क्या मोटा इंसान हमेशा ज्यादा खाता है? क्या जिम ही एकमात्र रास्ता है वजन घटाने का? इस तरह के सवाल सभी लोगों को परेशान करते रहते हैं। इन सवालों के जवाब अक्सर आप सोशल मीडिया, दोस्त-रिश्तेदार या इंटरनेट से ढूंढने की कोशिश करते हैं, लेकिन क्या वे सही होते हैं?
Health Alert: सेहत के लिए गंभीर चिंता का विषय है मोटापा, इन अफवाहों पर भरोसा करेंगे तो बढ़ जाएगी आपकी परेशानी
मोटापा आप के समय की एक गंभीर समस्या है। ये केवल शरीर का आकार ही नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ा एक जटिल विषय है, जिसे लेकर समाज में कई गलतफहमियां भी हैं। आइए इससे जुड़ी कुछ अफवाहों के बारे में जानते हैं, जिन्हें अक्सर लोग सच मानते हैं।
मिथ: मोटापा सिर्फ ज्यादा खाने से होता है
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा को अक्सर अधिक खाने की आदत से जोड़तर देखा जाता है लेकिन सिर्फ ओवरईटिंग ही इसका कारण नहीं है। हार्मोनल असंतुलन, जेनेटिक प्रवृत्ति, खराब नींद, स्ट्रेस और कुछ दवाएं भी वजन बढ़ने में अहम भूमिका निभाती हैं।
अगर आप शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं, दिनभर बैठे रहते हैं, गलत खानपान है, शराब अधिक पीते हैं यहां तक कि रात की नींद पूरी नहीं होती है तो इन कारणों से भी मोटापा हो सकता है।
(ये भी पढ़िए- मोटापा के बारे में कितना जानते हैं आप, क्यों बढ़ रहा है इसका खतरा?)
लंबे समय तक आहार के माध्यम से शरीर की जरूरत से ज्यादा कैलोरी का सेवन मोटापे का सीधा कारण होता है।
ऐसे में इसे कम करने के लिए आहार और व्यायाम दोनों पर संतुलन स्तर पर ध्यान देना जरूरी होता है। इसलिए बस कम खाना या खाना छोड़ देना मोटापा कम करने का तरीका नहीं हो सकता है। जरूरी है कि आप संतुलित मात्रा में स्वस्थ भोजन करें और दिन में कम से कम 30 मिनट का व्यायाम जरूर करें।
मिथ: मोटापा ग्रस्त लोग मधुमेह का शिकार हो जाते हैं।
मोटापा और डायबिटीज के बीच संबंधों का पता चलता है पर यह सीधे मधुमेह का कारण नहीं बनती है।
टाइप-2 डायबिटीज के लिए मोटापा जरूर एक जोखिम कारक है, लेकिन मोटापे से ग्रस्त हर व्यक्ति को टाइप-2 डायबिटीज होगा ही, यह जरूरी नहीं है। यदि आप स्वस्थ जीवनशैली को प्रयोग में लाते हैं तो मोटापे और डायबिटीज, दोनों के खतरे को कम कर सकते हैं।
मिथ:बच्चों का मोटापा चिंता की बात नहीं है, वे बड़े होकर खुद पतले हो जाएंगे
बच्चों में मोटापे की समस्या काफी गंभीर रही है, बड़ी संख्या में बच्चे इस समस्या से पीड़ित हैं। सबसे गंभीर बात ये सोच है कि- वे बड़े होकर खुद पतले हो जाएंगे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटे बच्चे बड़े होकर भी मोटापे के शिकार रह सकते हैं और उन्हें डायबिटीज, बीपी जैसी बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है। मोटापे के कारण कम उम्र में ही बच्चें हाई ब्लड प्रेशर, हृदय की बीमारी और डायबिटीज का भी शिकार होते जा रहे हैं जो काफी चिंताजनक है।
-----------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
