चों में इस बीमारी की मुख्य वजह खान-पान की खराब आदतें और शारीरिक गतिविधि की कमी है। फैटी लिवर की बीमारी लड़कियों के मुकाबले लड़कों में ज्यादा देखने को मिलती है। यह 10 साल या उससे भी कम उम्र के बच्चों में भी हो सकती है।
 

  • मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, प्री-डायबिटीज या टाइप-2 डायबिटीज भी इसका कारण हो सकता है। 
  • डॉ. रामिरेज कहते हैं, फैटी लिवर बीमारी के महामारी बनने की मुख्य वजह यह है कि बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है।
  • मोटापे से प्रभावित बच्चों में फैटी लिवर होने का खतरा 38% ज्यादा होता है।
  • फैटी लिवर की बीमारी के पीछे आनुवंशिक कारण भी हो सकते हैं, यानी यह माता-पिता से बच्चों में आ सकती है। 
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नवजात में लिवर की बीमारी - फोटो : Freepik.com

नवजात भी हो सकते हैं फैटी लिवर का शिकार

शिशुओं में फैटी लिवर की बीमारी (पीडियाट्रिक एनएएफएलडी) भी एक उभरती हुई समस्या है। यह 3 महीने तक के 25% शिशुओं को प्रभावित कर सकती है। इसका संबंध अक्सर जन्म से पहले के कारकों जैसे कि मां के मोटापा या डायबिटीज, समय से पहले जन्म (प्रीमैच्योरिटी) की वजह से हो सकता है। 

फैटी लिवर की समस्या पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है। इसे अगर समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो यह सिरोसिस और आगे चलकर लिवर कैंसर तक का कारण बन सकता है। लिवर कैंसर के करीब 25–30% मामले फैटी लिवर से जुड़े होते हैं। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।




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स्रोत:
Hepatic Steatosis in Infancy: The Beginning of Pediatric Nonalcoholic Fatty Liver Disease?


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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