लिवर की बीमारियों का खतरा वैश्विक स्तर पर बढ़ता जा रहा है। जो समस्याएं पहले उम्र बढ़ने के साथ देखी जाती थीं वह अब कम उम्र वालों को भी प्रभावित कर रही हैं। लिवर हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन को ऊर्जा में बदलने, शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने, पाचन को ठीक रखने के साथ खून साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में अगर लिवर में कोई दिक्कत आ जाए तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है।
Liver Problem: लिवर की बीमारी का ये सबसे कॉमन लक्षण ज्यादातर लोगों को नहीं पाता, आप भी नहीं हैं अनजान?
अगर लिवर की समस्याओं का शुरुआती स्तर पर ही पता चल जाए तो इलाज करके किसी बड़े खतरे को रोका जा सकता है। हालांकि ज्यादातर लोग समय रहते इसकी पहचान नहीं कर पाते हैं।
लिवर के शुरुआती संकेतों को पहचानिए
लिवर की बीमारियों के बारे में दुनियाभर में जागरूकता बढ़ाने, इसकी शुरुआती पहचान और इलाज को लेकर लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 19 अप्रैल को मनाया वर्ल्ड लिवर डे मनाया जाता है।
डॉक्टर कहते हैं, लिवर की बीमारी के शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो साधारण सी बीमारी भी लिवर फेलियर तक पहुंच सकती है। पीलिया यानी आंखों-त्वचा का रंग पीला पड़ने वाली स्थिति लिवर रोगों का आम संकेत है, जिसे अक्सर लोग एक अलग समस्या मान लेते हैं।
आइए जानते हैं कि ये दिक्कत क्यों होती है और इसका लिवर की समस्याओं के साथ क्या संबंध है?
कहीं आपका लिवर भी तो नहीं है खतरे में
लिवर में होने वाली दिक्कतों के कारण आपको लगातार थकान, भूख कम लगने, पेट में भारीपन, मतली-अपच, शरीर में कमजोरी और बिना कारण वजन घटने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
- कई बार त्वचा में खुजली या हल्की सूजन भी महसूस हो सकती है।
- यह समझना जरूरी है कि पीलिया भी लिवर की बीमारियों का एक लक्षण है।
- जब लिवर ठीक से काम नहीं करता तो शरीर में बिलीरुबिन बढ़ने लगता है।
- इस वजह से आंखों और त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है।
पीलिया की समस्या का लिवर से क्या संबंध है?
लिवर में होने वाली समस्या या इसके ठीक से काम न करने की स्थिति में लिवर बिलीरुबिन नामक तत्व को ठीक तरीके से शरीर से बाहर नहीं निकाल पाता है। बिलीरुबिन का स्तर बढ़ने के कारण आपको आंखों और त्वचा में पीलापन नजर आने लगता है, जिसे पीलिया कहते हैं।
बिलीरुबिन एक पीले रंग का पिगमेंट होता है, जो पुरानी लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने से बनता है। आमतौर पर लिवर इसे शरीर से बाहर निकालता रहता है। रक्त में जब इसका स्तर सामान्य से ज्यादा हो जाता है और लिवर इसे बाहर नहीं कर पाता तो इससे त्वचा और आंखें पीली पड़ जाती हैं।
इस तरह की दिक्कतें हैं तो भी हो जाएं सावधान
लिवर की बीमारी या लिवर के ठीक से काम न करने से पीलिया के अलावा कई अन्य तरह की भी समस्याएं होने लगती हैं, जिसपर समय रहते ध्यान देना और इलाज जरूरी है।
- लिवर में समस्या के कारण शरीर में पानी जमा होने लगता है। इससे पेट, पैरों या टखनों में सूजन आ जाती है।
- पेशाब का रंग गहरा होना या मल के रंग में बदलाव भी लिवर की समस्या का संकेत हो सकता है।
- लिवर की दिक्कतों के कारण याददाश्त में कमी बहुत ज्यादा नींद आने जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
- अगर आपको पेट में बहुत ज्यादा दर्द, अक्सर उल्टी आने या काले-खूनी रंग का मल आ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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