Calorie Leakage in Diet: मोटापे को लेकर हमारे समाज में एक आम धारण है कि जरूर कुछ एक्स्ट्रा खा रहे हैं, इसलिए वजन बढ़ रहा है। अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि लोग वजन घटाने के चक्कर में खाना-पीना तक छोड़ देते हैं, फिर भी शिकायत करते हैं कि 'मैं तो कुछ खाता ही नहीं, फिर भी वजन कम नहीं हो रहा'। इसी विषय पर डॉक्टर मल्हार गणला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने कई ऐसी चीजें बताई हैं जिसके बारे में आपको भी जानना चहिए।
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Real Cause of Weight Gain: मोटापा हमारे देश की एक बड़ी समस्या है जिससे बहुत से लोग परेशान हैं। इसी विषय डॉक्टर मल्हार गणला ने जो बताया है उसके बारे में आपको भी जानना चाहिए। उन्होंने बताया है कि मोटापा बढ़ने का मूल कारण क्या है, साथ ही उन्होंने ये भी बताया है कि क्या खाने से मोटापा दबे पांव धीरे-धीरे बढ़ता ही जाता है।
कैलोरी लीकेज
डॉक्टर गणला के मुताबिक हम अक्सर शरीर की बुनियादी जरूरतों को गलत तरीके से पूरा करने की कोशिश करते हैं। जैसे कुछ लोग पानी की कमी पूरी करने के लिए बार-बार चाय या कॉफी पीते हैं, तो पानी के साथ दूध और चीनी के रूप में भारी मात्रा में कैलोरी शरीर में चली जाती है, इसी को 'कैलोरी लीकेज' कहते हैं। इसी तरह नमक के लिए नमकीन या प्रोसेस्ड फूड का सेवन करना शरीर में कई अनचाहे कैलोरी को भी भरता है। इसलिए जब हम पोषक तत्वों को अस्वस्थ स्रोतों से लेते हैं, तो पोषण कम और मोटापा ज्यादा मिलता है।
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प्रोटीन के नाम पर कैलोरी का लोड
प्रोटीन शरीर की मरम्मत के लिए जरूरी है, लेकिन इसके स्रोत 'क्लीन' होने चाहिए। अगर आप प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए दाल मखनी या पनीर बटर मसाला जैसी भारी चीजें खाते हैं, तो प्रोटीन तो मिलता है लेकिन साथ में अत्यधिक तेल और मक्खन की कैलोरी भी लोड हो जाती है। यह 'कैलोरी लोडिंग' वजन घटाने की प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा बनती है। इसलिए डॉक्टर गणला बताते हैं कि शरीर को केवल प्रोटीन चाहिए, मसालों और तेल का अतिरिक्त भार नहीं।
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प्रिसिजन न्यूट्रिशन का सही तरीका?
डॉक्टर गणला के अनुसार वजन घटाने का मतलब खाना छोड़ना नहीं, बल्कि 'प्रिसिजन न्यूट्रिशन' अपनाना है। इसका अर्थ है कि शरीर को वही दें जिसकी उसे जरूरत है, बिना फालतू कैलोरी के। आपको रोजाना यह सुनिश्चित करना है कि शरीर को 'क्लीन सोर्स' मिले। जैसे पानी के लिए शुद्ध जल, नमक के लिए नींबू पानी और प्रोटीन के लिए उबले हुए अंडे, ग्रिल्ड चिकन या सादी दालें। जब शरीर को सटीक पोषण मिलता है, तो वह जमा फैट को जलाना शुरू कर देता है।
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मोटापे से लड़ने के लिए माइंडसेट बदलना जरूरी है। अगर कोई मोटा है तो उसे शरीर के एनर्जी के लिए पैनिक नहीं होना है क्योंकि उसके पास फैट का भंडार है, लेकिन उसे रोजाना पानी, नमक और प्रोटीन के क्लिन सोर्स का सेवन करना चाहिए। खाना छोड़ने के बजाय यह सोचें कि आपके शरीर में जाने वाला हर निवाला कितना साफ और पौष्टिक है। अपनी डाइट को प्रिसाइज (सटीक) बनाएं और कैलोरी लोडिंग से बचें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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