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Covid-19: कोरोना का कोई भी वैरिएंट हो, इस उपाय से दूर होता है संक्रमण और मौत का खतरा; अध्ययन में दावा

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 05 Jun 2025 06:22 PM IST
सार

Covid-19: स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ज्यादातर लोग की या तो वैक्सीनेशन से या फिर प्राकृतिक संक्रमण से वायरस से मुकाबले की क्षमता मजबूत बनी हुई है। टीकाकरण ने बड़ी संख्या में लोगों की मौतों को भी टाला है।

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कोरोना के गंभीर मामले और मौत - फोटो : Freepik.com

साल 2019-20 से शुरू हुई कोरोना महामारी कब तक जारी रहेगी, ये समस्या कब खत्म होगी, फिलहाल विशेषज्ञों के पास भी इसका कोई जवाब नहीं है। समय-समय पर वायरस में म्यूटेशन के साथ नए वैरिएंट के मामले बढ़ने लगते हैं। पिछले करीब एक महीने से भी यही स्थिति देखी जा रही है। एशिया-अमेरिका के कई हिस्सों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण संक्रमण बढ़ रहा है। भारत में भी जैसी स्थिति बनी हुई है वो चिंता बढ़ा रही है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के इस बार बढ़ते मामलों को लेकर वैसे तो ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ज्यादातर लोगों की या तो वैक्सीनेशन से या फिर प्राकृतिक संक्रमण से वायरस से मुकाबले की क्षमता मजबूत बनी हुई है। वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा समय के साथ कमजोर जरूर हो सकती है, पर फिर भी संक्रमण की स्थिति में ये वायरस को पहचानने और उससे मुकाबल में मदद करती है।

अध्ययन में वैज्ञानिकों ने वैक्सीन को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सबसे प्रभावी और सुरक्षात्मक माना है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट भी इसकी पुष्टि करती है।



(ये भी पढ़िए- 'टेंशन बढ़ा रहा कोरोना', डॉक्टर से जानिए दिल्ली के अस्पतालों की स्थिति और बचाव के लिए जरूरी सलाह)
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कोरोना वैक्सीन संक्रमण का कम करती है खतरा - फोटो : Freepik.com

वैक्सीन से टाला बड़ी संख्या मे मौंतों का खतरा 

पिछले सप्ताह प्रकाशित एक विश्लेषण में वैज्ञानिकों ने बताया कि टीकाकरण ने किस प्रकार से बड़ी संख्या में लोगों की मौतों को टाला है। शोधकर्ताओं ने कहा, बेल्जियम में कोविड-19 वैक्सीनेशन ने 2021 से 2023 के बीच 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में 12,806 मौतों को टाला है।



जनवरी 2021 से बेल्जियम के लोगों के लिए टीके उपलब्ध हैं। यह मृत्यु दर में 54% की कमी दर्शाता है।

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कोरोनावायरस से बचाती है वैक्सीन - फोटो : Adobe stock photos

सभी वैरिएंट्स पर असरदार हैं टीके

वैज्ञानिकों ने कहा, जिस समय डेल्टा जैसे खतरनाक और जानलेवा वैरिएंट का प्रकोप देखा जा रहा था, उसमें वैक्सीनेशन ने 68% मौतें टालीं। टीकों ने अल्फा वैरिएंट की अवधि के दौरान 31% और  ओमिक्रॉन के दौरान 54% मौतों के खतरे को कम किया। 

इस आधार पर अध्ययन के लेखकों ने निष्कर्ष निकाला है कि डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट्स से संक्रमण के दौरान मृत्युदर को कम करने में टीकाकरण प्रभावी रहा। वैक्सीन, कोरोना के सभी वैरिएंट्स के कारण होने वाले संक्रमण और मौत के मामलों के कम करने में असरदार है। ये भविष्य में भी कोरोना के खतरों को कम करने का भी सबसे प्रभावी तरीका है। 

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अपडेटेड कोविड वैक्सीनेशन - फोटो : Freepik.com

अपडेटेड वैक्सीन से मिल सकती है अतिरिक्त सुरक्षा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं किसी अन्य वायरस की तरह कोरोना से बचाव के लिए भी टीकाकरण ही सबसे प्रभावी तरीका रहा है जो आपके शरीर में प्रभावी एंटीबॉडी बनाकर संक्रमण के गंभीर जोखिमों से बचाने में मदद करता है।

जो लोग तीनों टीके ले चुके हैं, उनमें कोरोना से बचाव के लिए पर्याप्त एंटीबॉडीज हैं, समय के साथ इनका प्रभाव जरूर कम हो सकता है पर एंटीबॉडी की मेमेरी सेल्स कोरोना का पहचान करके आपको गंभीर जोखिमों से बचाए रखने में मददगार हैं।

ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के बढ़ते जोखिमों को  देखते हुए वैज्ञानिकों ने कई अपडेटेड टीके भी तैयार कर लिए हैं। ये टीके नए वैरिएंट्स को लक्षित करके बनाए गए हैं।

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वैक्सीनेशन - फोटो : Freepik.com

दो नए टीकों को मिली है मंजूरी

चूंकि एक बार फिर से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, इसी बीच यूएस फूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने दो नई अपडेटेड वैक्सीन को मंजरी दे दी है। माना जा रहा है कि ये टीके नए वैरिएंट्स के खिलाफ भी लोगों को सुरक्षा देने में मददगार हो सकते हैं।

  • पहला मॉडर्ना की एम.नेक्सस्पाइक वैक्सीन है इसे 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को दिया जा सकेगा। ये टीके 12 से 64 वर्ष की आयु के लोगों को भी दिए जा सकते हैं, अगर उनमें कोई कोमोरबिडिटी जैसे अंतर्निहित जोखिम हैं। 
  • दूसरा नोवावैक्स के एक नए टीके नुवैक्सोविड को भी मंजूरी मिली है। इसे भी 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों या फिर कोमोरबिडिटी के शिकार अन्य लोगों को दिया जा सकता है। इन टीकों की विस्तृत रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



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स्रोत 
Averted mortality by COVID-19 vaccination in Belgium between 2021 and 2023


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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